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संशोधित --- एनआईए की टीम पर हमला कर हथियार सप्लायर को छुड़ाया-Cordination

Mon, 04 Dec 2017 01:18 AM IST
Updated Mon, 04 Dec 2017 01:18 AM IST
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संशोधित --- एनआईए की टीम पर हमला कर हथियार सप्लायर को छुड़ाया-Cordination

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एनआईए की टीम पर हमला कर हथियार सप्लायर को छुड़ाया

गाजियाबाद/मेरठ। लुधियाना में आरएसएस नेता रविंदर गोसाई की हत्या के मामले में मोदीनगर क्षेत्र के नाहली गांव से पिस्तौल सप्लायर मलूक को गिरफ्तार करके लौट रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाएड (एटीएस) और पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर मलूक को छुड़ा लिया। पुलिस ने मलूक को दोबारा पकड़ने का प्रयास किया तो भीड़ ने पथराव किया और गोलियां चलाईं। जिसमें एक गोली क्राइम ब्रांच के सिपाही तहजीब के पैर में लगी। सुबह करीब पांच बजे हुई इस घटना में पुलिस के कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस ने हथियार सप्लायर मलूक समेत सात लोगों को नामजद कर करीब 50 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है। 17 अक्तूबर को लुधियाना में हुई आरएसएस नेता की हत्या की जांच एनआईए कर रही है। एनआईए को जानकारी मिली थी कि हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल भोजपुर के गांव नहाली निवासी मलूक ने मुहैया कराई थी।
एनआईए व एटीएस के अधिकारी शनिवार आधी रात मेरठ पहुंचेे थे। एसएसपी मंजिल सैनी को जांच एजेंसियों के अधिकारियों ने बताया था कि इस हत्याकांड में मेरठ से दो लोगों को हिरासत में लेना है। एसएसपी के निर्देश पर सीओ सदर देहात, सीओ किठौर, चार थानेदारों और क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच एजेंसियों की टीम के साथ दबिश देकर पल्लवपुरम के बलवंत एंकलेव से एनके त्यागी और खरखौदा के लालपुर गांव से पहाड़ सिंह को हिरासत में ले लिया। इनसे पूछताछ के बाद रविवार की सुबह पांच बजे एनआईए, एटीएस एवं एसओजी मेरठ की 25 सदस्यीय टीम ने मोदीनगर के गांव नहाली में दबिश दी। टीम ने हथियार सप्लायर मलूक को उसके घर से धर दबोचा और पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाने लगे। गांव में इसकी सूचना फैली तो महिलाओं और गांव वासियों ने बुग्गी लगाकर टीम का रास्ता रोक दिया और पथराव कर दिया। मौके का फायदा उठाकर मलूक भाग निकला। पुलिस ने दोबारा उसे पकड़ने का प्रयास किया तो भीड़ ने टीम पर पथराव और फायरिंग कर दी। पुलिस टीम ने भी जवाबी फायर किया। दोनों पक्षों के बीच करीब 20 राउंड फायर हुए। मुठभेड़ में एसओजी सिपाही तहजीब के पैर में गोली लगी है, उसे मेरठ स्थित आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पथराव में एसओजी प्रभारी संजीव समेत छह पुलिस कर्मियों को चोटें आईं हैं।
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कई घंटे चला बवाल, 50 से ज्यादा लोगों पर एफआईआर
नहाली गांव में कई घंटे तक बवाल चला। गाजियाबाद के कई थानों समेत मेरठ से भी पुलिस फोर्स बुलाई गई। गाजियाबाद के एसपी सिटी आकाश तोमर, एसपी देहात अरविंद मौर्य समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोर्स ने गांव में रूट मार्च किया। एनआईए, एसओजी व स्थानीय पुलिस पर फायरिंग और पथराव करने के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। भोजपुर थाना प्रभारी रामेश्वर सिंह ने बताया कि जांच टीम पर पथराव, सरकारी काम में बाधा डालने समेत कई अन्य धाराओं में मलूक, चाचा मुस्तकीन व रईस, भाई तरीकत, नौशाद, नौभार और शहजाद को नामजद कर करीब 50 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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यह था मामला
लुधियाना में 17 अक्तूबर को आरएसएस नेता रविंदर गोसाईं की हत्या हुई थी। वह आरएसएस की मोहन शाखा में मुख्य शिक्षक थे। उन्हें घर के बाहर दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने गोली मार दी थी। पुलिस ने रमनदीप सिंह और हरदीप सिंह नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि वैचारिक नफरत में हत्या की यह साजिश रची गई। इसमें सिख अतिवादी तत्व और अन्य के शामिल होने की आशंका है। इनके तार ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, यूएई और पाकिस्तान में से जुड़े हैं।

गोली लगने के बाद मची अफरातफरी
दबिश के दौरान सिपाही को गोली लगने का मामला लखनऊ तक गूंज गया। पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली। घायल सिपाही को मेरठ के आनंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। रविवार दोपहर को सिपाही के पैर का ऑपरेशन किया गया। एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार सिपाही की हालत ठीक है। इसकी रिपोर्ट लखनऊ भेज दी गई है।

नाहली के प्रधान का भी हत्यारोपी है मलूक
पुलिस ने बताया कि जिस मलूक की एनआईए को तलाश है, वह नाहली के ग्राम प्रधान की हत्या का भी आरोपी है। जिसे पुलिस ने जेल भेजा था। इससे पहले भी मलूक का आपराधिक रिकॉर्ड बताया जा रहा है।


कोट
एनआईए और एटीएस के साथ मेरठ पुलिस भोजपुर गई थी। जहां पर एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया था। इसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला बोला था। जिसमें मेरठ क्राइम ब्रांच के सिपाही को गोली लगी है। आरएसएस नेता की हत्या के मामले में सुरक्षा एजेंसियां जांच कर हैं। -प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन
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