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अज्ञात बीमारी से आधा दर्जन पशुओ की मौत
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- सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे रहे पशु पालन विभाग चिकित्सक
खरखौदा। अज्ञात बीमारी से गांव फफूंडा में करीब आधा दर्जन पशुओं की मौत हो चुकी है। पशु पालकों का आरोप है कि सूचना के बाद भी पशुपालन विभाग के चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
जैसे ही ठंड बढ़ती है गांव फफूंडा में प्रति वर्ष अज्ञात बीमारी का प्रकोप फैल जाता है। इस बीमारी से पिछले वर्ष भी कई दर्जन पशुओं की मौत हो गयी थी। बीमारी पर काबू पाने के लिये पशुपालन विभाग को एडी चोटी का जोर लगाना पड़ा था। इस वर्ष भी जैसे ही सर्दी शुरू हुई तो अज्ञात बीमारी ने फिर गांव फफूंडा में पैर पसार दिये। इस बीमारी से अधिकतर छोटे पशु की मौत हो रही है। पहले पशु चारा खाना छोड़ देता है, फिर पशु को बुखार होता है और कुछ समय बाद पशु की मौत हो जाती है। गांव फफूंडा निवासी जिला पंचायत सदस्य कुसुम प्रधान के पिछले दो दिन में तीन पशुओं की मौत हो चुकी है तथा कई पशु अभी भी बीमार हैं। वहीं इसके अलावा भी कई किसानों के पशु बीमार हैं।
पशु पालकों का आरोप है कि कई बार फफूंडा पशु अस्पताल पर तैनात पशु चिकित्सक डा. प्रवीन भारती को बीमारी की सूचना दी जा चुकी है। लेकिन पशु चिकित्सक एक भी बार मौके पर नहीं पहुंचे हैं। यदि पशु पालक अपने पशुओं को लेकर अस्पताल जाते है, तो पशु चिकित्सक वहां पर भी नहीं मिलते हैं। किसानों का आरोप है कि पशु चिकित्सक पशु अस्पताल पर न रहकर क्षेत्र में चल रही अवैध मीट फैक्टरियों में लगे रहते है।
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वर्जन........
छह माह से कम उम्र के जिन पशुओं का रखरखाव ठीक नहीं है। ठंड से उन पशुओं की मौत हो रही हैं। क्षेत्र में कोई बीमारी नहीं हैं। फफूंडा अस्पताल पर भी पूरा समय दिया जाता है। - डा. प्रवीन भारती, पशु चिकित्सक फफूंडा अस्पताल।
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खरखौदा। अज्ञात बीमारी से गांव फफूंडा में करीब आधा दर्जन पशुओं की मौत हो चुकी है। पशु पालकों का आरोप है कि सूचना के बाद भी पशुपालन विभाग के चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
जैसे ही ठंड बढ़ती है गांव फफूंडा में प्रति वर्ष अज्ञात बीमारी का प्रकोप फैल जाता है। इस बीमारी से पिछले वर्ष भी कई दर्जन पशुओं की मौत हो गयी थी। बीमारी पर काबू पाने के लिये पशुपालन विभाग को एडी चोटी का जोर लगाना पड़ा था। इस वर्ष भी जैसे ही सर्दी शुरू हुई तो अज्ञात बीमारी ने फिर गांव फफूंडा में पैर पसार दिये। इस बीमारी से अधिकतर छोटे पशु की मौत हो रही है। पहले पशु चारा खाना छोड़ देता है, फिर पशु को बुखार होता है और कुछ समय बाद पशु की मौत हो जाती है। गांव फफूंडा निवासी जिला पंचायत सदस्य कुसुम प्रधान के पिछले दो दिन में तीन पशुओं की मौत हो चुकी है तथा कई पशु अभी भी बीमार हैं। वहीं इसके अलावा भी कई किसानों के पशु बीमार हैं।
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पशु पालकों का आरोप है कि कई बार फफूंडा पशु अस्पताल पर तैनात पशु चिकित्सक डा. प्रवीन भारती को बीमारी की सूचना दी जा चुकी है। लेकिन पशु चिकित्सक एक भी बार मौके पर नहीं पहुंचे हैं। यदि पशु पालक अपने पशुओं को लेकर अस्पताल जाते है, तो पशु चिकित्सक वहां पर भी नहीं मिलते हैं। किसानों का आरोप है कि पशु चिकित्सक पशु अस्पताल पर न रहकर क्षेत्र में चल रही अवैध मीट फैक्टरियों में लगे रहते है।
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छह माह से कम उम्र के जिन पशुओं का रखरखाव ठीक नहीं है। ठंड से उन पशुओं की मौत हो रही हैं। क्षेत्र में कोई बीमारी नहीं हैं। फफूंडा अस्पताल पर भी पूरा समय दिया जाता है। - डा. प्रवीन भारती, पशु चिकित्सक फफूंडा अस्पताल।