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मदरसा परिषद् के फरमान से उलमा नाराज
Updated Sat, 12 Aug 2017 02:55 AM IST
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उप्र मदरसा शिक्षा परिषद के फरमान से उलमा नाराज
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
यूपी मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा 15 अगस्त पर ध्वजारोहण अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया। इसके साथ ही मदरसा संचालकों को ध्वजारोहण के दौरान वीडियोग्राफी का आदेश भी दिया गया। इतना ही नहीं मदरसा शिक्षा परिषद ने स्वतंत्रता दिवस पर 7 मुख्य बिदुंओं पर मदरसों को पत्र जारी किया है। इन सभी बिंदुओं पर जनपद के उलेमाओं ने प्रतिक्रिया दी है।
सबसे तीखी प्रतिक्रिया उलमाओं ने शहीदों को पुष्पांजलि कर श्रद्धांजलि देने पर दी है। शहरकाजी जैनुससाजिद्दीन ने कहा कि तस्वीर पर पुष्पांजलि करना इस्लाम के खिलाफ है। हमारे मदरसों में हर वर्ष राष्ट्रगान और ध्वजारोहण होता है। इसके अलावा परिषद के वीडियोग्राफी सहित सभी बिंदुओं पर अमल करने में मदरसे में कोई दिक्कत नहीं है। जनपद में तीन मदरसे उप्र मदरसा शिक्षा परिषद के तहत आते हैं। इसमें अंदरकोट स्थित मदरसा इस्लामिया, रेलवे रोड स्थित मनसबिया, शाही जामा मस्जिद स्थित मदरसा दारूल उलूम शामिल हैं। जमियत उलमा ए हिंद के पदाधिकारी मौलाना सलमान कासमी ने बताया कि सभी बिंदु ठीक हैं। लेकिन शहीदों को पुष्पांजलि कर श्रद्धांजलि देना शरीयत के खिलाफ है। मदरसा इमदादुल इस्लाम के उपाध्यक्ष मौलाना मशहूदुर्रहमान शाहिन जमाली ने कहा कि शहीदों पर पुष्पाजंलि अर्पित करना इस्लाम के दायरे से बाहर है। इस पर विचार करना चाहिए।
मदरसा शिक्षा परिषद से जारी निर्देश
-झंडारोहण व राष्ट्रगान मदरसों में अनिवार्य।
-शहीदों को पुष्पांजलि कर श्रृद्घांजलि देना।
-स्वतंत्रता दिवस पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन पर प्रकाश डालना।
-मदरसे के छात्र-छात्राएं स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति गीत प्रस्तुत करेंगे।
-मदरसों में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेलकूद प्रतियोगिताएं का आयोजन।
-मिष्ठान वितरण करना।
-कार्यक्रम की वीडियोग्राफी की सीडी तैयार करना।
खास बातें
- शहीदों को पुष्पाजंलि कर श्रद्धांजलि देना इस्लाम में बताया गलत
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
यूपी मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा 15 अगस्त पर ध्वजारोहण अनिवार्य करने का आदेश जारी किया गया। इसके साथ ही मदरसा संचालकों को ध्वजारोहण के दौरान वीडियोग्राफी का आदेश भी दिया गया। इतना ही नहीं मदरसा शिक्षा परिषद ने स्वतंत्रता दिवस पर 7 मुख्य बिदुंओं पर मदरसों को पत्र जारी किया है। इन सभी बिंदुओं पर जनपद के उलेमाओं ने प्रतिक्रिया दी है।
सबसे तीखी प्रतिक्रिया उलमाओं ने शहीदों को पुष्पांजलि कर श्रद्धांजलि देने पर दी है। शहरकाजी जैनुससाजिद्दीन ने कहा कि तस्वीर पर पुष्पांजलि करना इस्लाम के खिलाफ है। हमारे मदरसों में हर वर्ष राष्ट्रगान और ध्वजारोहण होता है। इसके अलावा परिषद के वीडियोग्राफी सहित सभी बिंदुओं पर अमल करने में मदरसे में कोई दिक्कत नहीं है। जनपद में तीन मदरसे उप्र मदरसा शिक्षा परिषद के तहत आते हैं। इसमें अंदरकोट स्थित मदरसा इस्लामिया, रेलवे रोड स्थित मनसबिया, शाही जामा मस्जिद स्थित मदरसा दारूल उलूम शामिल हैं। जमियत उलमा ए हिंद के पदाधिकारी मौलाना सलमान कासमी ने बताया कि सभी बिंदु ठीक हैं। लेकिन शहीदों को पुष्पांजलि कर श्रद्धांजलि देना शरीयत के खिलाफ है। मदरसा इमदादुल इस्लाम के उपाध्यक्ष मौलाना मशहूदुर्रहमान शाहिन जमाली ने कहा कि शहीदों पर पुष्पाजंलि अर्पित करना इस्लाम के दायरे से बाहर है। इस पर विचार करना चाहिए।
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मदरसा शिक्षा परिषद से जारी निर्देश
-झंडारोहण व राष्ट्रगान मदरसों में अनिवार्य।
-शहीदों को पुष्पांजलि कर श्रृद्घांजलि देना।
-स्वतंत्रता दिवस पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन पर प्रकाश डालना।
-मदरसे के छात्र-छात्राएं स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति गीत प्रस्तुत करेंगे।
-मदरसों में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेलकूद प्रतियोगिताएं का आयोजन।
-मिष्ठान वितरण करना।
-कार्यक्रम की वीडियोग्राफी की सीडी तैयार करना।
खास बातें
- शहीदों को पुष्पाजंलि कर श्रद्धांजलि देना इस्लाम में बताया गलत