{"_id":"59c0351d4f1c1bac688b53f1","slug":"191505768733-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रैली से एनएच-58 तीन घंटे जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रैली से एनएच-58 तीन घंटे जाम
Updated Tue, 19 Sep 2017 02:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। वेदव्यासपुरी के मैदान पर सोमवार को आयोजित बसपा सुप्रीमो मायावती की रैली से एनएच-58 पर ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ा गयी। दिल्ली- देहरादून हाईवे पर दोपहर एक बजे से करीब तीन घंटे तक वाहनों की रफ्तार थमी रही। हाईवे के अलावा शहर में लगे भीषण जाम के आगे सरकारी सिस्टम बेबस नजर आया। शाम चार बजे के बाद किसी तरह ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य हो पायी।
रैली में भाग लेने के लिए सुबह दस बजे ही लोगों का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया था। मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्घनगर, बुलंदशहर, हापुड़ के अलावा सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल के जिलों के लोग रैली में आए थे। ट्रैफिक पुलिस ने रैली की बसों, ट्रैक्टर ट्रॉलियों, ऑटो, टेंपो और कारों के लिए हाईवे से हटकर पार्किंग बनाई थी। दोपहर 12 बजे तक तो ट्रैफिक व्यवस्था पुलिस अफसरों के हाथों में दिखी। लेकिन जैसे-जैसे रैली के लिए हुजूम उमड़ना शुरू हुआ तो व्यवस्था चरमराना शुरू हो गई।
रैली खत्म होते ही व्यवस्था धड़ाम
मायावती का भाषण खत्म भी नहीं हुआ था कि दोपहर एक बजे ही रैली में आए लोगों ने बसों और अन्य वाहनों से लौटना शुरू कर दिया था। जिसके चलते हाईवे पर बसों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लाइन लगने से 5-6 किमी लंबा जाम लग गया। भीषण जाम में रैली और हाईवे से गुजरने वाले वाहनों के अलावा पुलिस के वाहन भी फंस गए। ट्रैफिक सुचारु करने में सरकारी तंत्र की व्यवस्था धड़ाम हो गयी।
विज्ञापन
बौने पड़ गए इंतजाम
हाईवे पर जाम न लगे और ट्रैफिक व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए सीओ ट्रैफिक, टीआई, टीएसआई समेत 70 पुलिस कर्मी लगाए गए थे। लेकिन सही प्लानिंग न होने और वाहनों की संख्या के आगे ट्रैफिक व्यवस्था के इंतजाम बौने साबित हुए।
शहर में प्रतिबंधित थे रैली के वाहन
रैली में जाने वाले वाहनों की शहर में एंट्री नहीं थी। बाहरी जिलों से रैली में आने वाले वाहनों के चलते मवाना रोड, कमिश्नर आवास चौराहा, जीरो माइल, कंकरखेड़ा फ्लाईओवर, रोहटा फ्लाईओवर, बागपत फ्लाईओवर के नीचे भी भीषण जाम लगा रहा। हापुड़ पर बिजली बंबा चौकी, बिजली बंबा बाईपास पर नूरनगर हॉल्ट दिल्ली रोड पर शॉप्रिक्स माल तिराहा, परतापुर तिराहा पर भी घंटो जाम की स्थिति बनी रही। मुजफ्फरनगर की तरफ से आने वाले वाहनों के चलते मोदीपुरम तिराहे पर भी भीषण जाम रहा।
हाईवे के साथ अन्य मार्ग भी जाम
रैली में आने वाले वाहनों के जाम के चलते अन्य सैकड़ों वाहन भी जाम में फंस गये। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रैली में जाने के लिए शहर के अधिकांश लोग बागपत रोड से ही अपने वाहन लेकर निकले। जिसके चलते रेलवे रोड चौराहा, दिल्ली रोड, मेट्रो प्लाजा, बागपत रोड पर भी भीषण जाम की स्थिति रही। शाम चार बजे रैली के वाहन शहर से बाहर हुए तो हाईवे और शहर में ट्रैफिक सामान्य हुआ।
खास बात
- रैली में आई बसों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों ने बिगाड़ी ट्रैफिक व्यवस्था
- करीब तीन घंटे रहा हाईवे जाम, बेबस नजर आया सरकारी सिस्टम
विज्ञापन
रैली में भाग लेने के लिए सुबह दस बजे ही लोगों का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया था। मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्घनगर, बुलंदशहर, हापुड़ के अलावा सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल के जिलों के लोग रैली में आए थे। ट्रैफिक पुलिस ने रैली की बसों, ट्रैक्टर ट्रॉलियों, ऑटो, टेंपो और कारों के लिए हाईवे से हटकर पार्किंग बनाई थी। दोपहर 12 बजे तक तो ट्रैफिक व्यवस्था पुलिस अफसरों के हाथों में दिखी। लेकिन जैसे-जैसे रैली के लिए हुजूम उमड़ना शुरू हुआ तो व्यवस्था चरमराना शुरू हो गई।
विज्ञापन
रैली खत्म होते ही व्यवस्था धड़ाम
मायावती का भाषण खत्म भी नहीं हुआ था कि दोपहर एक बजे ही रैली में आए लोगों ने बसों और अन्य वाहनों से लौटना शुरू कर दिया था। जिसके चलते हाईवे पर बसों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लाइन लगने से 5-6 किमी लंबा जाम लग गया। भीषण जाम में रैली और हाईवे से गुजरने वाले वाहनों के अलावा पुलिस के वाहन भी फंस गए। ट्रैफिक सुचारु करने में सरकारी तंत्र की व्यवस्था धड़ाम हो गयी।
विज्ञापन
बौने पड़ गए इंतजाम
हाईवे पर जाम न लगे और ट्रैफिक व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए सीओ ट्रैफिक, टीआई, टीएसआई समेत 70 पुलिस कर्मी लगाए गए थे। लेकिन सही प्लानिंग न होने और वाहनों की संख्या के आगे ट्रैफिक व्यवस्था के इंतजाम बौने साबित हुए।
शहर में प्रतिबंधित थे रैली के वाहन
रैली में जाने वाले वाहनों की शहर में एंट्री नहीं थी। बाहरी जिलों से रैली में आने वाले वाहनों के चलते मवाना रोड, कमिश्नर आवास चौराहा, जीरो माइल, कंकरखेड़ा फ्लाईओवर, रोहटा फ्लाईओवर, बागपत फ्लाईओवर के नीचे भी भीषण जाम लगा रहा। हापुड़ पर बिजली बंबा चौकी, बिजली बंबा बाईपास पर नूरनगर हॉल्ट दिल्ली रोड पर शॉप्रिक्स माल तिराहा, परतापुर तिराहा पर भी घंटो जाम की स्थिति बनी रही। मुजफ्फरनगर की तरफ से आने वाले वाहनों के चलते मोदीपुरम तिराहे पर भी भीषण जाम रहा।
हाईवे के साथ अन्य मार्ग भी जाम
रैली में आने वाले वाहनों के जाम के चलते अन्य सैकड़ों वाहन भी जाम में फंस गये। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। रैली में जाने के लिए शहर के अधिकांश लोग बागपत रोड से ही अपने वाहन लेकर निकले। जिसके चलते रेलवे रोड चौराहा, दिल्ली रोड, मेट्रो प्लाजा, बागपत रोड पर भी भीषण जाम की स्थिति रही। शाम चार बजे रैली के वाहन शहर से बाहर हुए तो हाईवे और शहर में ट्रैफिक सामान्य हुआ।
खास बात
- रैली में आई बसों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों ने बिगाड़ी ट्रैफिक व्यवस्था
- करीब तीन घंटे रहा हाईवे जाम, बेबस नजर आया सरकारी सिस्टम