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फाइलों में सफाई कर्मचारी तैनात, धरातल पर गंदगी पसरी
Updated Wed, 31 Jan 2018 01:56 AM IST
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शहर की सफाई करो, नहीं तो होगी एफआईआर
मेरठ। शहर की सफाई को लेकर नगरायुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ नाराजगी जताई है। दस नए वार्डों में सफाई कर्मचारियों की तैनाती न होने के कारण वहां गंदगी पसरी है। ऐसे में नगरायुक्त ने बुधवार से नए वार्डों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त न मिलने और सफाई कर्मचारियों की तैनाती न होने पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। वहीं नगरायुक्त अब से पहले भी नगर स्वास्थ्य अधिकारी की कार्यप्रणाली से शासन को अवगत करा चुके हैं।
शहर में साफ-सफाई के लिए आउट सोर्सिंग पर 2215 और करीब 1300 स्थाई सफाई कर्मी हैं। 2017 तक शहर 80 वार्डों में बंटा था, लेकिन निकाय चुनाव से पहले 90 वार्डों में परिवर्तित करा दिया गया। इस बार 90 पार्षद चुने गए हैं। नए परिसीमन के बाद से नए दस वार्डों की सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। यहां कोई सफाई कर्मचारी नहीं पहुंच रहा है। जिसके कारण इन वार्डों में गंदगी के ढेर लग गए हैं।
फाइलों में कैद 250 सफाई कर्मियों की सूची
नगर निगम प्रशासन ने 80 वार्डों से कुछ सफाई कर्मियों को लेकर नए वार्डों में तैनात करने को फाइल तैयार की है। लेकिन सफाई कर्मियों को धरातल पर उतारने में कतरा रहा है। बताया गया कि 250 सफाई कर्मियों की सूची तैयार की गई है। सभी कर्मचारी आउट सोर्सिंग के लगाए जाने की तैयारी है।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी का काम पर ध्यान नहीं
दो साप्ताह पहले नगर स्वास्थ्य अधिकारी को नए वार्डों में सफाई कर्मियों की तैनाती करके सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दे चुके हैं। अगर बुधवार तक सफाई कर्मियों की तैनाती और सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी की कार्यप्रणाली से शासन को भी अवगत करा चुके हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी अपने काम पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
कर्मचारी कर रहे वार्ड में जाने का विरोध
हमारा काम सफाई कर्मियों की सूची तैयार करने का था, जो हमने कर दिया है। अब अंतिम निर्णय नगरायुक्त को लेना है। उधर, सफाई कर्मचारी नए वार्डों में जाने का विरोध कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। फिर भी एक दो दिन में नगरायुक्त से बात करके व्यवस्था लागू की जाएगी। - डॉ. कुंवरसेन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
निगम अधिकारी कर रहे लापरवाही
नए वार्डों में सफाई कर्मियों की तैनाती के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। निगम अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। शहर में गंदगी को लेकर शीघ्र ही अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। - सुनीता वर्मा, महापौर
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मेरठ। शहर की सफाई को लेकर नगरायुक्त ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ नाराजगी जताई है। दस नए वार्डों में सफाई कर्मचारियों की तैनाती न होने के कारण वहां गंदगी पसरी है। ऐसे में नगरायुक्त ने बुधवार से नए वार्डों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त न मिलने और सफाई कर्मचारियों की तैनाती न होने पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। वहीं नगरायुक्त अब से पहले भी नगर स्वास्थ्य अधिकारी की कार्यप्रणाली से शासन को अवगत करा चुके हैं।
शहर में साफ-सफाई के लिए आउट सोर्सिंग पर 2215 और करीब 1300 स्थाई सफाई कर्मी हैं। 2017 तक शहर 80 वार्डों में बंटा था, लेकिन निकाय चुनाव से पहले 90 वार्डों में परिवर्तित करा दिया गया। इस बार 90 पार्षद चुने गए हैं। नए परिसीमन के बाद से नए दस वार्डों की सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। यहां कोई सफाई कर्मचारी नहीं पहुंच रहा है। जिसके कारण इन वार्डों में गंदगी के ढेर लग गए हैं।
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फाइलों में कैद 250 सफाई कर्मियों की सूची
नगर निगम प्रशासन ने 80 वार्डों से कुछ सफाई कर्मियों को लेकर नए वार्डों में तैनात करने को फाइल तैयार की है। लेकिन सफाई कर्मियों को धरातल पर उतारने में कतरा रहा है। बताया गया कि 250 सफाई कर्मियों की सूची तैयार की गई है। सभी कर्मचारी आउट सोर्सिंग के लगाए जाने की तैयारी है।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी का काम पर ध्यान नहीं
दो साप्ताह पहले नगर स्वास्थ्य अधिकारी को नए वार्डों में सफाई कर्मियों की तैनाती करके सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दे चुके हैं। अगर बुधवार तक सफाई कर्मियों की तैनाती और सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी की कार्यप्रणाली से शासन को भी अवगत करा चुके हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी अपने काम पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
कर्मचारी कर रहे वार्ड में जाने का विरोध
हमारा काम सफाई कर्मियों की सूची तैयार करने का था, जो हमने कर दिया है। अब अंतिम निर्णय नगरायुक्त को लेना है। उधर, सफाई कर्मचारी नए वार्डों में जाने का विरोध कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। फिर भी एक दो दिन में नगरायुक्त से बात करके व्यवस्था लागू की जाएगी। - डॉ. कुंवरसेन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
निगम अधिकारी कर रहे लापरवाही
नए वार्डों में सफाई कर्मियों की तैनाती के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। निगम अधिकारी लापरवाही कर रहे हैं। शहर में गंदगी को लेकर शीघ्र ही अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। - सुनीता वर्मा, महापौर