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निगम की गोशालाओं में भूख से तड़प रहे गोवंश
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निगम की गोशालाओं में भूख से तड़प रहे गोवंश
मेरठ। नगर निगम की गोशालाओं में गोवंश भूख से तड़प रहे हैं। न तो भरपेट चारा मिल रहा है और न पानी। बीमार गोवंशों को समय पर दवाईयां भी नहीं मिल रही हैं। गोशाला से निगम अधिकारियों ने पूरी तरह मुंह मोड़ लिया है। भूखे गोवंश आपस में भिड़कर घायल हो रहे हैं। कई गोवंश मरने की स्थिति में हैं।
सीएम योगी आदित्यानाथ ने शहर की सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले आवारा व बेसहारा गोवंश को एक सुरक्षित स्थान गोशाला में रखने के लिए कान्हा उपवन योजना संचालित की। जिसके लिए सरकार ने करोड़ों रुपये बजट की भी व्यवस्था की है। बजट को खर्च करने की जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन को दी गयी है।
निगम ने सूरजकुंड वाहन डिपो के बराबर में, काजी हाउस और परतापुर अछरोंडा में अस्थाई गोशाला संचालित की हैँ। कुल मिलाकर लगभग 300 गोवंश गोशालाओं में हैं। जिनके चारा-पानी की व्यवस्था नगर निगम ने एक संस्था को दी है। संस्था की जिम्मेदारी है कि गोवंश को भरपेट चारा दिया जाए। जिसमें भूसा, हरा चारा, चोकर, गुड़, नमक आदि दिया जाना है। नगर निगम प्रशासन और संस्था भले ही गोवंश को उचित चारा दिए जाने की बात कर रहा हो, लेकिन सच्चाई कुछ अलग ही है।
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अधिवक्ता गाय को रोटी खिलाने पहुंचे तो खुली पोल
- पूर्व पार्षद सुधीर पुंडीर एडवोकेट गाय को रोटी खिलाने के लिए शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे सूरजकुुंड वाहन डिपो के बराबर में गोशाला पहुंचे। पूर्व पार्षद ने जब कर्मचारियों से गोवंश को चारा न दिए जाने की बात पूछी तो उन्होंने चारा खत्म होने की बात कही। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि हरा चारा नहीं मिल रहा है। मिलेगा तो गोवंश को दिया जाएगा। इसपर पूर्व विधायक भड़क उठे। उन्होंने इसकी शिकायत शासन से करने की बात कही। बता दें कि अधिवक्ता के दबाव में गोवंश को लगभग एक बजे चारे की व्यवस्था की गयी। वह भी आधी अधूरी। इससे बुरा हाल परतापुर अछरोंडा गोशाला में पल रहे गोवंश का है।
भूरा में नहीं डाला जाता चोकर
- गोशाला के स्टोर में भूसा तो था लेकिन हरा चारा और चोकर नहीं था। दोपहर 12 बजे हरा चारा पहुंचा लेकिन चोकर के नाम पर खाली बोरे भी नहीं मिले। गोवंश के चारे में भी कटौती की जा रही है। जिसके कारण गोवंश भूखे ही तड़प रहे हैं।
- गोवंश को भरपेट चारा दिए जाने की जिम्मेदारी ठेकेदार को दी गयी है। अगर समय पर और भरपेट चारा नहीं दिया जा रहा है। तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
अमित सिंह, अपर नगरायुक्त।
- शहर में कुट्टी मशीन से समय पर हरा चारा न मिलने के कारण शुक्रवार को गोवंश को देरी से चारा दिया गया। व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है। चारा मशीन लगायी जा रही है।
उमंग जैन, ठेकेदार।
खास बातें:
- 24 घंटे में एक टाइम मिल रहा है चारा
- भूसे से हरा चारा और चोकर गायब
- आपस में लड़ लड़कर मर रहे हैं गोवंश
- पूर्व पार्षद एवं अधिवक्ता गाय को भोजन खिलाने पहुंचे तो खुली पोल
- शुक्रवार को सूरजकुंड गोशाला में दोपहर दो बजे मिला गोवंश को चारा
- अछरोंड़ा में गोवंश को नहीं मिल रहा चारा
मेरठ। नगर निगम की गोशालाओं में गोवंश भूख से तड़प रहे हैं। न तो भरपेट चारा मिल रहा है और न पानी। बीमार गोवंशों को समय पर दवाईयां भी नहीं मिल रही हैं। गोशाला से निगम अधिकारियों ने पूरी तरह मुंह मोड़ लिया है। भूखे गोवंश आपस में भिड़कर घायल हो रहे हैं। कई गोवंश मरने की स्थिति में हैं।
सीएम योगी आदित्यानाथ ने शहर की सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले आवारा व बेसहारा गोवंश को एक सुरक्षित स्थान गोशाला में रखने के लिए कान्हा उपवन योजना संचालित की। जिसके लिए सरकार ने करोड़ों रुपये बजट की भी व्यवस्था की है। बजट को खर्च करने की जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन को दी गयी है।
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निगम ने सूरजकुंड वाहन डिपो के बराबर में, काजी हाउस और परतापुर अछरोंडा में अस्थाई गोशाला संचालित की हैँ। कुल मिलाकर लगभग 300 गोवंश गोशालाओं में हैं। जिनके चारा-पानी की व्यवस्था नगर निगम ने एक संस्था को दी है। संस्था की जिम्मेदारी है कि गोवंश को भरपेट चारा दिया जाए। जिसमें भूसा, हरा चारा, चोकर, गुड़, नमक आदि दिया जाना है। नगर निगम प्रशासन और संस्था भले ही गोवंश को उचित चारा दिए जाने की बात कर रहा हो, लेकिन सच्चाई कुछ अलग ही है।
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अधिवक्ता गाय को रोटी खिलाने पहुंचे तो खुली पोल
- पूर्व पार्षद सुधीर पुंडीर एडवोकेट गाय को रोटी खिलाने के लिए शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे सूरजकुुंड वाहन डिपो के बराबर में गोशाला पहुंचे। पूर्व पार्षद ने जब कर्मचारियों से गोवंश को चारा न दिए जाने की बात पूछी तो उन्होंने चारा खत्म होने की बात कही। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि हरा चारा नहीं मिल रहा है। मिलेगा तो गोवंश को दिया जाएगा। इसपर पूर्व विधायक भड़क उठे। उन्होंने इसकी शिकायत शासन से करने की बात कही। बता दें कि अधिवक्ता के दबाव में गोवंश को लगभग एक बजे चारे की व्यवस्था की गयी। वह भी आधी अधूरी। इससे बुरा हाल परतापुर अछरोंडा गोशाला में पल रहे गोवंश का है।
भूरा में नहीं डाला जाता चोकर
- गोशाला के स्टोर में भूसा तो था लेकिन हरा चारा और चोकर नहीं था। दोपहर 12 बजे हरा चारा पहुंचा लेकिन चोकर के नाम पर खाली बोरे भी नहीं मिले। गोवंश के चारे में भी कटौती की जा रही है। जिसके कारण गोवंश भूखे ही तड़प रहे हैं।
- गोवंश को भरपेट चारा दिए जाने की जिम्मेदारी ठेकेदार को दी गयी है। अगर समय पर और भरपेट चारा नहीं दिया जा रहा है। तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
अमित सिंह, अपर नगरायुक्त।
- शहर में कुट्टी मशीन से समय पर हरा चारा न मिलने के कारण शुक्रवार को गोवंश को देरी से चारा दिया गया। व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है। चारा मशीन लगायी जा रही है।
उमंग जैन, ठेकेदार।
खास बातें:
- 24 घंटे में एक टाइम मिल रहा है चारा
- भूसे से हरा चारा और चोकर गायब
- आपस में लड़ लड़कर मर रहे हैं गोवंश
- पूर्व पार्षद एवं अधिवक्ता गाय को भोजन खिलाने पहुंचे तो खुली पोल
- शुक्रवार को सूरजकुंड गोशाला में दोपहर दो बजे मिला गोवंश को चारा
- अछरोंड़ा में गोवंश को नहीं मिल रहा चारा