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नो एंट्री से जाम से निजात, सुरक्षा के साथ सहूलियत
Updated Mon, 08 Jan 2018 02:13 AM IST
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मेरठ। ट्रैफिक पुलिस ने साफ किया है कि नो एंट्री को सख्ती से लागू करने के निर्देश शासन के हैं। दिन में शहर में भारी वाहनों का प्रवेश बंद होने से जहां जाम से निजात मिली है, तो वाहन चालकों को सड़क पर चलने की सहूलियत के साथ हादसों में कमी आने से सुरक्षा भी बढ़ी है।
शहर में सुबह सात बजे से रात्रि दस बजे तक भारी वाहनों की नो एंट्री रहती है। इस अवधि में शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रतिबंधित रहता है। लेकिन इस व्यवस्था को कभी भी सख्ती से लागू नहीं किया गया। अब शासन के निर्देश पर नो एंट्री के समय भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई के अनुसार पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर 25 दिसंबर की सुबह से नो एंट्री के समय भारी वाहनों को प्रतिबंधित किया गया। इस व्यवस्था के लागू होने से शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है। पहले भारी वाहनों से जिन चौराहों पर जाम लगता था, अब भारी वाहनों का प्रवेश रुकने से वही चौराहे खाली-खाली नजर आते हैं। शासन के भी निर्देश हैं कि लोगों की सहूलियत, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर पुलिस का विशेष ध्यान रहे। दिन में जनता की सुरक्षा को देखते हुए भारी वाहनों पर रोक लगाई गई है।
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20 लाख जनता क्यों परेशान हो
एसपी ट्रैफिक ने सवाल किया है कि शहर में औसतन 500 ट्रक दिन में मुख्य चौराहों से निकलते थे, जिनसे जाम लगता था। नो एंट्री को सख्ती से लागू किया तो भारी वाहनों की वजह से जाम लगना बंद हो गया है। 200 लोगों के चक्कर में शहर की करीब 20 लाख जनता क्यों परेशानी उठाए। इस व्यवस्था से आम वाहन चालक ही नहीं स्कूली छात्र-छात्राओं को भी राहत मिली है।
यहां मिली राहत
ट्रैफिक पुलिस ने दावा किया है कि भारी वाहन बंद होने से रुड़की रोड, जीरो माइल, बेगमपुल, लालकुर्ती मुख्य मार्ग, कमिश्नरी आवास चौराहा, जेल चुंगी, तेजगढ़ी चौराहा, पीवीएस रोड, एल ब्लॉक तिराहा, हापुड़ रोड पर पीएसी वाहिनी के सामने, मेट्रो प्लाजा, दिल्ली चुंगी, और टीपीनगर कट पर जाम नहीं लगा। भारी वाहनों से यहां दिन में आए दिन जाम लगता था। भारी वाहन बंद होने के बाद से दिन में एक सड़क हादसा हुआ है, वह भी ट्रक से। घायल किशोर अभी भी गंभीर है। दिन में इससे पहले ट्रकों से ही सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं।
आज एसएसपी से मिलेंगे ट्रांसपोर्टर
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने कहा कि भारी वाहन बंद होने से ट्रांसपोर्टरों का उत्पीड़न हो रहा है। किठौर और अन्य मार्गों पर दिन में ट्रक खड़े करने पड़ रहे हैं या फिर उन्हें 15 किमी दूर होकर टोल से जाना पड़ रहा है। सोमवार को ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी एसएसपी से मिलेंगे।
जितना हो सका सहयोग किया
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई का कहना है कि ट्रांसपोर्टरों की समस्या को देखते हुए जितना हो सकता था, हमने सहयोग किया। ट्रकों को नवीन मंडी और टीपी नगर तक की छूट दी गई। लेकिन शहर में अन्य स्थानों पर ट्रकों को किसी भी कीमत में दिन में नहीं आने दिया जाएगा। ट्रांसपोर्टर नाजायज मांग कर रहे हैं। शहर के बाहर के रास्तों से वह ट्रांसपोर्ट नगर में आ सकते हैं। पूरे प्रदेश में शासन के निर्देश पर नो एंट्री का प्लान है। पुलिस जनता के हित में काम कर रही है।
खास बातें:
- शहर में भारी वाहन बंद होने से मुख्य चौराहों पर घटा वाहनों का प्रेशर
- एसपी ट्रैफिक ने कहा, सभी शहरों में सख्ती से लागू है नो एंट्री प्लान
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शहर में सुबह सात बजे से रात्रि दस बजे तक भारी वाहनों की नो एंट्री रहती है। इस अवधि में शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रतिबंधित रहता है। लेकिन इस व्यवस्था को कभी भी सख्ती से लागू नहीं किया गया। अब शासन के निर्देश पर नो एंट्री के समय भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
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एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई के अनुसार पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर 25 दिसंबर की सुबह से नो एंट्री के समय भारी वाहनों को प्रतिबंधित किया गया। इस व्यवस्था के लागू होने से शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है। पहले भारी वाहनों से जिन चौराहों पर जाम लगता था, अब भारी वाहनों का प्रवेश रुकने से वही चौराहे खाली-खाली नजर आते हैं। शासन के भी निर्देश हैं कि लोगों की सहूलियत, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर पुलिस का विशेष ध्यान रहे। दिन में जनता की सुरक्षा को देखते हुए भारी वाहनों पर रोक लगाई गई है।
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20 लाख जनता क्यों परेशान हो
एसपी ट्रैफिक ने सवाल किया है कि शहर में औसतन 500 ट्रक दिन में मुख्य चौराहों से निकलते थे, जिनसे जाम लगता था। नो एंट्री को सख्ती से लागू किया तो भारी वाहनों की वजह से जाम लगना बंद हो गया है। 200 लोगों के चक्कर में शहर की करीब 20 लाख जनता क्यों परेशानी उठाए। इस व्यवस्था से आम वाहन चालक ही नहीं स्कूली छात्र-छात्राओं को भी राहत मिली है।
यहां मिली राहत
ट्रैफिक पुलिस ने दावा किया है कि भारी वाहन बंद होने से रुड़की रोड, जीरो माइल, बेगमपुल, लालकुर्ती मुख्य मार्ग, कमिश्नरी आवास चौराहा, जेल चुंगी, तेजगढ़ी चौराहा, पीवीएस रोड, एल ब्लॉक तिराहा, हापुड़ रोड पर पीएसी वाहिनी के सामने, मेट्रो प्लाजा, दिल्ली चुंगी, और टीपीनगर कट पर जाम नहीं लगा। भारी वाहनों से यहां दिन में आए दिन जाम लगता था। भारी वाहन बंद होने के बाद से दिन में एक सड़क हादसा हुआ है, वह भी ट्रक से। घायल किशोर अभी भी गंभीर है। दिन में इससे पहले ट्रकों से ही सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं।
आज एसएसपी से मिलेंगे ट्रांसपोर्टर
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने कहा कि भारी वाहन बंद होने से ट्रांसपोर्टरों का उत्पीड़न हो रहा है। किठौर और अन्य मार्गों पर दिन में ट्रक खड़े करने पड़ रहे हैं या फिर उन्हें 15 किमी दूर होकर टोल से जाना पड़ रहा है। सोमवार को ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी एसएसपी से मिलेंगे।
जितना हो सका सहयोग किया
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई का कहना है कि ट्रांसपोर्टरों की समस्या को देखते हुए जितना हो सकता था, हमने सहयोग किया। ट्रकों को नवीन मंडी और टीपी नगर तक की छूट दी गई। लेकिन शहर में अन्य स्थानों पर ट्रकों को किसी भी कीमत में दिन में नहीं आने दिया जाएगा। ट्रांसपोर्टर नाजायज मांग कर रहे हैं। शहर के बाहर के रास्तों से वह ट्रांसपोर्ट नगर में आ सकते हैं। पूरे प्रदेश में शासन के निर्देश पर नो एंट्री का प्लान है। पुलिस जनता के हित में काम कर रही है।
खास बातें:
- शहर में भारी वाहन बंद होने से मुख्य चौराहों पर घटा वाहनों का प्रेशर
- एसपी ट्रैफिक ने कहा, सभी शहरों में सख्ती से लागू है नो एंट्री प्लान