फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर प्रशासन नहीं गंभीर

सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर प्रशासन नहीं गंभीर

Sat, 26 Aug 2017 02:39 AM IST
Updated Sat, 26 Aug 2017 02:39 AM IST
विज्ञापन
सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर प्रशासन नहीं गंभीर
सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर प्रशासन नहीं गंभीर
विज्ञापन

जनपद में चारागाह और नजूल सहित कई विभागों की जमीनों पर है कब्जा
भाजपा सरकार के पांच माह पूरे होने के बाद भी नहीं जागा मेरठ प्रशासन
मेरठ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में भले ही भूमाफिया और सरकारी जमीनों से कब्जा हटाना हो। लेकिन मेरठ जिला प्रशासन इस तरफ गंभीर नहीं है। भाजपा सरकार बने पांच माह हो चुके हैं, लेकिन एक मामले को छोड़कर कहीं भी सरकारी जमीन कब्जा मुक्त नहीं हुई।
यहां है जमीनों पर कब्जे
सरधना तहसील अंतर्गत मोदीपुरम के पास चारागाह की जमीन है। जिस पर एक बिल्डर ग्रुप द्वारा तहसील प्रशासन की सेटिंग से कब्जा कर लिया गया। इस मामले में पिछले साल तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला द्वारा एफआईआर भी दर्ज करायी गयी, लेकिन जमीन आज तक कब्जा मुक्त नहीं हुई। अब यह मामला आठ माह से मंडलायुक्त कोर्ट में चल रहा है।
विज्ञापन

ग्राम अंछरोंडा काशी में भी चारागाह की जमीन है। इस जमीन के अधिकांश भाग पर आसपास के किसान कब्जा कर चुके हैं। खेती के साथ कुछ ने तो गांव के पास जमीन होने के कारण पक्के निर्माण तक कर लिये हैं। लेकिन इस जमीन को लेकर भी अभी तक कोई कार्रवाई तो दूर इस जमीन की तरफ प्रशासन ने रूख भी नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके अलावा एनएच-58 और गढ़ रोड के साथ ही मवाना रोड पर सरकारी जमीनों के साथ सिंचाई विभाग की जमीनों पर लोगोें ने कब्जा कर रखा है। सरकारी रिकार्ड में ये जमीन आज भी सरकार के नाम पर दर्ज हैं, लेकिन मौके से कहीं पर पूरी तो कहीं कहीं अधिकांश जमीनें गायब हो चुकी हैं। लेकिन तहसील प्रशासन के साथ ही जिला प्रशासन ने इस पर भी कोई ध्यान नहीं दिया है।
सिर्फ शहर में हुई कार्रवाई
सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में सिर्फ शहर में ही एक बड़ी कार्रवाई हुई है। वह भी अमर उजाला ने जब हापुड़ अड्डा स्थित सरकारी जमीन पर बने कांप्लैक्स का खुलासा किया तो मंडलायुक्त की सख्ती के बाद एमडीए और प्रशासन हरकत में आया और अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया। लेकिन प्रशासन जमीन पर कब्जा अभी तक नहीं ले पाया है।


वर्जन
सरकारी जमीन दो स्तरों पर ज्यादा हैं। जिनमें नगर निगम और तहसील के प्रबंधन वाली हैं। इन जमीनों की वास्तविक स्थिति का चिन्हीकरण चल रहा है। जल्दी ही कार्रवाई भी शुरू होगी।
सत्यप्रकाश पटेल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed