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बैठक में की हाईकोर्ट बैंच मांग की समीक्षा
Updated Thu, 03 May 2018 02:36 AM IST
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की मांग
मेरठ। दोआब प्रदेश संघर्ष समिति, पश्चिमी उ.प्र. के कार्यकारी केंद्रीय अध्यक्ष सुरेश नारायण शर्मा के आवास शताब्दी नगर दिल्ली रोड पर एक बैठक हुई। जिसमें हाईकोर्ट बेंच की 36 वर्षों से उठाई जा रही मांग की समीक्षा करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की मांग की गई।
बैठक में सुरेश नारायण शर्मा ने बताया कि गंगा-यमुना नदियों के वृहद पश्चिमी दोआब भौगोलिक क्षेत्र का दोआब प्रदेश नामकरण सहित विकासशील अपेक्षाकृत छोटा राज्य बनाए जाने की दशकों पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उ.प्र.के अपने राजस्व का भी पश्चिमी क्षेत्र के विकास कार्योँ में पूर्ण उपयोग नहीं होता अन्यथा यह क्षेत्र दुनिया का सर्वाधिक विकसित क्षेत्र होगा। अध्यक्ष ने बताया पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राज्य बनने पर यहां हाईकोर्ट बेंच स्वत: विकसित हो जाएगी। इसलिए हाईकोर्ट बेंच के बजाए पश्चिमी उत्तर प्रदेश को दोआब प्रदेश राज्य बनाए जाने की मांग करनी चाहिए। बैठक में कुंवर असदउल्ला, अतीकुर्रहमान सैफी, शिव कुमार शर्मा, कृपाशंकर शर्मा, नरेंद्र मित्तल, अजब सिंह आदि रहे।
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मेरठ। दोआब प्रदेश संघर्ष समिति, पश्चिमी उ.प्र. के कार्यकारी केंद्रीय अध्यक्ष सुरेश नारायण शर्मा के आवास शताब्दी नगर दिल्ली रोड पर एक बैठक हुई। जिसमें हाईकोर्ट बेंच की 36 वर्षों से उठाई जा रही मांग की समीक्षा करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की मांग की गई।
बैठक में सुरेश नारायण शर्मा ने बताया कि गंगा-यमुना नदियों के वृहद पश्चिमी दोआब भौगोलिक क्षेत्र का दोआब प्रदेश नामकरण सहित विकासशील अपेक्षाकृत छोटा राज्य बनाए जाने की दशकों पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उ.प्र.के अपने राजस्व का भी पश्चिमी क्षेत्र के विकास कार्योँ में पूर्ण उपयोग नहीं होता अन्यथा यह क्षेत्र दुनिया का सर्वाधिक विकसित क्षेत्र होगा। अध्यक्ष ने बताया पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राज्य बनने पर यहां हाईकोर्ट बेंच स्वत: विकसित हो जाएगी। इसलिए हाईकोर्ट बेंच के बजाए पश्चिमी उत्तर प्रदेश को दोआब प्रदेश राज्य बनाए जाने की मांग करनी चाहिए। बैठक में कुंवर असदउल्ला, अतीकुर्रहमान सैफी, शिव कुमार शर्मा, कृपाशंकर शर्मा, नरेंद्र मित्तल, अजब सिंह आदि रहे।
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