{"_id":"596a52bd4f1c1b44458b45fa","slug":"171500140221-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वाइन फ्लू मामला: जांच के लिए भेजा गया नया सैंपल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाइन फ्लू मामला: जांच के लिए भेजा गया नया सैंपल
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वाइन फ्लू मामला : मेडिकल कॉलेज भेजा गया नया सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
स्वाइन फ्लू के संक्रमण से पीड़ित नर्स के थ्रोट स्वेब (गले की जांच) का सैंपल शनिवार दोपहर मेडिकल कॉलेज की माइक्रो बायोलाजी लैब भेज दिया गया है। वहां से इस सैंपल की रिपोर्ट सोमवार को आएगी।
पीड़ित महिला लीलिमा (41) निवासी गोपाल विहार निजी अस्पताल में भर्ती हैं। वह इसी अस्पताल में नर्स हैं। 11 जुलाई को स्वाइन फ्लू की जांच के लिए उनका थ्रोट स्वेब निजी लैब में भेजा गया था, जहां से 13 जुलाई को रिपोर्ट आई थी, जिसमें स्वाइन फ्लू का संक्रमण होना आया था। नियमानुसार शुक्रवार को पीड़िता का एक सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज की माइक्रो बायोलाजी लैब में भी भेजा गया था, लेकिन इसे यह कहते हुए लौटा दिया गया था यह पुराना है और इसका रख रखाव ठीक नहीं है, लिहाजा नया सैंपल भेजा जाए।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने नए सैंपल भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पीड़िता को टेमी फ्लू की दवा दी जा रही है। साथ ही उसके परिवार के लोगों को भी टेमी फ्लू की दवा दी गई है। इनके परिवार के आसपास के घरों में रहने वाले 12 लोगों को बुखार की दवा दी गई है। अलर्ट जारी कर दिया गया था। जिला अस्पताल में 10 बेड का स्वाइन फ्लू वार्ड भी बनाया गया है। दूसरी तरफ, मेडिकल कॉलेज की माइक्रो बायोलॉजी लैब केप्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि थ्रोट स्वेब के सैंपल की जांच में 8-10 घंटे लगते हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग केपास हैं महज 95 मास्क
एक तरफ स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार मंडरा रहा है, तो दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के पास स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मास्क महज 95 हैं। हालांकि टेमी फ्लू की दवाइयां पर्याप्त बताई जा रही हैं। मुख्य फार्मासिस्ट वीकेसिंह ने बताया कि सीएमओ कार्यालय स्थित दवा विभाग के पास टेमी फ्लू की 6000 से ज्यादा टेबलेट हैं। मास्क के लिए मांग पत्र भेजा जा रहा है।
खास बातें
सोमवार को आएगी रिपोर्ट, स्वास्थ्य विभाग दे रहा है टेमी फ्लू की दवाई
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
स्वाइन फ्लू के संक्रमण से पीड़ित नर्स के थ्रोट स्वेब (गले की जांच) का सैंपल शनिवार दोपहर मेडिकल कॉलेज की माइक्रो बायोलाजी लैब भेज दिया गया है। वहां से इस सैंपल की रिपोर्ट सोमवार को आएगी।
पीड़ित महिला लीलिमा (41) निवासी गोपाल विहार निजी अस्पताल में भर्ती हैं। वह इसी अस्पताल में नर्स हैं। 11 जुलाई को स्वाइन फ्लू की जांच के लिए उनका थ्रोट स्वेब निजी लैब में भेजा गया था, जहां से 13 जुलाई को रिपोर्ट आई थी, जिसमें स्वाइन फ्लू का संक्रमण होना आया था। नियमानुसार शुक्रवार को पीड़िता का एक सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज की माइक्रो बायोलाजी लैब में भी भेजा गया था, लेकिन इसे यह कहते हुए लौटा दिया गया था यह पुराना है और इसका रख रखाव ठीक नहीं है, लिहाजा नया सैंपल भेजा जाए।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने नए सैंपल भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पीड़िता को टेमी फ्लू की दवा दी जा रही है। साथ ही उसके परिवार के लोगों को भी टेमी फ्लू की दवा दी गई है। इनके परिवार के आसपास के घरों में रहने वाले 12 लोगों को बुखार की दवा दी गई है। अलर्ट जारी कर दिया गया था। जिला अस्पताल में 10 बेड का स्वाइन फ्लू वार्ड भी बनाया गया है। दूसरी तरफ, मेडिकल कॉलेज की माइक्रो बायोलॉजी लैब केप्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि थ्रोट स्वेब के सैंपल की जांच में 8-10 घंटे लगते हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग केपास हैं महज 95 मास्क
एक तरफ स्वाइन फ्लू का खतरा लगातार मंडरा रहा है, तो दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के पास स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मास्क महज 95 हैं। हालांकि टेमी फ्लू की दवाइयां पर्याप्त बताई जा रही हैं। मुख्य फार्मासिस्ट वीकेसिंह ने बताया कि सीएमओ कार्यालय स्थित दवा विभाग के पास टेमी फ्लू की 6000 से ज्यादा टेबलेट हैं। मास्क के लिए मांग पत्र भेजा जा रहा है।
खास बातें
सोमवार को आएगी रिपोर्ट, स्वास्थ्य विभाग दे रहा है टेमी फ्लू की दवाई