फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   संशोधित समाचार

संशोधित समाचार

Thu, 07 Jun 2018 02:09 AM IST
Updated Thu, 07 Jun 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
संशोधित समाचार
मेरठ। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जाने वाले गरीबों के मकानों के लिए अवैध कॉलोनी का कानून भी आड़े नहीं आएगा। यानी अवैध कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों को सरकारी खजाने से वैध भवन बनाकर दिए जाएंगे।
विज्ञापन

जनपद भर में ऐसे परिवारों के भवनों की संख्या 10-20 नहीं बल्कि कई हजार होगी। इस योजना की पात्रता में वैध कालोनी में अथवा पुराने शहर में भूमि का होना जरूरी नहीं है। बस केवल नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत की सीमा में होना आवश्यक है। हालांकि सरकार की इस योजना में पात्रता की श्रेणी के नियमों को लेकर कानून को पलीता लगता नजर आ रहा है। कारण है कि नियमानुसार भूमि की कई श्रेणी होती हैं। जिनमें कृषि, आवासीय, कॉमर्शियल आदि हैं। जो भूमि जिस उपयोग के लिए सरकारी अभिलेखों में दर्ज है, उसमें वहीं कार्य किया जा सकता है। अगर भूमि का उपयोग बदलना है तो सरकारी नियमों के अनुरूप भूमि का लैंड यूज बदलना पड़ता है। इस योजना में सरकार के बनाए कानून टूटते नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन

10 हजार परिवारों के बनेंगे मकान
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वयं आवास निर्माण के लिए शासन ने खजाना खोलना शुरू कर दिया है। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में 10 हजार उन सभी परिवारों का चयन हुआ है जो पात्रता सूची में आते हैं। इनमें शासन ने पहले चरण में 720 परिवारों के लिए मकान बनाने की पहली किश्त 50-50 हजार रुपये जारी की है। दूसरे चरण में अन्य परिवारों के लिए धन जारी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये है प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक उस परिवार को सरकार अपने पैसे से मकान बनाकर देगी, जिसके पास नगरीय क्षेत्र में अपनी 30-35 वर्ग मीटर भूमि है। योजना का लाभ लेने के लिए नगरीय क्षेत्रों से करीब 20 हजार परिवारों ने आवेदन किए थे। फार्मों की जांच के बाद बचे दस हजार फार्मों का स्थलीय सत्यापन किया गया तो पांच हजार परिवार पात्र पाए गए। पात्रता के आधार पर शासन ने 720 परिवारों को भवन निर्माण के लिए पहली किश्त जारी की।
पात्रता के लिए ये जरूरी
- नगरीय क्षेत्र का निवासी होने का प्रमाण जैसे आधार कार्ड आदि होना चाहिए
- नगरीय क्षेत्र में उसके पास 30 से 40 वर्ग मीटर बैनामे की भूमि होने चाहिए
- तीन लाख रुपये वार्षिक आय होनी चाहिए,
तीन किश्तों में पैसा
पात्र परिवारों को मकान बनाने लिए तीन किश्तों में पैसा मिलेगा। पहली किश्त 50 हजार रुपये की होगी। डीपीसी के बाद दूसरी किश्त डेढ़ लाख रुपये और लिंटर डलने के बाद अंतिम तीसरी किश्त 50 हजार रुपये की दी जाएगी। ताकि सरकार से मिलने वाले धन का सही से प्रयोग हो सके।
संस्था के इंजीनियर करेंगे निगरानी ,
मकान का निर्माण भवन स्वामी को स्वयं कराना होगा। लेकिन भवन निर्माण की गुणवत्ता को जांचने के लिए शासन द्वारा चयनित संस्था के इंजीनियर करेंगे। सरकारी नक्शे के अनुसार ही मकान का निर्माण होगा। अपनी मर्जी से भवन स्वामी नक्शा नहीं बदल सकेगा।

सभी बेघरों होंगे लाभान्वित
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी बेघर परिवारों को घर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी धनराशि का आवंटन शुरू कर दिया गया है। पहली सूची में 720 परिवार लिए गए हैं। बाकी पूरे जनपद के नगरीय क्षेत्रों में 10 हजार परिवारों का चयन किया गया है। -आरपी सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा

खास बातें:
- प्रधानमंत्री आवासीय योजना में टूट रहा कानून
10 हजार परिवारों का हुआ प्रधानमंत्री आवास योजना में चयन
720 परिवारों के लिए जारी हुई 50-50 हजार रुपये की पहली किश्त
2.50 लाख रुपये मिलेंगे सरकार की तरफ से स्वयं आवास निर्माण के लिए

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed