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कैंट बोर्ड -
Updated Wed, 07 Feb 2018 01:57 AM IST
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आरआर मॉल की आठ दुकानों की सील तोड़ी
मेरठ। बंगला नंबर 210बी के आर-आर मॉल में चार लोगों की मौत के बाद भी कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। यहां किसी भी दिन हादसा हो सकता है, लेकिन मंगलवार को कई व्यापारियों ने ग्राउंड फ्लोर की आठ दुकानों की सील तोड़कर यहां दुकानें खोलने के लिए बोर्ड लगा दिए। सूचना पर पहुंचे कैंट बोर्ड के कर्मचारियों का विरोध किया गया। इस मामले में सदर बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद सीईओ ने कार्रवाई के लिए फोर्स मांगी है। पूरे प्रकरण से हाईकोर्ट को अवगत कराया जा रहा है।
9 जुलाई 2016 को बंगला नंबर 210बी के आर-आर माल के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी। ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी। मौके पर ग्राउंड फ्लोर का हिस्सा रह गया था। बीते दिनों कैंट बोर्ड ने बिल्डिंग के मलबे को उठवा लिया था। इसके बाद यहां पर ग्राउंड फ्लोर की आठ दुकानों में व्यापारियों ने अपना सामान रख दिया। अपने बोर्ड लगा दिए। व्यापारियों का कहना था कि ये दुकानें उनकी हैं। मंगलवार को जैसे ही इसकी जानकारी कैंट बोर्ड को हुई तो टीम मौके पर पहुंच गई। व्यापारियों ने दुकानें अपनी बताते हुए टीम का विरोध कर दिया। पूरे मामले में कैंट बोर्ड के सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट ने मॉल ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। मॉल का जो मलबा है वह कैंट बोर्ड की संपत्ति है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का कब्जा करना हाईकोर्ट की अवमानना है। सीईओ ने बताया कि इस मामले में कार्रवाई के लिए डीएम-एसएसपी को पत्र भेजकर फोर्स मांगी गई है ताकि इस जगह से कब्जा हटवाया जा सके। हाईकोर्ट को भी इससे अवगत कराया जा रहा है। इंस्पेक्टर सदर बाजार ने बताया कि कैंट बोर्ड सीईओ की तहरीर पर वेस्ट एंड रोड निवासी मैसर्स अभिषेक ज्वैलर्स के खिलाफ धारा 176 और धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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मेरठ। बंगला नंबर 210बी के आर-आर मॉल में चार लोगों की मौत के बाद भी कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। यहां किसी भी दिन हादसा हो सकता है, लेकिन मंगलवार को कई व्यापारियों ने ग्राउंड फ्लोर की आठ दुकानों की सील तोड़कर यहां दुकानें खोलने के लिए बोर्ड लगा दिए। सूचना पर पहुंचे कैंट बोर्ड के कर्मचारियों का विरोध किया गया। इस मामले में सदर बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद सीईओ ने कार्रवाई के लिए फोर्स मांगी है। पूरे प्रकरण से हाईकोर्ट को अवगत कराया जा रहा है।
9 जुलाई 2016 को बंगला नंबर 210बी के आर-आर माल के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी। ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी। मौके पर ग्राउंड फ्लोर का हिस्सा रह गया था। बीते दिनों कैंट बोर्ड ने बिल्डिंग के मलबे को उठवा लिया था। इसके बाद यहां पर ग्राउंड फ्लोर की आठ दुकानों में व्यापारियों ने अपना सामान रख दिया। अपने बोर्ड लगा दिए। व्यापारियों का कहना था कि ये दुकानें उनकी हैं। मंगलवार को जैसे ही इसकी जानकारी कैंट बोर्ड को हुई तो टीम मौके पर पहुंच गई। व्यापारियों ने दुकानें अपनी बताते हुए टीम का विरोध कर दिया। पूरे मामले में कैंट बोर्ड के सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट ने मॉल ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। मॉल का जो मलबा है वह कैंट बोर्ड की संपत्ति है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का कब्जा करना हाईकोर्ट की अवमानना है। सीईओ ने बताया कि इस मामले में कार्रवाई के लिए डीएम-एसएसपी को पत्र भेजकर फोर्स मांगी गई है ताकि इस जगह से कब्जा हटवाया जा सके। हाईकोर्ट को भी इससे अवगत कराया जा रहा है। इंस्पेक्टर सदर बाजार ने बताया कि कैंट बोर्ड सीईओ की तहरीर पर वेस्ट एंड रोड निवासी मैसर्स अभिषेक ज्वैलर्स के खिलाफ धारा 176 और धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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