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कबट्टा गांव में जातीय संघर्ष, जमकर बवाल
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कबट्टा गांव में जातीय संघर्ष, बवाल
खरखौदा का मामला, राशन की दुकान को लेकर चल रहा जाट और अनुसूचित पक्ष के लोगों में विवाद
मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच विवाद में जाट पक्ष के युवक के साथ की थी मारपीट
बुधवार रात दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर पथराव कर की फायरिंग
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा/मेरठ। खरखौदा क्षेत्र के फकरपुर कबट्टा गांव में बुधवार रात जातीय संघर्ष हो गया। गांव में जाट और अनुसूचित पक्ष के लोगों के बीच पहले से चल रहे विवाद में मारपीट के बाद पथराव और फायरिंग हो गई। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर फायरिंग करते रहे। फायरिंग के बाद गांव में अफरा तफरी मच गई और लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स को भी अनुसूचित पक्ष के लोगों का विरोध झेलना पड़ा।
पुलिस के अनुसार कबट्टा गांव में राशन की दुकान को लेकर जाट और अनुसूचित पक्ष के लोगों में पहले से विवाद चल रहा है। कुछ समय पहले कबट्टा गांव की राशन की दुकान माजरा कूड़ी गांव में चली गई। जिसके बाद राशन की दुकान को लेकर दोनों ही बिरादरी आमने-सामने आ चुकी हैं। मंगलवार को कबट्टा गांव निवासी शिवम चौधरी गांव से बाहर गया था। आरोप है कि अनुसूचित पक्ष के गोविंद और उसके साथी सोनिक निवासी अतराड़ा ने पैसों के विवाद में मारपीट कर दी। जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हंगामा हो गया। बाद में दोनों पक्षों के लोगों ने खरखौदा थाने में एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही गांव में पहुंचना मुनासिब समझा।
बुधवार रात को जाट पक्ष के तीन युवक गांव में अनुसूचित पक्ष की दुकान पर गये थे। जहां दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते गांव में दोनों ही बिरादरी के लोग आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट हो गई। एक-दूसरे पर पथराव और हवाई फायरिंग कर दी। गांव में 15 से 20 राउंड फायरिंग से अफरातफरी मच गई। सूचना पर सीओ किठौर आलोक सिंह, एसओ खरखौदा कुलवीर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मारपीट में अनुसूचित पक्ष से जगवीर, रिषिपाल और बाला घायल हो गईं। जबकि जाट पक्ष से भी दो युवकों को चोट लगी है। दोनों पक्ष पुलिस के सामने एक दूसरे पर पथराव और फायरिंग का आरोप लगा रहे थे। एसपी देहात अविनाश पांडेय खरखौदा थाने पहुंचे और पूरे प्रकरण की जानकारी की।
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पुलिस की लापरवाही पर हंगामा
अनुसूचित पक्ष की महिलाओं ने एसओ खरखौदा कुलवीर सिंह को घेर लिया। इस दौरान सीओ आलोक सिंह ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की। महिलाओं का कहना है कि खरखौदा पुलिस की लापरवाही से उनके साथ मारपीट की गई है। मंगलवार को जो विवाद हुआ था उस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई की थी। थाने में जब तहरीर दी, फिर भी पुलिस नहीं जागी।
बिजली के बिल को लेकर विवाद
एसपी देहात अविनाश पांडेय के अनुसार जाट पक्ष के लोगों ने अनुसूचित पक्ष के एक युवक को बिजली का बिल जमा करने के लिए पैसे दिए थे। कुछ दिन तक बिल जमा नहीं किया। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ। मौके पर फायरिंग की बात सामने नहीं आई है। गांव में तनाव जैसी कोई बात नहीं है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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खरखौदा का मामला, राशन की दुकान को लेकर चल रहा जाट और अनुसूचित पक्ष के लोगों में विवाद
मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच विवाद में जाट पक्ष के युवक के साथ की थी मारपीट
बुधवार रात दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर पथराव कर की फायरिंग
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा/मेरठ। खरखौदा क्षेत्र के फकरपुर कबट्टा गांव में बुधवार रात जातीय संघर्ष हो गया। गांव में जाट और अनुसूचित पक्ष के लोगों के बीच पहले से चल रहे विवाद में मारपीट के बाद पथराव और फायरिंग हो गई। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर फायरिंग करते रहे। फायरिंग के बाद गांव में अफरा तफरी मच गई और लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स को भी अनुसूचित पक्ष के लोगों का विरोध झेलना पड़ा।
पुलिस के अनुसार कबट्टा गांव में राशन की दुकान को लेकर जाट और अनुसूचित पक्ष के लोगों में पहले से विवाद चल रहा है। कुछ समय पहले कबट्टा गांव की राशन की दुकान माजरा कूड़ी गांव में चली गई। जिसके बाद राशन की दुकान को लेकर दोनों ही बिरादरी आमने-सामने आ चुकी हैं। मंगलवार को कबट्टा गांव निवासी शिवम चौधरी गांव से बाहर गया था। आरोप है कि अनुसूचित पक्ष के गोविंद और उसके साथी सोनिक निवासी अतराड़ा ने पैसों के विवाद में मारपीट कर दी। जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हंगामा हो गया। बाद में दोनों पक्षों के लोगों ने खरखौदा थाने में एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही गांव में पहुंचना मुनासिब समझा।
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बुधवार रात को जाट पक्ष के तीन युवक गांव में अनुसूचित पक्ष की दुकान पर गये थे। जहां दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते गांव में दोनों ही बिरादरी के लोग आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट हो गई। एक-दूसरे पर पथराव और हवाई फायरिंग कर दी। गांव में 15 से 20 राउंड फायरिंग से अफरातफरी मच गई। सूचना पर सीओ किठौर आलोक सिंह, एसओ खरखौदा कुलवीर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मारपीट में अनुसूचित पक्ष से जगवीर, रिषिपाल और बाला घायल हो गईं। जबकि जाट पक्ष से भी दो युवकों को चोट लगी है। दोनों पक्ष पुलिस के सामने एक दूसरे पर पथराव और फायरिंग का आरोप लगा रहे थे। एसपी देहात अविनाश पांडेय खरखौदा थाने पहुंचे और पूरे प्रकरण की जानकारी की।
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पुलिस की लापरवाही पर हंगामा
अनुसूचित पक्ष की महिलाओं ने एसओ खरखौदा कुलवीर सिंह को घेर लिया। इस दौरान सीओ आलोक सिंह ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की। महिलाओं का कहना है कि खरखौदा पुलिस की लापरवाही से उनके साथ मारपीट की गई है। मंगलवार को जो विवाद हुआ था उस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई की थी। थाने में जब तहरीर दी, फिर भी पुलिस नहीं जागी।
बिजली के बिल को लेकर विवाद
एसपी देहात अविनाश पांडेय के अनुसार जाट पक्ष के लोगों ने अनुसूचित पक्ष के एक युवक को बिजली का बिल जमा करने के लिए पैसे दिए थे। कुछ दिन तक बिल जमा नहीं किया। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ। मौके पर फायरिंग की बात सामने नहीं आई है। गांव में तनाव जैसी कोई बात नहीं है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।