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परेशान न हों महिलाएं, एक छत के नीचे मिलेंगी सुविधाएं
Updated Fri, 17 Aug 2018 02:52 AM IST
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परेशान न हों महिलाएं, एक छत के नीचे मिलेंगी सुविधाएं
मेरठ। अपराध और परेशानियां झेल रहीं महिलाओं को आशा ज्योति केंद्र में सिर्फ पुनर्वास की सुविधा ही नहीं मिलेगी, बल्कि अब वह काउंसिलिंग के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज करा सकेंगी। इसके लिए उन्हें इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि सखी: आशा ज्योति केंद्र में ही एक छत केनीचे उनकी परेशानियों को दूर करने वाली सुविधाएं मिलेंगी।
आशा ज्योति केंद्र मेडिकल कॉलेज में स्थित है। शासन के निर्देश पर 2016 में आशा ज्योति केंद्र खोले गए थे। यहां हर माह 80 से 100 पीड़ित महिलाएं आती हैं। इनमें से 10 से 15 ऐसी रहती हैं, जिन्हें एफआईआर दर्ज कराने की भी जरूरत होती है। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। आशा ज्योति केंद्र में घरेलू हिंसा, बलात्कार, गुमशुदा, दुर्घटना, छेड़छाड़ पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा, कानून और पुनर्वास सुविधा महैया कराई जा रही है। पहले एफआईआर के लिए पीड़ित महिलाओं को महिला थाने जाना पड़ता था।
आशा ज्योति केंद्र स्थित रिपोर्टिंग चौकी पर एक एसआई, तीन महिला कांस्टेबल, होमगार्ड हैं। इनकेअलावा काउंसिलिंग के लिए काउंसलर, कानूनी सलाह के लिए वकील और चिकित्सा केलिए डॉक्टर मौजूद रहते हैं। आशा ज्योति केंद्र के स्टाफ ने बताया कि 181 टोल फ्री नंबर पर महिला हेल्पलाइन ‘आप की सखी’ संचालित है। यह केंद्र महिलाओं को परामर्श देने, परेशानियों में उनकी रक्षा करने और उनके सशक्तिकरण के लिए शुरू किया गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि महिलाएं अपने साथ हो रहे अपराध को आशा ज्योति केंद्र में दर्ज कराएं, यहां उन्हें न्याय मिलेगा और परेशानियों का निराकरण होगा।
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मेरठ। अपराध और परेशानियां झेल रहीं महिलाओं को आशा ज्योति केंद्र में सिर्फ पुनर्वास की सुविधा ही नहीं मिलेगी, बल्कि अब वह काउंसिलिंग के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज करा सकेंगी। इसके लिए उन्हें इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि सखी: आशा ज्योति केंद्र में ही एक छत केनीचे उनकी परेशानियों को दूर करने वाली सुविधाएं मिलेंगी।
आशा ज्योति केंद्र मेडिकल कॉलेज में स्थित है। शासन के निर्देश पर 2016 में आशा ज्योति केंद्र खोले गए थे। यहां हर माह 80 से 100 पीड़ित महिलाएं आती हैं। इनमें से 10 से 15 ऐसी रहती हैं, जिन्हें एफआईआर दर्ज कराने की भी जरूरत होती है। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। आशा ज्योति केंद्र में घरेलू हिंसा, बलात्कार, गुमशुदा, दुर्घटना, छेड़छाड़ पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा, कानून और पुनर्वास सुविधा महैया कराई जा रही है। पहले एफआईआर के लिए पीड़ित महिलाओं को महिला थाने जाना पड़ता था।
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आशा ज्योति केंद्र स्थित रिपोर्टिंग चौकी पर एक एसआई, तीन महिला कांस्टेबल, होमगार्ड हैं। इनकेअलावा काउंसिलिंग के लिए काउंसलर, कानूनी सलाह के लिए वकील और चिकित्सा केलिए डॉक्टर मौजूद रहते हैं। आशा ज्योति केंद्र के स्टाफ ने बताया कि 181 टोल फ्री नंबर पर महिला हेल्पलाइन ‘आप की सखी’ संचालित है। यह केंद्र महिलाओं को परामर्श देने, परेशानियों में उनकी रक्षा करने और उनके सशक्तिकरण के लिए शुरू किया गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि महिलाएं अपने साथ हो रहे अपराध को आशा ज्योति केंद्र में दर्ज कराएं, यहां उन्हें न्याय मिलेगा और परेशानियों का निराकरण होगा।
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