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प्रमुख सचिव ऊर्जा
Updated Thu, 26 Jul 2018 02:24 AM IST
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लक्ष्य में फिसड्डी अधिकारी होंगे बाहर
मेरठ। केंद्र सरकार की उदय योजना (उज्ज्वल डिस्काम एश्योरेंस योजना) को पूरा करने में फिसड्डी चल रहे पीवीवीएनएल को आर्थिक मदद मिलने पर खतरा पैदा हो गया है। यह बातें बुधवार को पीवीवीएनएल की समीक्षा करने पहुंचे प्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल चेयरमैन आलोक कुमार ने कही।
उन्होंने कहा कि उदय योजना में शामिल होने के लिए कंपनी का जुलाई 2016 में एमओयू हुआ था। मार्च 2018 तक कंपनी को एमओयू की शर्तों को पूरा करना था, लेकिन कंपनी इस मामले में अच्छा नहीं कर रही है। इस पर केेंद्र सरकार अब कंपनी को लोन देने से हाथ खड़ा कर रही है। आलोक कुमार ने बताया कि समीक्षा में नोएडा की स्थिति खराब मिली है। योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मोटा पैसा देने के बाद भी तय समय में कार्य पूरा नहीं हो पाया है। यहां पोस्टिंग पाने के लिए प्रदेश के सभी बिजली अधिकारी लाइन लगाए रहते हैं लेकिन लक्ष्य हासिल करने में फिसड्डी साबित हुए हैं। ऐसे अधिकारियों को 5 अगस्त तक का समय दिया गया है। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो 10 अगस्त के बाद सभी को कंपनी से बाहर कर दिया जाएगा।
कुमार ने कहा कि सौभाग्य योजना में पीवीवीएनएल अच्छा स्कोर कर रहा है। यहां प्रदेेश की बाकी कंपनियों के मुकाबले ज्यादा कनेक्शन दिए गए हैं। अक्तूबर तक सभी कनेक्शन जारी करने की उम्मीद है। कुमार ने कहा कि गलत बिलों को ठीक करने की जिम्मेदारी एसडीओ का दी गई है। सप्ताह में दो दिन एसडीओ गांव में जाकर बिल ठीक करेंगे। इसकी निगरानी के लिए अधीक्षण अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक नामित किए गए हैं। नो ट्रिपिंग जोन के बारे में कहा कि कुल 17 जोन बनाए गए हैं। इसके लिए 4 करोड़ 55 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। अभी इसमें ज्यादा सुधार नहीं है, बिजली कट रही है। लेकिन कुछ दिन में इसमें सुधार देखने को मिलेगा। फाल्ट ठीक करने के लिए आधुनिक वैन ली जा रही है।
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मेरठ। केंद्र सरकार की उदय योजना (उज्ज्वल डिस्काम एश्योरेंस योजना) को पूरा करने में फिसड्डी चल रहे पीवीवीएनएल को आर्थिक मदद मिलने पर खतरा पैदा हो गया है। यह बातें बुधवार को पीवीवीएनएल की समीक्षा करने पहुंचे प्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल चेयरमैन आलोक कुमार ने कही।
उन्होंने कहा कि उदय योजना में शामिल होने के लिए कंपनी का जुलाई 2016 में एमओयू हुआ था। मार्च 2018 तक कंपनी को एमओयू की शर्तों को पूरा करना था, लेकिन कंपनी इस मामले में अच्छा नहीं कर रही है। इस पर केेंद्र सरकार अब कंपनी को लोन देने से हाथ खड़ा कर रही है। आलोक कुमार ने बताया कि समीक्षा में नोएडा की स्थिति खराब मिली है। योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए मोटा पैसा देने के बाद भी तय समय में कार्य पूरा नहीं हो पाया है। यहां पोस्टिंग पाने के लिए प्रदेश के सभी बिजली अधिकारी लाइन लगाए रहते हैं लेकिन लक्ष्य हासिल करने में फिसड्डी साबित हुए हैं। ऐसे अधिकारियों को 5 अगस्त तक का समय दिया गया है। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो 10 अगस्त के बाद सभी को कंपनी से बाहर कर दिया जाएगा।
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कुमार ने कहा कि सौभाग्य योजना में पीवीवीएनएल अच्छा स्कोर कर रहा है। यहां प्रदेेश की बाकी कंपनियों के मुकाबले ज्यादा कनेक्शन दिए गए हैं। अक्तूबर तक सभी कनेक्शन जारी करने की उम्मीद है। कुमार ने कहा कि गलत बिलों को ठीक करने की जिम्मेदारी एसडीओ का दी गई है। सप्ताह में दो दिन एसडीओ गांव में जाकर बिल ठीक करेंगे। इसकी निगरानी के लिए अधीक्षण अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक नामित किए गए हैं। नो ट्रिपिंग जोन के बारे में कहा कि कुल 17 जोन बनाए गए हैं। इसके लिए 4 करोड़ 55 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। अभी इसमें ज्यादा सुधार नहीं है, बिजली कट रही है। लेकिन कुछ दिन में इसमें सुधार देखने को मिलेगा। फाल्ट ठीक करने के लिए आधुनिक वैन ली जा रही है।
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