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हिंदुस्तान में मुसलमान किराएदार नहीं हिस्सेदार है: शफीकुर्रहमान
Updated Sat, 02 Sep 2017 08:15 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
हिंदुस्तान में मुसलमान किराएदार नहीं, हिस्सेदार है। देश की आजादी में मुसलमानों ने बड़ी कुर्बानी दी है। यदि किसी को शक हो तो वह अशोक की लाट पर लिखे 52 उन मुसलमानों के नाम पढ़ सकता है जिन्होंने देश की लिए शहादत दी। उसके बाद भी मुल्क मेें मुसलमानों के खिलाफ षडयंत्र रचा जा रहा है। सरकार मुसलमानों पर जुल्म कर रही हैं। इस सब के लिए कहीं न कहीं मुसलमान स्वयं जिम्मेदार है। क्योंकि मुसलमान में अशिक्षा, एकजुटता का न होना है। यह बात शाही ईदगाह पर कारी शफीकुर्रहमान ने ईद-उल-अजहा की नमाज से पहले कही।
उन्होंने जहां तीन तलाक पर तकरीर की वहीं कुर्बानी पर भी अकीदमंदों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर मुसलमानों को गंभीर होना चाहिए। मियां बीबी थोड़ी बहुत कहासुनी पर ही तलाक जैसा कदम न उठाएं। इन सभी बुराइयों को दूर करने के लिए शिक्षा पर अधिक ध्यान देना होगा। सरकार तीन तलाक पर कानून बना रही है जो सीधे दीनी कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारों के जुल्म से बचना है तो आने वाले चुनावों में एकजुट होकर अपनी भागेदारी करें। उन्होंने कुर्बानी पर कहा कि हर आदमी कुर्बानी कर रहा है। नबी की सुन्नत को जिंदा करने के लिए कुर्बानी दी जाती है। उन्होंने कहा कि मुसलमान शादियों में फिजूली रस्म ओ रिवाज बंद करें। खड़े होकर खाना न खाएं। मुसलमानों को आज अपने आपको समझने की जरूरत है। उन्होंने सभी मुसलमानों से पशुओं की खाल और अवशेष सड़क पर न फेंकने की अपील की। वहीं पॉलिथीन का इस्तेमाल न करने की भी अपील की। घर घर में शौचालय बनाने का भी संदेश दिया गया।
केवल अल्लाह की इबादत करें : शहरकाजी
शहरकाजी जैनुस साजिद्दीन ने शाही ईदगाह पर ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ाने से पहले खिताब फरमाते हुए कहा कि तमाम हालात का मुकाबला करने के लिए तैयार रहना चाहिए। अल्लाह के अलावा हम किसी की इबादत नहीं करते। आज मुल्क में हमारे कानूनी सरीयत, जुबान और हमारे बुजुर्गों के ऊपर हमले किए जा रहे हैं। ऐसे समय में हजरत इब्राहिम के बताए रास्ते पर ही चलना उचित होगा। हालात जो भी मुसलमान को कुरान पर अमल करना चाहिए। यदि हमें कुरान पर चलने से रोका जाता है तो हम किसी भी कुर्बानी के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि ईद की नमाज में सभी अल्लाह से दुआ करें कि सभी के पास अच्छी तालीम हो।
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ईदगाह से हुई मुल्क में अमन और शांति की दुआ
शहरकाजी ने ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ाने के बाद मुल्क में अमन और शांति की दुआ कराई गई। सभी नमाजियों ने दुआ की। अपने गुनाहों की अल्लाह से तौबा की। उन्होंने कहा कि अल्लाह के कानून पर अमल करें। शिक्षा पर सबसे अधिक ध्यान दें। दीनी तालीम के साथ साथ दुनियावी तालीम को भी प्राथमिकता पर लें।
डीएम, एसएसपी ने भी मिली ईद
दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह पर जिला प्रशासन ने भी ईद मिलन कैंप लगाया। डीएम समीर वर्मा, एसएसपी मंजिल सैनी, नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, सीएमओ डॉ. राजकुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी, पुलिस अधिकारी प्रशासनिक कैंप में पहुंचे। अधिकारियों ने कैंप में ही मुस्लिम भाइयों से ईद मिली।
राजनीतिक दलों के कैंपों से बनाई दूरी
मेरठ। डीएम और एसएसपी सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों ने ईदगाह के बाहर लगे सपा, कांग्रेस, बसपा आदि राजनीतिक दल और सामाजिक संगठनों के कैंपों से दूरी बनाई। इसे लेकर मुस्लिमों में चर्चा का विषय बना रहा। ईदगाह के बाहर लगे सपा के ईद मिलन कैंप में मौजूद शहर विधायक रफीक अंसारी, पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद, जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह, शहर महानगर अलीम अलवी, पूर्व महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी, सहित सभी सपाई अधिकारी और लोगों से ईद मिलने के लिए खड़े रहे। शहर विधायक रफीक अंसारी ने कहा कि अधिकारियों का ईद न मिलना आपसी भाईचारे को अच्छा संदेश नहीं दे रहा है। हम उनसे ईद मिलने के लिए अपने कैंप के बाहर खड़े रहे, लेकिन अधिकारी कैंप के सामने से बिना ईद मिले ही गुजर गए। वहीं ईदगाह पर कांग्रेसियों ने भी कैंप लगाया। कैंप पर स. मनजीत सिंह कोछड़, हरि किशन वर्मा आदि मौजूद रहे।
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खास बातें
- शाही ईदगाह पर ईद-उल-अजहा की नमाज में की गई तकरीर
- कहा- हिंदुस्तान में मुसलमान किराएदार नहीं, हिस्सेदार है
- ईदगाह से की गई अमन चैन की दुआ
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मेरठ।
हिंदुस्तान में मुसलमान किराएदार नहीं, हिस्सेदार है। देश की आजादी में मुसलमानों ने बड़ी कुर्बानी दी है। यदि किसी को शक हो तो वह अशोक की लाट पर लिखे 52 उन मुसलमानों के नाम पढ़ सकता है जिन्होंने देश की लिए शहादत दी। उसके बाद भी मुल्क मेें मुसलमानों के खिलाफ षडयंत्र रचा जा रहा है। सरकार मुसलमानों पर जुल्म कर रही हैं। इस सब के लिए कहीं न कहीं मुसलमान स्वयं जिम्मेदार है। क्योंकि मुसलमान में अशिक्षा, एकजुटता का न होना है। यह बात शाही ईदगाह पर कारी शफीकुर्रहमान ने ईद-उल-अजहा की नमाज से पहले कही।
उन्होंने जहां तीन तलाक पर तकरीर की वहीं कुर्बानी पर भी अकीदमंदों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर मुसलमानों को गंभीर होना चाहिए। मियां बीबी थोड़ी बहुत कहासुनी पर ही तलाक जैसा कदम न उठाएं। इन सभी बुराइयों को दूर करने के लिए शिक्षा पर अधिक ध्यान देना होगा। सरकार तीन तलाक पर कानून बना रही है जो सीधे दीनी कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारों के जुल्म से बचना है तो आने वाले चुनावों में एकजुट होकर अपनी भागेदारी करें। उन्होंने कुर्बानी पर कहा कि हर आदमी कुर्बानी कर रहा है। नबी की सुन्नत को जिंदा करने के लिए कुर्बानी दी जाती है। उन्होंने कहा कि मुसलमान शादियों में फिजूली रस्म ओ रिवाज बंद करें। खड़े होकर खाना न खाएं। मुसलमानों को आज अपने आपको समझने की जरूरत है। उन्होंने सभी मुसलमानों से पशुओं की खाल और अवशेष सड़क पर न फेंकने की अपील की। वहीं पॉलिथीन का इस्तेमाल न करने की भी अपील की। घर घर में शौचालय बनाने का भी संदेश दिया गया।
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केवल अल्लाह की इबादत करें : शहरकाजी
शहरकाजी जैनुस साजिद्दीन ने शाही ईदगाह पर ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ाने से पहले खिताब फरमाते हुए कहा कि तमाम हालात का मुकाबला करने के लिए तैयार रहना चाहिए। अल्लाह के अलावा हम किसी की इबादत नहीं करते। आज मुल्क में हमारे कानूनी सरीयत, जुबान और हमारे बुजुर्गों के ऊपर हमले किए जा रहे हैं। ऐसे समय में हजरत इब्राहिम के बताए रास्ते पर ही चलना उचित होगा। हालात जो भी मुसलमान को कुरान पर अमल करना चाहिए। यदि हमें कुरान पर चलने से रोका जाता है तो हम किसी भी कुर्बानी के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि ईद की नमाज में सभी अल्लाह से दुआ करें कि सभी के पास अच्छी तालीम हो।
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ईदगाह से हुई मुल्क में अमन और शांति की दुआ
शहरकाजी ने ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ाने के बाद मुल्क में अमन और शांति की दुआ कराई गई। सभी नमाजियों ने दुआ की। अपने गुनाहों की अल्लाह से तौबा की। उन्होंने कहा कि अल्लाह के कानून पर अमल करें। शिक्षा पर सबसे अधिक ध्यान दें। दीनी तालीम के साथ साथ दुनियावी तालीम को भी प्राथमिकता पर लें।
डीएम, एसएसपी ने भी मिली ईद
दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह पर जिला प्रशासन ने भी ईद मिलन कैंप लगाया। डीएम समीर वर्मा, एसएसपी मंजिल सैनी, नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, सीएमओ डॉ. राजकुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी, पुलिस अधिकारी प्रशासनिक कैंप में पहुंचे। अधिकारियों ने कैंप में ही मुस्लिम भाइयों से ईद मिली।
राजनीतिक दलों के कैंपों से बनाई दूरी
मेरठ। डीएम और एसएसपी सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों ने ईदगाह के बाहर लगे सपा, कांग्रेस, बसपा आदि राजनीतिक दल और सामाजिक संगठनों के कैंपों से दूरी बनाई। इसे लेकर मुस्लिमों में चर्चा का विषय बना रहा। ईदगाह के बाहर लगे सपा के ईद मिलन कैंप में मौजूद शहर विधायक रफीक अंसारी, पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद, जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह, शहर महानगर अलीम अलवी, पूर्व महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी, सहित सभी सपाई अधिकारी और लोगों से ईद मिलने के लिए खड़े रहे। शहर विधायक रफीक अंसारी ने कहा कि अधिकारियों का ईद न मिलना आपसी भाईचारे को अच्छा संदेश नहीं दे रहा है। हम उनसे ईद मिलने के लिए अपने कैंप के बाहर खड़े रहे, लेकिन अधिकारी कैंप के सामने से बिना ईद मिले ही गुजर गए। वहीं ईदगाह पर कांग्रेसियों ने भी कैंप लगाया। कैंप पर स. मनजीत सिंह कोछड़, हरि किशन वर्मा आदि मौजूद रहे।
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खास बातें
- शाही ईदगाह पर ईद-उल-अजहा की नमाज में की गई तकरीर
- कहा- हिंदुस्तान में मुसलमान किराएदार नहीं, हिस्सेदार है
- ईदगाह से की गई अमन चैन की दुआ