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अब यू ट्यूब-व्हाट्स एप पर दिखेगी माध्यमिक स्कूलों की क्लास
Updated Fri, 20 Apr 2018 02:52 AM IST
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अब यू ट्यूब-व्हाट्स एप पर दिखेगी माध्यमिक स्कूलों की क्लास
मेरठ। माध्यमिक स्कूलों के नए सत्र की क्लास व्हाट्सएप और यू ट्यूब पर देखने को मिलेगी। साथ ही सीबीएससी और आईसीसी स्कूलों की तर्ज पर खिलाड़ी भी तैयारी किए जाएंगे। इसके अलावा छात्राओं की सुरक्षा पर खास फोकस होगा। उनके लिए स्कूलों में एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जो उनके मामले देखेगी। वहीं, प्रधानाचार्य भी क्लास लेते और बायोमेट्रिक अटेंडेस लगाते नजर आएंगे।
बृहस्पतिवार को कैंट स्थित सेंट जोजफ इंटर कॉलेज में माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों और प्रधानाचार्यों की बैठक आयोजित की गई। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल ने कहा कि पैरेंट्स टीचर एसोसिएशन (पीटीए) के तहत फीस लेना नियमानुसार गलत है। यह एक तरह का दान है जो स्वेच्छा से दिया जाता है। अगर किसी स्कूल में यह लिया जाता है तो इसकी रसीद देनी होगी। साथ ही इसे दबाव बनाकर नहीं लिया जाएगा। वित्तविहीन स्कूलों में पब्लिक स्कूलों के लिए आए शासन के निर्देशों के तहत ही फीस वृद्धि की जाएगी, इससे ज्यादा नहीं। हाल ही में शासन के निर्देश आए हैं कि पब्लिक स्कूलों में 2015-16 केआधार पर सूचकांक और पांच प्रतिशत से ज्यादा फीस वृद्धि न की जाए।
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जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने कहा कि स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा पर खास फोकस रखा जाए। इसके लिए कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें महिला शिक्षक ही हों। छात्राओं के लिए एक अलग कमरा भी रहे। साथ ही स्कूलों में स्पोर्ट्स को तरजीह दी जाएगी, जिससे स्कूलों से अच्छे खिलाड़ी निकल सकें। जिस बच्चे की जिस खेल में रूचि होगी उसे उसी में आगे बढ़ाया जाएगा। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने भी सहमति जताई और कहा कि विभिन्न खेलों के लिए जिला स्तर पर गठित टीम के ट्रायल में भी इन बच्चों को मौका दिया जाएगा।
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डीआईओएस ने कहा कि फिजिक्स, केमिस्ट्री, गणित आदि विषयों की क्लास के शिक्षक अपने अच्छे लेक्चर की वीडियो रिकॉर्ड करें और उसे माध्यमिक स्कूलों के प्रिंसिपल या डीआईओएस के ग्रुप पर शेयर करें, जिससे दूसरे स्कूूलों के शिक्षक भी इससे मदद लेनी चाहे तो ले सकें। इसे यू ट्यूब पर भी डालकर विद्यार्थियों की मदद कर सकते हैं। इस दौरान सेंट जोजफ इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल बालकृष्ण, चावली देवी इंटर कॉलेज की डॉ. नीलम, राजकीय इंटर कॉलेज के फतेह चंद, डीएन इंटर कॉलेज के सुशील कुमार आदि समेत करीब सवा तीन सौ स्कूलों के प्रधानाचार्य रहे।
भ्रष्टाचार केखिलाफ चल रही मुहिम
संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल ने कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं। इसमें सभी का सहयोग चाहिए। एक साथ मिलकर सब इससे लड़ेंगे तो माध्यमिक शिक्षा में चल रहे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। गौरतलब है कि कई शिक्षकों पर अब तक गाज गिर चुकी है।
बायोमेट्रिक अटेंडेंस का हुआ विरोध
डीआईओएस के यह कहने पर प्रधानाचार्यों को भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगानी चाहिए, जिससे इसका अच्छा मैसेज जाए। बाकी शिक्षक इसका विरोध न कर सकें। इस पर कई प्रधानाचार्यों ने एतराज जताया। कहा कि ऐसा कोई शासनदेश नहीं है। शासनदेश आएगा तो ही अमल किया जाएगा। वहीं, केके इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य वीर बहादुर सिंह ने इस पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि वह खुद बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाते हैं।
फार्म भरने की जिम्मेदारी शिक्षकों की
यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय सचिव राणा सहस्त्रांशु सुमन ने कहा कि इस बार काफी विद्यार्थी ऐसे आए, जिनके हाईस्कूल और इंटर के में भरे गए फार्म में गलती थी और वह परीक्षा नहीं दे सके। यह जिम्मेदारी उस स्कूल के शिक्षकों की है, न की विद्यार्थियों की। लिहाजा यह जिम्मेदारी समझें, जिससे विद्यार्थी परेशान न हों। जो बदलाव होगा वह हाईस्कूल के फार्म में ही होगा, इंटर के फार्म में नहीं।
इन बिंदुओं पर भी हुई समीक्षा
शिक्षण सत्र 2018-19 एक अप्रैल से आरंभ हो चुका है। शैक्षिक पंचांग भी ईमेल और व्हाट्स एप पर भेजा जा चुका है। किसी भी दशा में अमान्य बोर्डों से उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं दिए जाने की हिदायत दी गई है। अमान्य और मान्य बोर्डों की सूची पूर्व में ही प्रेषित की जा चुकी है। एनसीईआरटी की किताबों की उपलब्धता की क्या स्थिति है। दावा किया गया कि पर्याप्त उपलब्धता है।
प्रेरणा देने वाली हो प्रार्थना, आखिरी घंटा हो एक्टिविटी का
जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि स्कूलों की प्रार्थना प्रेरणा देने वाली होनी चाहिए। साथ ही आखिरी का घंटा एक्टिविटी (डिबेट, गेम्स आदि) का हो तो बेहतर है, इससे विद्यार्थियों में ऊर्जा बनी रहेगी। इसके अलावा स्कूल की दीवार पर जागरूक करने वाले स्लोगन लगाए जाने चाहिए।
खास बातें:
स्कूलों में तैयार किए जाएंगे खिलाड़ी, छात्राओं की सुरक्षा होगी खास
पीटीए के तहत नहीं ली जाएगी फीस, दान की देनी होगी रसीद
प्रधानाचार्य भी लेंगे क्लास, लगाएंगे बायोमेट्रिक अटेंडेंस