{"_id":"5a15f2764f1c1bca678bd16a","slug":"191511387766-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां भगवती ज्योति स्वरूपा प्रकाश है: कथा व्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां भगवती ज्योति स्वरूपा प्रकाश है: कथा व्यास
Updated Thu, 23 Nov 2017 03:38 AM IST
विज्ञापन
मां भगवती के चिंतन से होता है क्रोध समाप्त
मेरठ। मां भगवती का चिंतन करने से मनुष्य के काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, राग, द्वेष सब समाप्त हो जाते हैं। जहां मद है वहां मदसर जरूर है। आपका चिंतन ही आपका भविष्य है। यह प्रवचन कथा व्यास श्रीकांत शर्मा ने बाबा औघड़नाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा में दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा चिंतन करेगा भविष्य में वैसा ही स्वरूप बन पाएगा। मां भगवती ज्योति स्वरूपा प्रकाश हैं। महिषासुर अंधकार है। उन्होंने कहा कि मां जैसी करुणा किसी अन्य के हृदय में नहीं जाग सकती। मां भगवती की करुणा, ममता और प्यार कभी समाप्त नहीं हो सकता। मुख्य यजमान छावनी परिषद के सीईओ राजीव श्रीवास्तव, रक्षा संपदा अधिकारी भावना सिंह रहे। डॉ. महेश बंसल, सतीश सिंहल, धीरेंद्र सिंहल, अजय बंसल, सुनील गोयल, सुधीर अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, ब्रजभूषण गुप्ता, मुकेश गुप्ता, कैलाश चंद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मेरठ। मां भगवती का चिंतन करने से मनुष्य के काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, राग, द्वेष सब समाप्त हो जाते हैं। जहां मद है वहां मदसर जरूर है। आपका चिंतन ही आपका भविष्य है। यह प्रवचन कथा व्यास श्रीकांत शर्मा ने बाबा औघड़नाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा में दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा चिंतन करेगा भविष्य में वैसा ही स्वरूप बन पाएगा। मां भगवती ज्योति स्वरूपा प्रकाश हैं। महिषासुर अंधकार है। उन्होंने कहा कि मां जैसी करुणा किसी अन्य के हृदय में नहीं जाग सकती। मां भगवती की करुणा, ममता और प्यार कभी समाप्त नहीं हो सकता। मुख्य यजमान छावनी परिषद के सीईओ राजीव श्रीवास्तव, रक्षा संपदा अधिकारी भावना सिंह रहे। डॉ. महेश बंसल, सतीश सिंहल, धीरेंद्र सिंहल, अजय बंसल, सुनील गोयल, सुधीर अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, ब्रजभूषण गुप्ता, मुकेश गुप्ता, कैलाश चंद आदि मौजूद रहे।