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Meerut News: रिमाउंट वेटरनरी कोर में शामिल हुए 20 युवा आर्मी ऑफिसर
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हरमन सिटी स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में बोलते जिलाध्यक्ष हरवीर सिंह पाल। स्
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। छावनी स्थित आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज में आरवीवाईओ-94 बैच के 20 युवा आर्मी ऑफिसरों ने 22 हफ्ते की कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग पूरी कर ली। वे रिमाउंट वेटरनरी कोर में शामिल हो गए।
इस बैच में तीन लेडी ऑफिसर और 17 जेंटलमैन ऑफिसर शामिल रहे। इन अधिकारियों ने 24 दिसंबर 2025 से 26 मई 2026 तक ट्रेनिंग ली और आम लोगों से मिलिट्री लीडर बनने के बाद रिमाउंट वेटरनरी कोर की रेगुलर यूनिट में तैनात हुए। रिमाउंट वेटरनरी कोर भारतीय सेना की खास ब्रांच में से एक है। यह लड़ाई में ऑपरेशनल तैनाती के लिए घोड़ों और मिलिट्री के काम करने वाले कुत्तों को वेटरनरी सर्विस दिलाने में सहयोगी है।
प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में इंटेंसिव फिजिकल कंडीशनिंग, टैक्टिकल एक्सरसाइज, मिलिट्री लीडरशिप डेवलपमेंट और प्रोफेशनल एक्सीलेंस को शामिल किया गया था, जिसे ऑफिसर्स को फॉरवर्ड फील्ड एरिया में मुश्किल माहौल में सर्विस के लिए तैयार करने को डिजाइन किया गया था। पूरे कोर्स के दौरान, ऑफिसर्स को अनुशासन, लचीलापन, मानसिक मजबूती, ऑपरेशनल तैयारी और इंडियन आर्मी के मूल्यों और परंपराओं को बनाए रखते हुए प्रशिक्षित किया गया। कई ऑफिसर्स ने आर्म्ड फोर्सेज में आने के लिए पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी डिग्री प्रोग्राम, अच्छी एकेडमिक और कॅरिअर की संभावनाओं को छोड़ दिया।
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बुधवार को पासिंग आउट सेरेमनी के दौरान आरवीसी सेंटर और कॉलेज के कमांडेंट मेजर जनरल लक्ष्मीकांत मदरेवार ने कैप्टन तन्मय गौतम को ट्रेनिंग के दौरान उनके शानदार ऑल-राउंड परफॉर्मेंस, लीडरशिप क्वालिटी और प्रोफेशनल एक्सीलेंस के लिए एआरटीआरएसी गोल्ड मेडल प्रदान किया।
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मेरठ। छावनी स्थित आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज में आरवीवाईओ-94 बैच के 20 युवा आर्मी ऑफिसरों ने 22 हफ्ते की कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग पूरी कर ली। वे रिमाउंट वेटरनरी कोर में शामिल हो गए।
इस बैच में तीन लेडी ऑफिसर और 17 जेंटलमैन ऑफिसर शामिल रहे। इन अधिकारियों ने 24 दिसंबर 2025 से 26 मई 2026 तक ट्रेनिंग ली और आम लोगों से मिलिट्री लीडर बनने के बाद रिमाउंट वेटरनरी कोर की रेगुलर यूनिट में तैनात हुए। रिमाउंट वेटरनरी कोर भारतीय सेना की खास ब्रांच में से एक है। यह लड़ाई में ऑपरेशनल तैनाती के लिए घोड़ों और मिलिट्री के काम करने वाले कुत्तों को वेटरनरी सर्विस दिलाने में सहयोगी है।
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प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में इंटेंसिव फिजिकल कंडीशनिंग, टैक्टिकल एक्सरसाइज, मिलिट्री लीडरशिप डेवलपमेंट और प्रोफेशनल एक्सीलेंस को शामिल किया गया था, जिसे ऑफिसर्स को फॉरवर्ड फील्ड एरिया में मुश्किल माहौल में सर्विस के लिए तैयार करने को डिजाइन किया गया था। पूरे कोर्स के दौरान, ऑफिसर्स को अनुशासन, लचीलापन, मानसिक मजबूती, ऑपरेशनल तैयारी और इंडियन आर्मी के मूल्यों और परंपराओं को बनाए रखते हुए प्रशिक्षित किया गया। कई ऑफिसर्स ने आर्म्ड फोर्सेज में आने के लिए पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी डिग्री प्रोग्राम, अच्छी एकेडमिक और कॅरिअर की संभावनाओं को छोड़ दिया।
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बुधवार को पासिंग आउट सेरेमनी के दौरान आरवीसी सेंटर और कॉलेज के कमांडेंट मेजर जनरल लक्ष्मीकांत मदरेवार ने कैप्टन तन्मय गौतम को ट्रेनिंग के दौरान उनके शानदार ऑल-राउंड परफॉर्मेंस, लीडरशिप क्वालिटी और प्रोफेशनल एक्सीलेंस के लिए एआरटीआरएसी गोल्ड मेडल प्रदान किया।