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सीओ ने कराया मंदिर महामाई का मैदान खाली
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अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। श्री मंदिर महामाई ट्रस्ट को लेकर हक जताने वाले दोनों कमेटी के लोग अवैध मिलने पर शनिवार सुबह सीओ मवाना ने मैदान पर खड़े वाहनों को हटवा दिया। तय हुआ कि कमेटी रजिस्टर्ड न होने तक यहां वाहनों को नहीं खड़ा होने दिया जायेगा।
श्री मंदिर महामाई ट्रस्ट के मैदान को लेकर हरिओम व रतन सिंह पक्ष अपनी-अपनी कमेटी को रजिस्टर्ड बता रहे थे। मैदान पर हो रही अवैध पार्किंग वसूली को लेकर दो दिन पहले भाजपा कार्यकर्ता ने विरोध जताते हुए मैदान खाली कराकर गेट पर ताला लगा दिया था। वहीं बजरंग दल व ट्रस्ट के सदस्य बताने वाले हरिओम पक्ष के लोगों ने ताला तोड़ते हुए थाने पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ तहरीर दी थी। सीओ ने मामले में बीच बचाव करते हुए दोनों पक्षों को कागज दिखाने के लिए कहा था और तब तक वसूली पर रोक लगा दी थी।
शुक्रवार को डिप्टी रजिस्टार ने दोनों कमेटी को अवैध बताते हुए एसडीएम को पत्र भेजा था। जिसके बाद मामले से थाना प्रभारी मनीष बिष्ट को भी अवगत कराया गया था। कमेटियों के अवैध होने की जानकारी मिलने पर सीओ मवाना पंकज कुमार ने शनिवार को मैदान खाली करा दिया और निर्देश दिए कि जब तक नई कमेटी का गठन नहीं हो जाता, तब तक यहां वाहन नहीं खड़े होंगे। सीओ मवाना पंकज कुमार का कहना है कि दोनों की कमेटी अवैध है। इसलिए मैदान पर वाहन खड़े होने का सवाल ही नहीं उठता। क्योंकि सारा विवाद पार्किंग वसूली को लेकर था।
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किसके पास जमा कराये जायेंगे पैसे
श्री मंदिर महामाई ट्रस्ट की चारदीवारी करने के बाद हरिओम पक्ष ने स्वयं की कमेटी को वैध बताते हुए मैदान पर खड़े होने वाले वाहनों से पार्किंग वसूली शुरू कर दी थी। तीन दिन पहले हुए विवाद में हरिओम व अन्य सदस्यों ने अपना पक्ष रखते हुए बताया था कि उनके पास वसूले गए पूरे पैसों का हिसाब है और पूरी धनराशि बैंक में जमा है। जिससे मंदिर का निर्माण कराया जायेगा। अब सवाल यह उठता है कि दोनों कमेटी अवैध होने के बाद बैंक में जमा लाखों की धनराशि किसके पास जमा होगी। फिलहाल इसको लेकर किसी कमेटी ने अभी हस्तक्षेप नहीं किया है। एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि मामले की जांच थाना प्रभारी मनीष बिष्ट के पास है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही रुपये किसके पास रखे जायेेंगे, यह तय किया जायेगा।
मवाना। श्री मंदिर महामाई ट्रस्ट को लेकर हक जताने वाले दोनों कमेटी के लोग अवैध मिलने पर शनिवार सुबह सीओ मवाना ने मैदान पर खड़े वाहनों को हटवा दिया। तय हुआ कि कमेटी रजिस्टर्ड न होने तक यहां वाहनों को नहीं खड़ा होने दिया जायेगा।
श्री मंदिर महामाई ट्रस्ट के मैदान को लेकर हरिओम व रतन सिंह पक्ष अपनी-अपनी कमेटी को रजिस्टर्ड बता रहे थे। मैदान पर हो रही अवैध पार्किंग वसूली को लेकर दो दिन पहले भाजपा कार्यकर्ता ने विरोध जताते हुए मैदान खाली कराकर गेट पर ताला लगा दिया था। वहीं बजरंग दल व ट्रस्ट के सदस्य बताने वाले हरिओम पक्ष के लोगों ने ताला तोड़ते हुए थाने पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ तहरीर दी थी। सीओ ने मामले में बीच बचाव करते हुए दोनों पक्षों को कागज दिखाने के लिए कहा था और तब तक वसूली पर रोक लगा दी थी।
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शुक्रवार को डिप्टी रजिस्टार ने दोनों कमेटी को अवैध बताते हुए एसडीएम को पत्र भेजा था। जिसके बाद मामले से थाना प्रभारी मनीष बिष्ट को भी अवगत कराया गया था। कमेटियों के अवैध होने की जानकारी मिलने पर सीओ मवाना पंकज कुमार ने शनिवार को मैदान खाली करा दिया और निर्देश दिए कि जब तक नई कमेटी का गठन नहीं हो जाता, तब तक यहां वाहन नहीं खड़े होंगे। सीओ मवाना पंकज कुमार का कहना है कि दोनों की कमेटी अवैध है। इसलिए मैदान पर वाहन खड़े होने का सवाल ही नहीं उठता। क्योंकि सारा विवाद पार्किंग वसूली को लेकर था।
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किसके पास जमा कराये जायेंगे पैसे
श्री मंदिर महामाई ट्रस्ट की चारदीवारी करने के बाद हरिओम पक्ष ने स्वयं की कमेटी को वैध बताते हुए मैदान पर खड़े होने वाले वाहनों से पार्किंग वसूली शुरू कर दी थी। तीन दिन पहले हुए विवाद में हरिओम व अन्य सदस्यों ने अपना पक्ष रखते हुए बताया था कि उनके पास वसूले गए पूरे पैसों का हिसाब है और पूरी धनराशि बैंक में जमा है। जिससे मंदिर का निर्माण कराया जायेगा। अब सवाल यह उठता है कि दोनों कमेटी अवैध होने के बाद बैंक में जमा लाखों की धनराशि किसके पास जमा होगी। फिलहाल इसको लेकर किसी कमेटी ने अभी हस्तक्षेप नहीं किया है। एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि मामले की जांच थाना प्रभारी मनीष बिष्ट के पास है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही रुपये किसके पास रखे जायेेंगे, यह तय किया जायेगा।