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पांच साल बाद कैंट में खुलेंगे बंद रास्ते

Tue, 22 May 2018 02:16 AM IST
Updated Tue, 22 May 2018 02:16 AM IST
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पांच साल बाद कैंट में खुलेंगे बंद रास्ते
कैंट में खुलेंगे खटकाना पुल समेत सारे बंद रास्ते
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मेरठ।
पांच साल पहले कैंट में जिन पांच रास्तों को सेना ने गेट लगाकर बंद कर दिया था, अब वे सभी खोले जाएंगे। रक्षा मंत्री ने इस संबंध में देश की सभी 62 छावनियों को आदेश जारी कर दिए हैं। इसके चलते कैंट में खटकाना पुल, तोपखाना, और लेखानगर समेत कई दूसरी जगहों पर गेट खोले जाने के बाद लाखों लोगों को राहत मिलेगी।
साल 2013 में सेना ने सुरक्षा कारणों की बात कहते हुए खटकाना का पुल से कसेरूखेड़ा समेत नौ गांवों को जोड़ने वाले मार्ग पर गेट लगाकर आम नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही तोपखाना, भूसा मंडी, लेखानगर और फाजलपुर में गेट लगाए गए थे। हालांकि कुछ जगहों पर गेट खोल दिए गए थे। खटकाना पुल पर गेट लगने की वजह से आजाद नगर, मीनाक्षीपुरम, खटकाना, कसेरूखेड़ा, अम्हेड़ा, उल्देपुर के लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो गई थी। माना इंटर कॉलेज, केवी सिख लाइंस, केवी डोगरा में पढ़ने वाले बच्चों को एक किमी की बजाय करीब आठ किमी घूमकर आना पड़ने लगा था। सेना के इस निर्णय का लोगों ने विरोध कर दिया था। महीनों तक धरने-प्रदर्शन हुए थे। हाईकोर्ट तक में गेट खुलवाने को लेकर जनहित याचिका दाखिल कर दी गई थी लेकिन लोगों को राहत नहीं मिली थी।
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चार मार्च को कांफ्रेंस में उठाया था मुद्दा
चार मार्च को दिल्ली में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ देश के 62 छावनी क्षेत्र के उपाध्यक्ष और सांसदों की कांफ्रेंस हुई थी। इसमें कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने इस मुद्दे को उठाते हुए गेट खुलवाने की मांग की थी। रविवार को इस मामले में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की सेनाध्यक्ष बिपिन रावत से बात हुई थी। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं कि देश के सभी कैंट में बंद रास्तों को लोगों के लिए खोला जाए। इसके साथ ये निर्देश भी दिए गए हैं कि अगर कहीं कुछ समय के लिए रास्ता बंद करने की जरूरत पड़ती है तो उसके लिए पहले एक प्रक्रिया तय की जाए। जिससे किसी को असुविधा नहीं हो। रक्षा मंत्रालय से सभी कमांडर को इस संबंध में निर्देश भेज दिए गए हैं।
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की-लोकेशन एरिया में की गई थी कार्रवाई की बात
सेना का इस मामले में कहना था कि वर्ष 2011 में रक्षा मंत्रालय के आदेश पर मेरठ सहित 62 छावनियों में लोकल मिलिट्री एथॉरिटी ने छावनी में की-लोकेशन एरिया का चिह्नित किया था। की-लोकेशन एरिया में ऐसे क्षेत्र को शामिल किया गया, जहां सेना भविष्य में नई सामरिक संरचना का निर्माण, नई यूनिट की तैनाती सहित अन्य कार्य कर सके। की-लोकेशन एरिया के पास जमीन खरीद-फरोख्त रोकना ही नहीं, उसके रास्ते को बंद करने, गेट लगाने, बैरियर लगाने का अधिकार सेना के पास है। सेना के अनुसार खटकाना पुल, कसेरूखेड़ा, आरए बाजार, तोपखाना, भूसामंडी साउदर्न रोड सेना की वर्ष 2011 में तय किए गए की-लोकेशन एरिया में आते हैं।


गेट खुलवाने को लेकर हमने रक्षा मंत्री से बात की थी। रक्षा मंत्री के इस आदेश से शहर के लाखों लोगों को फायदा होगा। सेना को जल्द से जल्द आदेश का पालन कर बंद गेटों को खोल देना चाहिए। कई ओर दूसरे मुद्दों जो कांफ्रेंस में उठाए गए थे, उन पर भी रक्षा मंत्रालय विचार कर रहा है। बीना वाधवा, उपाध्यक्ष कैंट बोर्ड
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