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मेडिकल अस्पताल में मिलेगा अब चश्मे से छुटकारा
Updated Thu, 21 Jun 2018 02:52 AM IST
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मेरठ। मेडिकल कॉलेज के नए प्राचार्य डॉ. रमेश चंद गुप्ता ने बुधवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता शिक्षण कार्य को बेहतर करने के साथ-साथ अस्पताल में मरीजों को हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा। जल्द ही नेत्र विभाग में लेसिक लेजर विधि शुरू कराएंगे, जिससे मरीजों को चश्मे से छुटकारा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वह खुद भी सप्ताह में एक दिन मरीजों का इलाज और ऑपरेशन करेंगे। डॉ. आरसी गुप्ता वेस्ट यूपी में एकमात्र आफ्थमोलॉजी प्लास्टिक सर्जन हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल परिसर में आवासों में अवैध कब्जे, डेरियां, सूकर पालन समेत ठेले वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए वह जल्द ही डीएम और एसएसपी से मिलेंगे। परिसर के बाहर खुलेआम बेचे जा रहा पान, गुटखे और दुकानों के संचालन को बंद कराने के लिए कदम उठाएंगे।
नए प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्ष, फैकल्टी और स्टाफ के साथ बैठक कर उन्हें निर्देश दिए कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार, उप अधीक्षक डॉ. दिनेश राणा, डॉ. संदीप मित्थल, डॉ. लोकेश कुमार के साथ अस्पताल में पर्चा काउंटर, ओपीडी और नेत्र रोग विभाग का निरीक्षण भी किया।
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मिली अव्यवस्था
निरीक्षण के दौरान प्राचार्य को अव्यवस्थाएं मिलीं। उन्होंने बताया कि अस्पताल की बिल्डिंग जर्जर हालत में है। इसके सुधार के लिए छह करोड़ रुपये मांगे गए हैं। ओपीडी वार्ड में भी मरम्मत की जरूरत है।
- मेडिकल कॉलेज के नए प्राचार्य ने संभाला चार्ज, की घोषणा
- शुरू होगी लेसिक लेजर तकनीक, मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने की रहेगी प्राथमिकता
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उन्होंने कहा कि वह खुद भी सप्ताह में एक दिन मरीजों का इलाज और ऑपरेशन करेंगे। डॉ. आरसी गुप्ता वेस्ट यूपी में एकमात्र आफ्थमोलॉजी प्लास्टिक सर्जन हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल परिसर में आवासों में अवैध कब्जे, डेरियां, सूकर पालन समेत ठेले वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए वह जल्द ही डीएम और एसएसपी से मिलेंगे। परिसर के बाहर खुलेआम बेचे जा रहा पान, गुटखे और दुकानों के संचालन को बंद कराने के लिए कदम उठाएंगे।
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नए प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्ष, फैकल्टी और स्टाफ के साथ बैठक कर उन्हें निर्देश दिए कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार, उप अधीक्षक डॉ. दिनेश राणा, डॉ. संदीप मित्थल, डॉ. लोकेश कुमार के साथ अस्पताल में पर्चा काउंटर, ओपीडी और नेत्र रोग विभाग का निरीक्षण भी किया।
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मिली अव्यवस्था
निरीक्षण के दौरान प्राचार्य को अव्यवस्थाएं मिलीं। उन्होंने बताया कि अस्पताल की बिल्डिंग जर्जर हालत में है। इसके सुधार के लिए छह करोड़ रुपये मांगे गए हैं। ओपीडी वार्ड में भी मरम्मत की जरूरत है।
- मेडिकल कॉलेज के नए प्राचार्य ने संभाला चार्ज, की घोषणा
- शुरू होगी लेसिक लेजर तकनीक, मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने की रहेगी प्राथमिकता