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वर्षों से धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड
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वर्षों से धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड
मवाना। सीएचसी में सालों पहले आई अल्ट्रासाउंड मशीन टेक्नीशियन की तैनाती के अभाव में शुरू नहीं हो सकी है। इस कारण यहां अल्ट्रासाउंड कराने आने वाले मरीजों को मजबूरन प्राइवेट सेंटर पर जाना पड़ रहा है।
सीएचसी मवाना से लगभग तीन दर्जन से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। मरीजों को सीएचसी में ही कम दामों पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सके इसके लिए सरकार ने सीएचसी मवाना में अल्ट्रासाउंड मशीन भेजी थी। इसके बाद आज तक स्वास्थ्य विभाग टेक्नीशियन की व्यवस्था नहीं कर सका है। जिसके चलते सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बहुत से मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए सीएचसी पहुंचते हैं, लेकिन यहां सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन प्राइवेट सेंटर पर जाना पड़ रहा है। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश भास्कर का कहना है कि मवाना ही नहीं बल्कि अन्य सीएचसी में भी टेक्नीशियन के चलते सुविधा शुरू नहीं हो सकी है।
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मवाना। सीएचसी में सालों पहले आई अल्ट्रासाउंड मशीन टेक्नीशियन की तैनाती के अभाव में शुरू नहीं हो सकी है। इस कारण यहां अल्ट्रासाउंड कराने आने वाले मरीजों को मजबूरन प्राइवेट सेंटर पर जाना पड़ रहा है।
सीएचसी मवाना से लगभग तीन दर्जन से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। मरीजों को सीएचसी में ही कम दामों पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सके इसके लिए सरकार ने सीएचसी मवाना में अल्ट्रासाउंड मशीन भेजी थी। इसके बाद आज तक स्वास्थ्य विभाग टेक्नीशियन की व्यवस्था नहीं कर सका है। जिसके चलते सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बहुत से मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए सीएचसी पहुंचते हैं, लेकिन यहां सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन प्राइवेट सेंटर पर जाना पड़ रहा है। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश भास्कर का कहना है कि मवाना ही नहीं बल्कि अन्य सीएचसी में भी टेक्नीशियन के चलते सुविधा शुरू नहीं हो सकी है।
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