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खजाना खाली, कैसे होंगे विकास कार्य
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खजाना खाली, कैसे होंगे विकास कार्य
मेरठ। शहर के विकास पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। 80 करोड़ के विकास कार्यों के टेंडर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते तीन दिन पहले नगरायुक्त निरस्त कर चुके हैं। वहीं निगम का खजाना खाली होने के बाद भी निगम बोर्ड फंड से 102 विकास कार्यों के टेंडर निकाले गए हैं। इनका ठेकेदारों ने बहिष्कार कर दिया है। यदि यह विवाद शीघ्र खत्म नहीं हुआ तो शहर का विकास आचार संहित में भी फंस सकता है।
शहर विकास की बाट जोह रहा है। कभी धन की कमी का रोना तो कभी अव्यवस्थाओं का बोलबाला। अब निगम प्रशासन ने अवस्थापना निधि से 51 करोड़, टीएफसी से 20 करोड़ और बोर्ड फंड से 14 करोड़ के विकास कार्यों का प्रस्ताव तैयार किया। कमिश्नर की अध्यक्षता में आयोजित की गई बैठक में अवस्थापना और टीएफसी के प्रस्ताव पास हुए थे। दो सप्ताह पहले नगर निगम ने टेंडर भी निकाल दिए थे, लेकिन टेंडर में ठेकेदारों से मिलीभगत करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इस कारण नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने टेंडर निरस्त कर दिए। अब नगर निगम ने बोर्ड फंड से होने वाले 102 विकास कार्योँ के टेंडर निकाले हैं। इसके विरोध में ठेकेदार उतर आए हैं। मंगलवार को ठेकेदार विपिन त्यागी, अतुल दीक्षित आदि मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष शर्मा से मिले। उन्होंने बगैर बजट वाले बोर्ड फंड के विकास कार्यों के टेंडरों का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी।
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मेरठ। शहर के विकास पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। 80 करोड़ के विकास कार्यों के टेंडर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते तीन दिन पहले नगरायुक्त निरस्त कर चुके हैं। वहीं निगम का खजाना खाली होने के बाद भी निगम बोर्ड फंड से 102 विकास कार्यों के टेंडर निकाले गए हैं। इनका ठेकेदारों ने बहिष्कार कर दिया है। यदि यह विवाद शीघ्र खत्म नहीं हुआ तो शहर का विकास आचार संहित में भी फंस सकता है।
शहर विकास की बाट जोह रहा है। कभी धन की कमी का रोना तो कभी अव्यवस्थाओं का बोलबाला। अब निगम प्रशासन ने अवस्थापना निधि से 51 करोड़, टीएफसी से 20 करोड़ और बोर्ड फंड से 14 करोड़ के विकास कार्यों का प्रस्ताव तैयार किया। कमिश्नर की अध्यक्षता में आयोजित की गई बैठक में अवस्थापना और टीएफसी के प्रस्ताव पास हुए थे। दो सप्ताह पहले नगर निगम ने टेंडर भी निकाल दिए थे, लेकिन टेंडर में ठेकेदारों से मिलीभगत करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इस कारण नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने टेंडर निरस्त कर दिए। अब नगर निगम ने बोर्ड फंड से होने वाले 102 विकास कार्योँ के टेंडर निकाले हैं। इसके विरोध में ठेकेदार उतर आए हैं। मंगलवार को ठेकेदार विपिन त्यागी, अतुल दीक्षित आदि मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष शर्मा से मिले। उन्होंने बगैर बजट वाले बोर्ड फंड के विकास कार्यों के टेंडरों का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी।
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