फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   जेईई मेंस परीक्षा

जेईई मेंस परीक्षा

Mon, 09 Apr 2018 02:04 AM IST
Updated Mon, 09 Apr 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
जेईई मेंस परीक्षा
जेईई मेंस
विज्ञापन

फिजिक्स आसान, केमेस्ट्री-मैथ्स ने किया परेशान
मेरठ। आईआईटी और एनआईईटी में प्रवेश पिछले सालों की अपेक्षा इस साल और मुश्किल होगा। रविवार को हुई जेईई मेंस ऑफलाइन परीक्षा में फिजिक्स का पोर्शन आसान रहा, लेकिन केमेस्ट्री और गणित के कठिन सवालों ने छात्रों को उलझा दिया। शिक्षकों के अनुसार पेपर के तीनों पोर्शन में सभी प्रश्न समान थे, इसलिए कटऑफ इस वर्ष हाई जाने की संभावना है। पिछले साल कटऑफ 80 थी, इस वर्ष 80 से 90 तक कटऑफ जाने के चांस है। मेरठ से ढाई हजार से अधिक छात्रों ने रुड़की, दिल्ली और फरीदाबाद केंद्रों पर जाकर परीक्षा दी। 15-16 अप्रैल को ऑनलाइन परीक्षा है। पहली बार ऑनलाइन परीक्षा का केंद्र मेरठ में रहेगा। मेंस की परीक्षा क्लीयर करने वाले अभ्यर्थी 20 मई को एडवांस क ी ऑनलाइन परीक्षा में शामिल होंगे।

11वीं, 12वीं से औसत आए सवाल
पेपर में इस वर्ष 11वीं कक्षा से अधिक पोर्शन लिया गया। फिजिक्स में 17 सवाल 12वीं, 13 सवाल 11वीं के थे। केमेस्ट्री में भी 12वीं से 14, 11वीं से 16 सवाल थे। इसी प्रकार गणित में 11वीं से 17, 12वीं से 13 सवाल पूछे गए।
विज्ञापन



हर साल घट रहे छात्र
वर्ष परीक्षा में बैठे छात्र
2014- 12 लाख 90 हजार
2015- 12 लाख 34हजार
2016- 12लाख 07 हजार
2017- 11 लाख 98 हजार
2018- 11 लाख 50 हजार

कॉर्डिनेट ज्योमेट्री ने बढ़ाई गणित की मुश्किल
मैथ्स पोर्शन में कोर्डिनेट ज्योमेट्री के सवाल बेहद कठिन आए। जिसमें छात्रों को परेशानी हुई। पेपर का लेवल बहुत हाई था, पेपर के लकुलेटिव ज्यादा होने के कारण समय भी कम रहा। तुषार सिंघल, मैथमेटिक क्लासेस पीएल शर्मा रोड
विज्ञापन
विज्ञापन


जो छूटा उसे एडवांस में करें कवर
मेंस के पेपर में कई टॉपिक थे जो इस साल कवर नहीं हुए। रेऑप्टिक, इलेक्ट्रो मैग्नेटिक इंडक्शन आदि। जो टॉपिक मेंस में नहंी आए, उनके एडवांस के पेपर में आने की 95फीसद संभावना होती है। विजय अरोड़ा, गुरु द्रोणाचार्य क्लासेस

एनसीईआरटी पर था अधिक ध्यान
पेपर एनसीईआरटी बेस्ड था। केमेस्ट्री का ओवरऑल फीडबैक कठिन था। कटऑफ क्या होगी यह अभी कहना मुश्किल होगा, क्योंकि ऑनलाइन पेपर होना शेष है। दोनों के आधार पर कटऑफ तय होती है। जीके सिंह, एटॉमास क्लासेस

डिटक्शन ऑफ आर्गेनिक कंपाउंड से थे अधिक सवाल
केमेस्ट्री पोर्शन में डिटक्शन ऑफ आर्गेनिक कंपाउंड के सवाल काफी रहे। जो छात्र स्कूल गए, प्रैक्टिकल किया उनके लिए पेपर कठिन नहीं रहा। एडवांस के पेपर में आर्गेनिक से वो सवाल जरूर आएंगे, जो अभी नहीं आए। आशीष सिंह,

फिजिक्स में कई सवाल पिछले वर्ष के
फिजिक्स का पेपर टफ नहीं था, कुछ तो पुराने ही सवाल थे, रोटेशन मैकेनिक का सवाल पिछले साल वाला ही आया था। फिक्शन और मैकेनिक का पोर्शन भी आसान था। आनंद तिवारी, सरस्वती क्लासेस


पेपर में केमेस्ट्री का पोर्शन काफी कठिन लगा। डिटक्शन ऑफ आर्गेनिक कंपाउंड के जो सवाल थे, उनको लेकर काफी दिक्कत हुई। बाकी दोनों पोर्शन आसान थे। यश वर्मा दीवान स्कूल


पेपर बहुत केलकुलेटिव हो गया था, इसलिए काफी टाइमटेकिंग रहा। कुछ सवाल छूटे भी। कटऑफ का क्या होगा कहना मुश्किल है। लेकिन पेपर आसान रहा। विधान गुप्ता, डीएमए

फिजिक्स के पोर्शन में कुछ सवाल पिछले साल वाले थे, जिससे थोड़ी आसानी रही। लेकिन गणित और केमेस्ट्री का पोर्शन कठिन लगा। दिव्यांश जैन, दीवान स्कूल

खास बातें:
15 अप्रैल ऑनलाइन, 20 मई को एडंवास की परीक्षा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed