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प्रशिक्षु दरोगा ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
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प्रशिक्षु दरोगा ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
देवबंद(सहारनपुर)। थाना देवबंद की रणखंडी चौकी पर तैनात एक प्रशिक्षु दरोगा काम के बोझ का दबाव नहीं झेल पाए और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने मोबाइल फोन पर अपना बयान रिकार्ड कर ऑडियो सीओ देवबंद को भेजा है। इसमें वह कह रहे है ‘मेरा सपना अध्यापक बनना था, पुलिस की नौकरी में बहुत काम कराया जाता है, मैं जा रहा हूं, यह मेरा आखिरी बयान है।’ परिजनों ने थाना प्रभारी पर उत्पीड़न करने और हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। एसएसपी ने मामले की जांच एसपी देहात को सौंपी है।
प्रशिक्षु दरोगा कुलदीप सिंह (32 वर्ष) श्रद्धापुरी कंकरखेड़ा मेरठ का रहने वाले थे। साथी पुलिसकर्मियों के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह करीब 8.30 बजे वह चौकी से सुभाष चौक के निकट स्थित अपने कमरे पर गए थे। सुबह करीब 10 बजे से उनकी बैंक ड्यूटी लगनी थी। अधिकारी उन्हें कॉल कर रहे थे लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई तो एक पुलिसकर्मी को उनके कमरे पर भेजा गया। कमरे का दरवाजा बंद था और पुलिस कर्मी के आवाज लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। सूचना पर सीओ सिद्धार्थ सिंह और कोतवाली प्रभारी अभिषेक सिरोही मौके पर पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। सीओ देवबंद ने बताया कि एसआई कुलदीप ने बेड पर गद्दे रखकर पंखे वाले कुंडे में मफलर से फंदा बनाकर फांसी लगाई थी। उनके पिता अशोक कुमार सेना से सेवानिवृत्त हैं और वह मूल रूप से मुजफ्फरनगर के गांव जंधेड़ी के रहने वाले हैं। गत 17 नवंबर 2018 को प्रशिक्षु दरोगा के रूप में कुलदीप की तैनाती देवबंद कोतवाली में हुई थी। कुछ दिन तक वह रेलवे रोड पुलिस चौकी में तैनात रहे, बाद में उनकी तैनाती रणखंडी पुलिस चौकी पर कर दी गई। एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि कुलदीप ने मोबाइल फोन से अपना बयान रिकॉर्ड किया है। पिता की तहरीर पर भी जांच की जा रही है। एसपी देहात इस मामले की जांच करेंगे।
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देवबंद(सहारनपुर)। थाना देवबंद की रणखंडी चौकी पर तैनात एक प्रशिक्षु दरोगा काम के बोझ का दबाव नहीं झेल पाए और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने मोबाइल फोन पर अपना बयान रिकार्ड कर ऑडियो सीओ देवबंद को भेजा है। इसमें वह कह रहे है ‘मेरा सपना अध्यापक बनना था, पुलिस की नौकरी में बहुत काम कराया जाता है, मैं जा रहा हूं, यह मेरा आखिरी बयान है।’ परिजनों ने थाना प्रभारी पर उत्पीड़न करने और हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। एसएसपी ने मामले की जांच एसपी देहात को सौंपी है।
प्रशिक्षु दरोगा कुलदीप सिंह (32 वर्ष) श्रद्धापुरी कंकरखेड़ा मेरठ का रहने वाले थे। साथी पुलिसकर्मियों के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह करीब 8.30 बजे वह चौकी से सुभाष चौक के निकट स्थित अपने कमरे पर गए थे। सुबह करीब 10 बजे से उनकी बैंक ड्यूटी लगनी थी। अधिकारी उन्हें कॉल कर रहे थे लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई तो एक पुलिसकर्मी को उनके कमरे पर भेजा गया। कमरे का दरवाजा बंद था और पुलिस कर्मी के आवाज लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। सूचना पर सीओ सिद्धार्थ सिंह और कोतवाली प्रभारी अभिषेक सिरोही मौके पर पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। सीओ देवबंद ने बताया कि एसआई कुलदीप ने बेड पर गद्दे रखकर पंखे वाले कुंडे में मफलर से फंदा बनाकर फांसी लगाई थी। उनके पिता अशोक कुमार सेना से सेवानिवृत्त हैं और वह मूल रूप से मुजफ्फरनगर के गांव जंधेड़ी के रहने वाले हैं। गत 17 नवंबर 2018 को प्रशिक्षु दरोगा के रूप में कुलदीप की तैनाती देवबंद कोतवाली में हुई थी। कुछ दिन तक वह रेलवे रोड पुलिस चौकी में तैनात रहे, बाद में उनकी तैनाती रणखंडी पुलिस चौकी पर कर दी गई। एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि कुलदीप ने मोबाइल फोन से अपना बयान रिकॉर्ड किया है। पिता की तहरीर पर भी जांच की जा रही है। एसपी देहात इस मामले की जांच करेंगे।
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