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बारिश में बीमारियों पर नियंत्रण के लिए सीएचसी तैयार
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बारिश में बीमारियों पर नियंत्रण के लिए सीएचसी तैयार
खरखौदा। बारिश के मौसम में बीमारियां बढ़ जाती हैं। लोगों को समय पर उपचार दिलाने के लिए सीएचसी पर पूरी तैयारी की गई है। सीएचसी को कंट्रोल रूम बनाकर चिकित्सकों की एक टीम 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
खरखौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 35 गांव आते हैं। इनमें 21 उपकेंद्र बनाए गए है। करीब डेढ़ लाख की जनसंख्या के स्वास्थ्य के लिए पहले खरखौदा में एक पीएचसी थी, लेकिन 2011 में इसे सीएचसी का दर्जा मिला। सीएचसी के हिसाब से यहां पर केंद्र प्रभारी सहित छह चिकित्सक व आयुर्वेदिक विभाग में एक, होम्योपैथिक विभाग में एक प्रसूती विभाग में एक-एक चिकित्सक संविदा पर हैं। चिकित्सा प्रभारी के अनुसार एक चिकित्सक की अभी भी कमी है। प्रतिदिन करीब 250 मरीजों सीएचसी पहुंच रहे हैं। वहीं बारिश में बीमारियां बढ़ जाती हैं। इसलिए समय पर उपचार दिलाने के लिए सीएचसी को ही कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें एक चिकित्सक, एक सुपरवाइजर, एक हेल्थ वर्कर व एक एलए 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। वहीं जिस गांव में किसी बीमारी के फैलने की आशंका होगी उस गांव में कैंप कराया जाएगा। वहीं एएनएम को सीएचसी पर ट्रेनिंग दी जा रही है जिससे बरसात के मौसम में एएनएम ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव की जानकारी देगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग से प्रत्येक गांव में एक कमेटी का गठन कर सप्ताह में एक बार एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा। जुलाई माह को संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा के रूप में भी मनाया जाएगा। स्कूलों में बच्चों द्वारा रैली निकालकर, आशाओं द्वारा, गांवों में रैली निकालकर ग्रामीणों को जागरूक कर मलेरिया, चिकनगुनिया व डेंगू के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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खरखौदा। बारिश के मौसम में बीमारियां बढ़ जाती हैं। लोगों को समय पर उपचार दिलाने के लिए सीएचसी पर पूरी तैयारी की गई है। सीएचसी को कंट्रोल रूम बनाकर चिकित्सकों की एक टीम 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
खरखौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 35 गांव आते हैं। इनमें 21 उपकेंद्र बनाए गए है। करीब डेढ़ लाख की जनसंख्या के स्वास्थ्य के लिए पहले खरखौदा में एक पीएचसी थी, लेकिन 2011 में इसे सीएचसी का दर्जा मिला। सीएचसी के हिसाब से यहां पर केंद्र प्रभारी सहित छह चिकित्सक व आयुर्वेदिक विभाग में एक, होम्योपैथिक विभाग में एक प्रसूती विभाग में एक-एक चिकित्सक संविदा पर हैं। चिकित्सा प्रभारी के अनुसार एक चिकित्सक की अभी भी कमी है। प्रतिदिन करीब 250 मरीजों सीएचसी पहुंच रहे हैं। वहीं बारिश में बीमारियां बढ़ जाती हैं। इसलिए समय पर उपचार दिलाने के लिए सीएचसी को ही कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें एक चिकित्सक, एक सुपरवाइजर, एक हेल्थ वर्कर व एक एलए 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। वहीं जिस गांव में किसी बीमारी के फैलने की आशंका होगी उस गांव में कैंप कराया जाएगा। वहीं एएनएम को सीएचसी पर ट्रेनिंग दी जा रही है जिससे बरसात के मौसम में एएनएम ग्रामीणों को बीमारियों से बचाव की जानकारी देगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग से प्रत्येक गांव में एक कमेटी का गठन कर सप्ताह में एक बार एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाएगा। जुलाई माह को संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा के रूप में भी मनाया जाएगा। स्कूलों में बच्चों द्वारा रैली निकालकर, आशाओं द्वारा, गांवों में रैली निकालकर ग्रामीणों को जागरूक कर मलेरिया, चिकनगुनिया व डेंगू के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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