{"_id":"5a7cbcd34f1c1b8e238b7795","slug":"161518124243-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस वालों ने दी नरेंद्र हत्याकांड में गवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस वालों ने दी नरेंद्र हत्याकांड में गवाही
Updated Fri, 09 Feb 2018 02:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। नरेंद्र हत्याकांड में बृहस्पतिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में पुलिसकर्मियों की गवाही हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष और अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह की।
परतापुर के सोहरका गांव में प्रधानी के चुनाव में वोट न देने पर 19 अक्तूबर 2016 को नरेंद्र सांगवान की हत्या हुई थी। जिसमें नरेंद्र का बेटे भोलू और पत्नी निछत्तर कौर चश्मदीद गवाह थे। दोनों की 25 जनवरी को गवाही होनी थी। लेकिन उससे एक दिन पूर्व ही मां-बेटे की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अदालत में बयान देने के लिए रिपोर्ट लेकर प्रदीप ने बयान दर्ज कराए थे, जिसमें उसने अदालत को बताया कि गवाह भोलू ने बोल बोलकर नरेंद्र की हत्या में मुकदमा पंजीकृत कराया था। बृहस्पतिवार को दूसरे गवाह के रूप में कांस्टेबल उदल सिंह के बयान दर्ज हुए, जिसने एफआइआर लिखी थी। जिरह पूरी होने पर कांस्टेबिल कुलदीप सिंह को अदालत में बयान के लिये सरकारी वकील मुकेश मित्तल ने पेश किया।
जिसने अदालत को बताया कि मेरे द्वारा नरेंद्र का शव सील किया गया था और उसे पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया था। तीसरे गवाह ललित मोहन के भी बयान दर्ज हुए, जिससे बयान पूरे न होने पर अदालत ने 15 फरवरी की तारीख नियत कर दी। अब विवेचक तत्कालीन एसओ परतापुर प्रदीप त्रिपाठी व सुशील दुबे भी कोर्ट में पेश होंगे। उनके बयान भी दर्ज होंगे। पुलिस वालों ने बताया कि घटना में जो सत्य था, उसको ही कोर्ट में बताया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
परतापुर के सोहरका गांव में प्रधानी के चुनाव में वोट न देने पर 19 अक्तूबर 2016 को नरेंद्र सांगवान की हत्या हुई थी। जिसमें नरेंद्र का बेटे भोलू और पत्नी निछत्तर कौर चश्मदीद गवाह थे। दोनों की 25 जनवरी को गवाही होनी थी। लेकिन उससे एक दिन पूर्व ही मां-बेटे की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अदालत में बयान देने के लिए रिपोर्ट लेकर प्रदीप ने बयान दर्ज कराए थे, जिसमें उसने अदालत को बताया कि गवाह भोलू ने बोल बोलकर नरेंद्र की हत्या में मुकदमा पंजीकृत कराया था। बृहस्पतिवार को दूसरे गवाह के रूप में कांस्टेबल उदल सिंह के बयान दर्ज हुए, जिसने एफआइआर लिखी थी। जिरह पूरी होने पर कांस्टेबिल कुलदीप सिंह को अदालत में बयान के लिये सरकारी वकील मुकेश मित्तल ने पेश किया।
विज्ञापन
जिसने अदालत को बताया कि मेरे द्वारा नरेंद्र का शव सील किया गया था और उसे पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया था। तीसरे गवाह ललित मोहन के भी बयान दर्ज हुए, जिससे बयान पूरे न होने पर अदालत ने 15 फरवरी की तारीख नियत कर दी। अब विवेचक तत्कालीन एसओ परतापुर प्रदीप त्रिपाठी व सुशील दुबे भी कोर्ट में पेश होंगे। उनके बयान भी दर्ज होंगे। पुलिस वालों ने बताया कि घटना में जो सत्य था, उसको ही कोर्ट में बताया गया है।
विज्ञापन