{"_id":"5abea0244f1c1bf4618b4951","slug":"161522442276-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम बोर्ड बैठक में रखा जाएगा 350 करोड़ का मूल बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम बोर्ड बैठक में रखा जाएगा 350 करोड़ का मूल बजट
Updated Sat, 31 Mar 2018 02:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बढे़ लाइसेंस शुल्क पर भाजपाई नहीं राजी
मेरठ। नगर निगम की मूल बजट बोर्ड बैठक शनिवार को टाउन हॉल के तिलक भवन में होगी। इसमें 450 करोड़ रुपये के प्रस्ताव रखे जाएंगे। वहीं भाजपा के पार्षदों ने बैठक में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क बढ़ाकर वसूलने के प्रस्ताव के विरोध की तैयारी कर ली है। उनका कहना है कि पहले नगर निगम प्रशासन से पूर्व में सभी प्रतिष्ठानों से वसूले गए लाइसेंस शुल्क का हिसाब लिया जाए।
नगर निगम ने राजस्व बढ़ाने की नियत से दो दिन पूर्व कार्यकारिणी की बजट बैठक में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों (74 मदों) पर लाइसेंस शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। प्रस्ताव पर कार्यकारिणी सदस्यों ने मोहर लगायी थी। इसको लेकर भाजपा संगठन में भी हलचल मच गई। वजह इसका सीधा असर व्यापारी जगत पर पड़ रहा है। अब भाजपा पार्षदों को आज होने वाली मूल बजट बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव का विरोध करने का पाठ पढ़ाया गया है।
इस संबंध में भाजपा पार्षद प्रभारी अजय गुप्ता का कहना है कि लाइसेंस शुल्क पूर्व में लगाया गया था। लेकिन नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों ने सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क नहीं वसूला है। अब नए प्रस्ताव से सीधे-सीधे लाइसेंस शुल्क देने वालों पर ही भार पड़ने वाला है। एक वर्ग के व्यवसायी पूर्व में कोई लाइसेंस शुल्क नहीं दे पाए हैं। इसलिए पहले नगर निगम प्रशासन को सभी प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क वसूलना होगा। उसके बाद लाइसेंस शुल्क की बढ़ोत्तरी पर विचार किया जा सकता है। भाजपा के सभी पार्षदों को इस प्रस्ताव को खारिज करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
विज्ञापन
खास बातें:
आज होने वाली बोर्ड बैठक में करेंगे इस प्रस्ताव का विरोध
निगम बोर्ड बैठक में रखा जाएंगे 450 करोड़ के मूल बजट
विज्ञापन
मेरठ। नगर निगम की मूल बजट बोर्ड बैठक शनिवार को टाउन हॉल के तिलक भवन में होगी। इसमें 450 करोड़ रुपये के प्रस्ताव रखे जाएंगे। वहीं भाजपा के पार्षदों ने बैठक में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क बढ़ाकर वसूलने के प्रस्ताव के विरोध की तैयारी कर ली है। उनका कहना है कि पहले नगर निगम प्रशासन से पूर्व में सभी प्रतिष्ठानों से वसूले गए लाइसेंस शुल्क का हिसाब लिया जाए।
नगर निगम ने राजस्व बढ़ाने की नियत से दो दिन पूर्व कार्यकारिणी की बजट बैठक में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों (74 मदों) पर लाइसेंस शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। प्रस्ताव पर कार्यकारिणी सदस्यों ने मोहर लगायी थी। इसको लेकर भाजपा संगठन में भी हलचल मच गई। वजह इसका सीधा असर व्यापारी जगत पर पड़ रहा है। अब भाजपा पार्षदों को आज होने वाली मूल बजट बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव का विरोध करने का पाठ पढ़ाया गया है।
विज्ञापन
इस संबंध में भाजपा पार्षद प्रभारी अजय गुप्ता का कहना है कि लाइसेंस शुल्क पूर्व में लगाया गया था। लेकिन नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों ने सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क नहीं वसूला है। अब नए प्रस्ताव से सीधे-सीधे लाइसेंस शुल्क देने वालों पर ही भार पड़ने वाला है। एक वर्ग के व्यवसायी पूर्व में कोई लाइसेंस शुल्क नहीं दे पाए हैं। इसलिए पहले नगर निगम प्रशासन को सभी प्रतिष्ठानों से लाइसेंस शुल्क वसूलना होगा। उसके बाद लाइसेंस शुल्क की बढ़ोत्तरी पर विचार किया जा सकता है। भाजपा के सभी पार्षदों को इस प्रस्ताव को खारिज करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
विज्ञापन
खास बातें:
आज होने वाली बोर्ड बैठक में करेंगे इस प्रस्ताव का विरोध
निगम बोर्ड बैठक में रखा जाएंगे 450 करोड़ के मूल बजट