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जाम के लिए अवैध कट भी जिम्मेदार, इनका करो इंतजाम
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जाम के लिए अवैध कट भी जिम्मेदार, इनका करो इंतजाम
शहर की यातायात व्यवस्था पुलिस और प्रशासन के लिए बन रही चुनौती
अफसरों के दावे बड़े बड़े, लेकिन सड़क पर आते ही दावे होने लगते हैं फेल
मेरठ। शहर की यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई है। एक तरफ जहां शहर के बीच रोडवेज बस अड्डे यातायात व्यवस्था के लिए समस्या बना हुआ है, वहीं अवैध कट और अतिक्रमण के कारण भी जाम लग रहा है। दिल्ली रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर गेट के सामने अवैध कट से दिन भर जाम की समस्या रहती है।
ट्रैफिक पुलिस में एसपी ट्रैफिक, एक सीओ ट्रैफिक, पांच ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 38 एचसीपी व हेड कांस्टेबल, 110 सिपाही, 43 महिला कांस्टेबल और 100 होमगार्ड तैनात हैं। सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी तैनात रहती है। ट्रैफिक पुलिस में सात सात घंटे की एक शिफ्ट रहती है। अतिक्रमण को लेकर ट्रैफिक पुलिस जब भी कोई अभियान चलाती है, वह अभियान चलते ही बंद हो जाता है।
दिल्ली रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर कट के सामने भारी वाहनों की सबसे बड़ी समस्या है। यहां पूर्व में ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन अब दूर तक भी पुलिस गायब है। ऐसे में रांग साइड से ट्रक, टैंकर, कंटेनर और वाहन मुड़ते हैं। जिससे अवैध कट पर जाम लगना शुरू हो जाता है। जाम की स्थिति यह रहती है कि एक मिनट में यहां वाहन रुके तो एक किमी से लंबा जाम लग जाता है। रांग साइड वाहन यहां सबसे बड़ी समस्या है। इस कट को लेकर न तो पुलिस का कोई प्लान है न ही रांग साइड वाहनों पर कार्रवाई की जाती। जिससे दिल्ली रोड पर जनता को दिन भर जाम की परेशानी झेलनी पड़ती है।
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शहर में सुबह सात बजे से रात्रि दस बजे तक नो एंट्री रहती है। नो एंट्री में शहर में भारी वाहन प्रतिबंधित हैं। लेकिन मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने मांग की थी टीपीनगर गेट तक भारी वाहनों में कुछ घंटे की छूट दी जाए। जिसके बाद एसपी ट्रैफिक ने दोपहर एक बजे से तीन बजे और शाम पांच बजे से रात्रि आठ बजे तक भारी वाहनों को ट्रांसपोर्ट नगर में आने के लिए रोक लगाई। लेकिन अब पूरी व्यवस्था ही भारी वाहनों ने धड़ाम कर दी है। ट्रैफिक पुलिस में दो साल में मैनपावर भी बढ़ गई। दो साल पहले जहां एक टीआई, दो टीएसआई, छह एचसपी और 56 कांस्टेबल थे। लेकिन इस समय पांच ट्रैफिक इंस्पेक्टर समेत 280 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात हैं।
अतिक्रमण पर भी कोई कार्रवाई नहीं
दिल्ली रोड पर अतिक्रमण पर भी ट्रैफिक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सड़क के दोनों तरफ व्हाइट लाइन तक दुकानों के बाहर अतिक्रमण का कब्जा है, जबकि शहर में बीच सड़क पर अवैध तरीके से फड़ व ठेले लगाने भी जाम लगता है। दिल्ली पर अतिक्रमण पर न तो कभी थाना पुलिस ने अतिक्रमण पर अभियान चलाया न ही ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई की।
चौराहों की व्यवस्था भी धड़ाम
शहर में मुख्य चौराहों में बेगमपुल चौराहा, जीरो माइल, लालकुर्ती पैठ बाजार, भैसाली बस अड्डा, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, एचआरएस चौक, हापुड़ अड्डा चौराहा, भूमिया का पुल, एल ब्लॉक शास्त्रीनगर में चौराहों पर बीच सड़क पर अवैध तरीके से ऑटो और ई रिक्शा खड़े होते हैं। पास में ट्रैफिक पुलिस वाहनों के चालान काटते हुए नजर आती है, लेकिन चौराहों पर अवैध वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि कई बार चौराहों पर अभियान चलाया गया था कि 50 मीटर तक कोई भी वाहन, या ठेला चौराहे पर नहीं खड़ा होने दिया जाएगा।
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शहर की यातायात व्यवस्था पुलिस और प्रशासन के लिए बन रही चुनौती
अफसरों के दावे बड़े बड़े, लेकिन सड़क पर आते ही दावे होने लगते हैं फेल
मेरठ। शहर की यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई है। एक तरफ जहां शहर के बीच रोडवेज बस अड्डे यातायात व्यवस्था के लिए समस्या बना हुआ है, वहीं अवैध कट और अतिक्रमण के कारण भी जाम लग रहा है। दिल्ली रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर गेट के सामने अवैध कट से दिन भर जाम की समस्या रहती है।
ट्रैफिक पुलिस में एसपी ट्रैफिक, एक सीओ ट्रैफिक, पांच ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 38 एचसीपी व हेड कांस्टेबल, 110 सिपाही, 43 महिला कांस्टेबल और 100 होमगार्ड तैनात हैं। सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी तैनात रहती है। ट्रैफिक पुलिस में सात सात घंटे की एक शिफ्ट रहती है। अतिक्रमण को लेकर ट्रैफिक पुलिस जब भी कोई अभियान चलाती है, वह अभियान चलते ही बंद हो जाता है।
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दिल्ली रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर कट के सामने भारी वाहनों की सबसे बड़ी समस्या है। यहां पूर्व में ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन अब दूर तक भी पुलिस गायब है। ऐसे में रांग साइड से ट्रक, टैंकर, कंटेनर और वाहन मुड़ते हैं। जिससे अवैध कट पर जाम लगना शुरू हो जाता है। जाम की स्थिति यह रहती है कि एक मिनट में यहां वाहन रुके तो एक किमी से लंबा जाम लग जाता है। रांग साइड वाहन यहां सबसे बड़ी समस्या है। इस कट को लेकर न तो पुलिस का कोई प्लान है न ही रांग साइड वाहनों पर कार्रवाई की जाती। जिससे दिल्ली रोड पर जनता को दिन भर जाम की परेशानी झेलनी पड़ती है।
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शहर में सुबह सात बजे से रात्रि दस बजे तक नो एंट्री रहती है। नो एंट्री में शहर में भारी वाहन प्रतिबंधित हैं। लेकिन मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने मांग की थी टीपीनगर गेट तक भारी वाहनों में कुछ घंटे की छूट दी जाए। जिसके बाद एसपी ट्रैफिक ने दोपहर एक बजे से तीन बजे और शाम पांच बजे से रात्रि आठ बजे तक भारी वाहनों को ट्रांसपोर्ट नगर में आने के लिए रोक लगाई। लेकिन अब पूरी व्यवस्था ही भारी वाहनों ने धड़ाम कर दी है। ट्रैफिक पुलिस में दो साल में मैनपावर भी बढ़ गई। दो साल पहले जहां एक टीआई, दो टीएसआई, छह एचसपी और 56 कांस्टेबल थे। लेकिन इस समय पांच ट्रैफिक इंस्पेक्टर समेत 280 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात हैं।
अतिक्रमण पर भी कोई कार्रवाई नहीं
दिल्ली रोड पर अतिक्रमण पर भी ट्रैफिक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सड़क के दोनों तरफ व्हाइट लाइन तक दुकानों के बाहर अतिक्रमण का कब्जा है, जबकि शहर में बीच सड़क पर अवैध तरीके से फड़ व ठेले लगाने भी जाम लगता है। दिल्ली पर अतिक्रमण पर न तो कभी थाना पुलिस ने अतिक्रमण पर अभियान चलाया न ही ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई की।
चौराहों की व्यवस्था भी धड़ाम
शहर में मुख्य चौराहों में बेगमपुल चौराहा, जीरो माइल, लालकुर्ती पैठ बाजार, भैसाली बस अड्डा, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, एचआरएस चौक, हापुड़ अड्डा चौराहा, भूमिया का पुल, एल ब्लॉक शास्त्रीनगर में चौराहों पर बीच सड़क पर अवैध तरीके से ऑटो और ई रिक्शा खड़े होते हैं। पास में ट्रैफिक पुलिस वाहनों के चालान काटते हुए नजर आती है, लेकिन चौराहों पर अवैध वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि कई बार चौराहों पर अभियान चलाया गया था कि 50 मीटर तक कोई भी वाहन, या ठेला चौराहे पर नहीं खड़ा होने दिया जाएगा।