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बारिश और तेज हवा कर सकती है बीमार
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बारिश, ओले और तेज हवा कर सकती हैं बीमार
मेरठ। बृहस्पतिवार सुबह और रात को हुई बारिश, तेज हवाओं और फिर रात में पड़े ओले से मौसम में बदलाव आया है। मौसम का यह बदलाव बीमार कर सकता है, लिहाजा सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश में भीगने से और तेज हवा से बचकर रहें। बुखार, खांसी-जुकाम का खतरा है। सांस और हृदय रोगियों केलिए यह भी मौसम बीमार करने वाला है।
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि इस मौसम में सावधानी बेहद जरूरी है। इसमें जरा सी लापरवाही बुखार कर सकती है। अस्थमा और दिल के मरीजों को ठंडी हवाओं से बचना चाहिए। खासकर बुजुर्गों और बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखा जाना चाहिए। वैसे भी स्वाइन फ्लू और वायरल बुखार चल रहा है। फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि जिन बुजुर्गों पर पैरालाइसिस (फालिश) का अटैक हो चुका है, वह इस ठंडी हवा से बचकर रहें। नहाने में भी गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। महिलाएं बर्तन धोने के लिए भी नीम गर्म पानी का इस्तेमाल करें। ठंड़े पानी का इस्तेमाल ठंड लगने का कारण बन सकता है। बच्चे स्कूल जाएं तो कानों को मफलर या कैप से ढककर जाएं। इनर जरूर पहनें, यह ठंड़ से बचाती है। लापरवाही बदन दर्द, नजला-जुकाम और बुखार का कारण बन सकती है।
हल्का खाना खाएं, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं
फिजिशियन डॉ. विश्वजीत बैंबी ने बताया कि हल्का खाना खाएं। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए ताजे फल और हरी सब्जियां खानी चाहिए। खुद से दवाइयां नहीं लेनी चाहिए। जो भी दवा लेनी है वह चिकित्सक से सलाह के बाद ही लेनी चाहिए।
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खास बातें:
बुखार, खांसी-जुकाम, सांस और हृदय रोगियों को खतरा
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मेरठ। बृहस्पतिवार सुबह और रात को हुई बारिश, तेज हवाओं और फिर रात में पड़े ओले से मौसम में बदलाव आया है। मौसम का यह बदलाव बीमार कर सकता है, लिहाजा सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश में भीगने से और तेज हवा से बचकर रहें। बुखार, खांसी-जुकाम का खतरा है। सांस और हृदय रोगियों केलिए यह भी मौसम बीमार करने वाला है।
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि इस मौसम में सावधानी बेहद जरूरी है। इसमें जरा सी लापरवाही बुखार कर सकती है। अस्थमा और दिल के मरीजों को ठंडी हवाओं से बचना चाहिए। खासकर बुजुर्गों और बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखा जाना चाहिए। वैसे भी स्वाइन फ्लू और वायरल बुखार चल रहा है। फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि जिन बुजुर्गों पर पैरालाइसिस (फालिश) का अटैक हो चुका है, वह इस ठंडी हवा से बचकर रहें। नहाने में भी गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। महिलाएं बर्तन धोने के लिए भी नीम गर्म पानी का इस्तेमाल करें। ठंड़े पानी का इस्तेमाल ठंड लगने का कारण बन सकता है। बच्चे स्कूल जाएं तो कानों को मफलर या कैप से ढककर जाएं। इनर जरूर पहनें, यह ठंड़ से बचाती है। लापरवाही बदन दर्द, नजला-जुकाम और बुखार का कारण बन सकती है।
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हल्का खाना खाएं, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं
फिजिशियन डॉ. विश्वजीत बैंबी ने बताया कि हल्का खाना खाएं। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए ताजे फल और हरी सब्जियां खानी चाहिए। खुद से दवाइयां नहीं लेनी चाहिए। जो भी दवा लेनी है वह चिकित्सक से सलाह के बाद ही लेनी चाहिए।
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खास बातें:
बुखार, खांसी-जुकाम, सांस और हृदय रोगियों को खतरा