फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   आदेश हुए हवाई तो होगी कार्रवाई

आदेश हुए हवाई तो होगी कार्रवाई

Thu, 25 Oct 2018 02:21 AM IST
Updated Thu, 25 Oct 2018 02:21 AM IST
विज्ञापन
आदेश हुए हवाई तो होगी कार्रवाई
निशुल्क खून: आदेश हुए हवाई तो होगी कार्रवाई
विज्ञापन

मेरठ। प्रदेश सरकार ने सरकारी ब्लड बैंकों में प्रोसेसिंग शुल्क समाप्त कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के कई ब्लड बैंकों की इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं कि वहां अब भी प्रोसेसिंग शुल्क लिया जा रहा है। इतना ही नहीं थैलेसीमिया और हिमोफीलिया के मरीजों तक से शुल्क लेने की शिकायत है। इस संबंध में बुधवार को डीजी चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता ने सभी मेडिकल कॉलेजों के ब्लड बैंकों के लिए गाइडलाइंस जारी की है, जिसमें हिदायत दी गई है कि सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज थैलेसीमिया और हिमोफीलिया के मरीजों से प्रोसेसिंग शुल्क न लिया जाए। अगर लिए जाने की पुष्टि हो गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

17 अक्तूबर को जारी किया था आदेश
17 अक्तूबर को सरकार ने आदेश जारी किया था, जिसके तहत अगर कोई मरीज सरकारी चिकित्सालय में भर्ती है और उसे खून की जरूरत है, तो उसे खून के लिए न तो भटकना पड़ेगा और न ही प्रोसेसिंग शुल्क देना पड़ेगा। अब बदले में सिर्फ रक्त देना होगा। अभी तक सरकारी ब्लड बैंकों में व्यवस्था यह थी कि रक्त लेने के लिए रक्त देना पड़ता था और साथ में प्रोसेसिंग शुल्क यानि एक निर्धारित राशि देनी होती थी। सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज के लिए 200 से 400 रुपये और निजी अस्पताल में भर्ती मरीज के लिए 300 से 1050 रुपये। निजी अस्पताल के लिए तो अभी भी यही व्यवस्था रहेगी, लेकिन सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए प्रोसेसिंग शुल्क खत्म कर दिया गया है।
विज्ञापन


सरकार कर रही है भरपाई
प्रोसेसिंग शुल्क को समाप्त करने के बाद सरकारी ब्लड बैंकों पर जो अतिरिक्त शुल्क का भार पड़ेगा, सरकार इसकी भरपाई कर रही है। मेरठ के सरकारी चिकित्सालयों को प्रदेश सरकार 62 लाख 51 हजार 597 रुपये वहन करेगी। इसी तरह अन्य जिलों को अलग-अलग लाखों रुपये वहन करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


आदेश का कराया जा रहा अनुपालन
आदेश प्राप्त हो गया है। इसका अनुपालन कराया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज के लिए ब्लड की प्रोसेसिंग फीस को निशुल्क कर दिया गया है, जबकि थैलेसीमिया और हिमोफीलिया के मरीज से पहले से ही कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।

- डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

इन्हें भी भेजे गए निर्देश
मेडिकल कॉलेज मेरठ के अलावा, कानपुर, आगरा, इलाहाबाद, झांसी, गोरखपुर, कन्नौज, आजमगढ़, जालौन, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, बांदा और बदायूं के प्राचार्य, इसके अलावा ह्दय रोग संस्थान कानपुर के निदेशक को यह निर्देश भेजे गए हैं।


खास बातें:
- सरकारी ब्लड बैंकों में प्रोसेसिंग शुल्क लेने की शिकायत
- डीजी चिकित्सा शिक्षा तक पहुंचा मामला
- पूरे प्रदेश के लिए लागू की गई गाइडलाइंस
- थैलेसिमिया और हिमोफिलिया के मरीजों से भी शुल्क लेने की सूचना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed