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मनुष्य का जीवन पुण्य का परिणाम है : गोपालदास महाराज
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सरूरपुर। बजाज शुगर मिल परिसर स्थित मंदिर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ किया गया। इससे पूर्व बजाज वाटिका में कलश यात्रा निकाली गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिला और कन्याएं उपस्थित थीं। बजाज वाटिका परिसर के मंदिर प्रांगण से बृहस्पतिवार को राम कथा को लेकर कलश यात्रा का शुभारंभ किया गया।
कथावाचक श्री गोपालदास महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने भगवान की मूर्ति हाथों में लेकर परिसर में भ्रमण किया। कलश यात्रा में धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, जय श्रीराम के नारे से पूरा इलाका गुंजायमान रहा। कथा का आयोजन यूनिट हैड केपी सिंह के नेतृत्व में शुरू किया गया। कथा के पहले दिन व्यास गोपालदास महाराज ने मनुष्य के जीवन की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानव जीवन बहुत ही दुर्लभ है। ये सभी को नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि मानव शरीर न देवताओं को मिलता है और न ही दैत्यों को लेकिन, ये हमें और आपको प्राप्त हुआ है। मनुष्य का जीवन पुण्य का परिणाम है जिसका जितना पुण्य है उसे उतना ही प्रभु के कृपा की प्राप्ति है। मानव को दो अदभुत चीजें प्राप्त हैं जो है हंसी और खुशी प्रकट करने के लिए ताली। हंसो और हंसने दो। उन्होंने कहा कि राम कथा में राम कथा के पहले शिव कथा है। हमारे मद, कद व पद को कभी भी कोई भी तोड़ सकता है। हमें बड़हल का फल नहीं बनना चाहिए। क्योंकि वह गिरते ही बिखर जाता है। हमें कटहल की तरह बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुख व दुख सभी के जीवन में एक बार जरूर आता है। इस दौरान मुकेश भटनागर, वीसी त्यागी, राजकुमार टाया, संजीव कुमार, शिवचरण सिंह, अखिल कुमार, संजीव शर्मा, पंडित दिनेश मणि त्रिपाठी, एसपी दुबे आदि मौजूद रहे।
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कथावाचक श्री गोपालदास महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने भगवान की मूर्ति हाथों में लेकर परिसर में भ्रमण किया। कलश यात्रा में धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, जय श्रीराम के नारे से पूरा इलाका गुंजायमान रहा। कथा का आयोजन यूनिट हैड केपी सिंह के नेतृत्व में शुरू किया गया। कथा के पहले दिन व्यास गोपालदास महाराज ने मनुष्य के जीवन की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानव जीवन बहुत ही दुर्लभ है। ये सभी को नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि मानव शरीर न देवताओं को मिलता है और न ही दैत्यों को लेकिन, ये हमें और आपको प्राप्त हुआ है। मनुष्य का जीवन पुण्य का परिणाम है जिसका जितना पुण्य है उसे उतना ही प्रभु के कृपा की प्राप्ति है। मानव को दो अदभुत चीजें प्राप्त हैं जो है हंसी और खुशी प्रकट करने के लिए ताली। हंसो और हंसने दो। उन्होंने कहा कि राम कथा में राम कथा के पहले शिव कथा है। हमारे मद, कद व पद को कभी भी कोई भी तोड़ सकता है। हमें बड़हल का फल नहीं बनना चाहिए। क्योंकि वह गिरते ही बिखर जाता है। हमें कटहल की तरह बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुख व दुख सभी के जीवन में एक बार जरूर आता है। इस दौरान मुकेश भटनागर, वीसी त्यागी, राजकुमार टाया, संजीव कुमार, शिवचरण सिंह, अखिल कुमार, संजीव शर्मा, पंडित दिनेश मणि त्रिपाठी, एसपी दुबे आदि मौजूद रहे।
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