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गोशालाओं में गोवंशों को नहीं मिल रहा चारा-पानी
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गोशालाओं में गोवंशों को नहीं मिल रहा चारा-पानी
- सूरजकुंड डिपो, कांजी हाउस और अछरोंडा में बनाई गई हैं अस्थाई गोशाला
- मीडिया पहुंची तो ठेकेदार ने दोपहर दो बजे भिजवाया चारा
- गोशाला में मर रहे हैं गोवंश
मेरठ। नगर निगम की गोशालाओं में गोवंश भूखे और प्यासे मर रहे हैं। न तो समय पर पशुओं को चारा मिल रहा है और न ही पानी। बार-बार ठेकेदार बदले जा रहे हैं लेकिन व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं है। सोमवार को निगम की सूरजकुंड वाहन डिपो, कांजी हाउस और अछरोंडा में संचालित अस्थाई गोशालाओं में पशुओं को सुबह के समय चारा-पानी ही नहीं मिल पाया। मीडिया के पहुंचने पर ठेकेदार हरकत में आया। दोपहर दो बजे गोवंशों को आधा-अधूरा चारा दिया गया।
सूरजकुंड वाहन डिपो परिसर में निगम की गोशाला में 200 से अधिक गाय और सांड बताए जाते हैं। सूरजकुंड कांजी हाउस, अछरोंडा में भी 50-60 पशु हैं। पशुओं को नियमित चारा-पानी मिले इसके लिए निगम प्रशासन ने पिछले माह टेंडर प्रक्रिया से ठेका छोड़ा था। एक अप्रैल से चयनित ठेकेदार को गोशालाओं में पल रहे गोवंश के चारे और पानी की व्यवस्था करनी थी, लेकिन सोमवार की सुबह गोशालाओं में न तो ठेकेदार ही पहुंचे और न ही चारा। गोशालाओं में कर्मचारी तो मौजूद मिले, लेकिन चारे की व्यवस्था नहीं होने के कारण वह भी हाथ पर हाथ रखकर बैठे नजर आए। कर्मचारी सोनू ने बताया कि अगर चारा आएगा तो हम पशुओं को खिलाएंगे। सूरजकुंड वाहन डिपो परिसर स्थित गोशाला में सोमवार को मीडिया कर्मियों के पहुंचने पर दोपहर दो बजे गायों के लिए चारा भिजवाया गया। इस संबंध में ठेकेदार राकेश गौड़ का कहना है कि पहले दिन चारे की समय से व्यवस्था नहीं हो पाई, आगे भविष्य में ऐसी दिक्कत नहीं होगी। सभी गोवंश को समय से चारा-पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
शिकायत आयी थी कि गोवंश को चारा समय पर नहीं मिला है। ठेकेदार का पहला दिन था। हो सकता है कि व्यवस्था बनाने में दिक्कत रही हो। लेकिन आगे से अगर ऐसा होता है तो कार्रवाई की जाएगी।-मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
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- सूरजकुंड डिपो, कांजी हाउस और अछरोंडा में बनाई गई हैं अस्थाई गोशाला
- मीडिया पहुंची तो ठेकेदार ने दोपहर दो बजे भिजवाया चारा
- गोशाला में मर रहे हैं गोवंश
मेरठ। नगर निगम की गोशालाओं में गोवंश भूखे और प्यासे मर रहे हैं। न तो समय पर पशुओं को चारा मिल रहा है और न ही पानी। बार-बार ठेकेदार बदले जा रहे हैं लेकिन व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं है। सोमवार को निगम की सूरजकुंड वाहन डिपो, कांजी हाउस और अछरोंडा में संचालित अस्थाई गोशालाओं में पशुओं को सुबह के समय चारा-पानी ही नहीं मिल पाया। मीडिया के पहुंचने पर ठेकेदार हरकत में आया। दोपहर दो बजे गोवंशों को आधा-अधूरा चारा दिया गया।
सूरजकुंड वाहन डिपो परिसर में निगम की गोशाला में 200 से अधिक गाय और सांड बताए जाते हैं। सूरजकुंड कांजी हाउस, अछरोंडा में भी 50-60 पशु हैं। पशुओं को नियमित चारा-पानी मिले इसके लिए निगम प्रशासन ने पिछले माह टेंडर प्रक्रिया से ठेका छोड़ा था। एक अप्रैल से चयनित ठेकेदार को गोशालाओं में पल रहे गोवंश के चारे और पानी की व्यवस्था करनी थी, लेकिन सोमवार की सुबह गोशालाओं में न तो ठेकेदार ही पहुंचे और न ही चारा। गोशालाओं में कर्मचारी तो मौजूद मिले, लेकिन चारे की व्यवस्था नहीं होने के कारण वह भी हाथ पर हाथ रखकर बैठे नजर आए। कर्मचारी सोनू ने बताया कि अगर चारा आएगा तो हम पशुओं को खिलाएंगे। सूरजकुंड वाहन डिपो परिसर स्थित गोशाला में सोमवार को मीडिया कर्मियों के पहुंचने पर दोपहर दो बजे गायों के लिए चारा भिजवाया गया। इस संबंध में ठेकेदार राकेश गौड़ का कहना है कि पहले दिन चारे की समय से व्यवस्था नहीं हो पाई, आगे भविष्य में ऐसी दिक्कत नहीं होगी। सभी गोवंश को समय से चारा-पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
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शिकायत आयी थी कि गोवंश को चारा समय पर नहीं मिला है। ठेकेदार का पहला दिन था। हो सकता है कि व्यवस्था बनाने में दिक्कत रही हो। लेकिन आगे से अगर ऐसा होता है तो कार्रवाई की जाएगी।-मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
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