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सुनील हत्याकांड : चार दिन बाद भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं
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सुनील हत्याकांड : चार दिन बाद भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं
कंकरखेड़ा। शोभापुर में हुए सुनील गुर्जर हत्याकांड़ में पुलिस की कहानी परिजनों के गले नहीं उतर रही है। सुनील की हत्या हुए चार दिन हो चुके हैं। परिजनों ने डेयरी संचालक व एक अन्य के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। बावजूद इसके पुलिस ने चार दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। परिजनों का आरोप है कि चार दिन बाद भी पुलिस सुनील की मौत का स्पष्ट नहीं कर सकी है। पुलिस कभी डिहाईड्रेेशन तो कभी बीमारी के कारण मौत होना बता रही है। वहीं अब पुलिस ने मौत का सही कारण पता करने के बिसरा प्रजव कर जांच के लिए भेजा है।
सुनील गुर्जर (31) पुत्र भूरे गुर्जर का शव चार दिन पूर्व शोभापुर के जंगल में अधजली हालत में मिला था। परिजनों ने गांव में चल रही दलित व गुर्जर बिरादरी के बीच जातीय रंजिश में हत्या होने का आरोप लगाकर हंगामा काटा था। बाद में परिजनों ने रुपए के लेनदेन को लेकर गांव के एक डेरी संचालक व उसके नौकर पर सुनील की हत्या का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि पुलिस जांच के नाम उन्हें गुमराह कर मामले को रफा दफा करने में लगी हुई हैं, उन्हें पीएम रिपोर्ट तक नहीं दी गई है। डेयरी संचालक घर पर ताला लगाकर गांव से फरार है।
सीओ दौराला जितेन्द्र कुमार का कहना है कि पुलिस मामले की गहनता से निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी। सुनील की मौत का सही कारण पता नहीं चल पाया है। इसलिए बिसरा प्रजव जांच के लिए भेजा है।
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कंकरखेड़ा। शोभापुर में हुए सुनील गुर्जर हत्याकांड़ में पुलिस की कहानी परिजनों के गले नहीं उतर रही है। सुनील की हत्या हुए चार दिन हो चुके हैं। परिजनों ने डेयरी संचालक व एक अन्य के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। बावजूद इसके पुलिस ने चार दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। परिजनों का आरोप है कि चार दिन बाद भी पुलिस सुनील की मौत का स्पष्ट नहीं कर सकी है। पुलिस कभी डिहाईड्रेेशन तो कभी बीमारी के कारण मौत होना बता रही है। वहीं अब पुलिस ने मौत का सही कारण पता करने के बिसरा प्रजव कर जांच के लिए भेजा है।
सुनील गुर्जर (31) पुत्र भूरे गुर्जर का शव चार दिन पूर्व शोभापुर के जंगल में अधजली हालत में मिला था। परिजनों ने गांव में चल रही दलित व गुर्जर बिरादरी के बीच जातीय रंजिश में हत्या होने का आरोप लगाकर हंगामा काटा था। बाद में परिजनों ने रुपए के लेनदेन को लेकर गांव के एक डेरी संचालक व उसके नौकर पर सुनील की हत्या का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि पुलिस जांच के नाम उन्हें गुमराह कर मामले को रफा दफा करने में लगी हुई हैं, उन्हें पीएम रिपोर्ट तक नहीं दी गई है। डेयरी संचालक घर पर ताला लगाकर गांव से फरार है।
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सीओ दौराला जितेन्द्र कुमार का कहना है कि पुलिस मामले की गहनता से निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी। सुनील की मौत का सही कारण पता नहीं चल पाया है। इसलिए बिसरा प्रजव जांच के लिए भेजा है।
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