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विधायक-एसपी देहात में फोन पर बहस, ऑडियो वायरल
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विधायक-एसपी देहात में फोन पर बहस, ऑडियो वायरल
- छोटा मवाना के ग्राम प्रधान का एसपी देहात पर अभद्रता का आरोप
- भाजपा विधायक बोले, जनप्रतिनिधियों की तो सुननी पड़ेगी
- एसपी बोले, विधायक जी! सॉरी नहीं बोलूंगा, मुझे हटवा दो
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। छोटा मवाना के ग्राम प्रधान से अभद्रता करने के आरोप को लेकर भाजपा विधायक दिनेश खटीक और एसपी देहात अविनाश पांडेय के बीच बुधवार को फोन पर तीखी बहस हो गई। इसके चलते प्रधान संगठन ने एसपी देहात के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन का एलान कर दिया। हालांकि देर रात विधायक और एसपी देहात में समझौता होने पर प्रदर्शन की घोषणा भी वापस ले ली गई।
छोटा मवाना ग्राम प्रधान अजय त्यागी का गांव के ही एक युवक से विवाद हो गया था। इसकी रिपोर्ट मवाना थाने में दर्ज है। इस मामले में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। दोनों पक्ष बुधवार दोपहर समझौते का शपथपत्र लेकर एसपी देहात से मिले। एसपी देहात ने सीओ मवाना या फिर विवेचक को शपथपत्र देने की बात कहीं। जिसके बाद प्रधान ने हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के पास पहुंचकर आरोप लगाया कि एसपी देहात ने उनके साथ अभद्रता की है।
इस पर विधायक ने नाराजगी जताकर एसपी देहात को फोन मिलाया। विधायक ने कहा कि ग्राम प्रधान सम्मानित व्यक्ति है। उनसे आपने अभद्रता क्यों की। एसपी देहात ने अभद्रता करने से इंकार किया। जिस पर दोनों में बहस हो गई। विधायक ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से बदसलूकी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। मान्यवर मुख्यमंत्री के भी निर्देश हैं कि आपस में समझौता कराकर मामले को निपटाने का प्रयास करें। आपकी मनमानी कैसे चल सकती है। एसपी देहात बोले कि मैं सॉरी नहीं बोलूंगा। विधायक जी, आप मुझे हटवा दो। इसके बाद भी दोनों में करीब 12 मिनट तक बहस हुई। वहीं, इस संबंध में एसपी देहात से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
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कार्यशैली नहीं सुधर रही
जनप्रतिनिधियों के साथ पुलिस अधिकारियों की बदसलूकी बर्दाश्त नहीं होगी। देहात में लगातार अपराध बढ़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस कार्यशैली नहीं सुधर रही। -दिनेश खटीक, विधायक
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एसपी देहात-विधायक में बहस की ऑडियो
विधायक: हेलो... एसपी देहात साहब! आप बहुत बिजी हो। प्रधान को भेजा था, उनसे अभद्रता क्यों की?
एसपी देहात: विधायक जी! मैंने कोई अभद्रता नहीं की। मेरे पास शपथपत्र लाने का मतलब ही नहीं था। मैं दरोगा को धमका ही रहा था।
विधायक : एसपी देहात साहब! आपका और हमारा काम लोगों को संतुष्ट करने का है।
एसपी देहात: नहीं! मैंने कोई गलत बात नहीं की। अगर बुरा लगा हो तो सॉरी।
विधायक : आप तो भाई की तरह हो, सॉरी बोलने की जरूरत नहीं है।
एसपी देहात: मैं सॉरी क्यों बोलूं। पब्लिक की सुनने के लिए बैठा हूं। मैं कोई गलत काम नहीं करता। आप मुझ पर अनावश्यक दबाव न बनाएं। आपका प्रधान से इतना लगाव क्यों है?
विधायक : आप मुझसे ऐसे कैसे बात कर रहे हो। आपको प्रधान से ऐसे बात करने का अधिकार नहीं है।
एसपी देहात : मैं इसलिए नौकरी नहीं कर रहा हूं। मुझे यहां से हटवा दो। मैं कोई गलत काम नहीं करता हूं।
विधायक: आपने अपनी उत्तेजना खो दी। आपने ट्रांसफर की बात मुझसे ही की। आज की तारीख याद रखना। देहात में कितना ही बड़ा अपराध हो जाए, आपको कॉल नहीं करूंगा।
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- छोटा मवाना के ग्राम प्रधान का एसपी देहात पर अभद्रता का आरोप
- भाजपा विधायक बोले, जनप्रतिनिधियों की तो सुननी पड़ेगी
- एसपी बोले, विधायक जी! सॉरी नहीं बोलूंगा, मुझे हटवा दो
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। छोटा मवाना के ग्राम प्रधान से अभद्रता करने के आरोप को लेकर भाजपा विधायक दिनेश खटीक और एसपी देहात अविनाश पांडेय के बीच बुधवार को फोन पर तीखी बहस हो गई। इसके चलते प्रधान संगठन ने एसपी देहात के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन का एलान कर दिया। हालांकि देर रात विधायक और एसपी देहात में समझौता होने पर प्रदर्शन की घोषणा भी वापस ले ली गई।
छोटा मवाना ग्राम प्रधान अजय त्यागी का गांव के ही एक युवक से विवाद हो गया था। इसकी रिपोर्ट मवाना थाने में दर्ज है। इस मामले में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। दोनों पक्ष बुधवार दोपहर समझौते का शपथपत्र लेकर एसपी देहात से मिले। एसपी देहात ने सीओ मवाना या फिर विवेचक को शपथपत्र देने की बात कहीं। जिसके बाद प्रधान ने हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के पास पहुंचकर आरोप लगाया कि एसपी देहात ने उनके साथ अभद्रता की है।
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इस पर विधायक ने नाराजगी जताकर एसपी देहात को फोन मिलाया। विधायक ने कहा कि ग्राम प्रधान सम्मानित व्यक्ति है। उनसे आपने अभद्रता क्यों की। एसपी देहात ने अभद्रता करने से इंकार किया। जिस पर दोनों में बहस हो गई। विधायक ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से बदसलूकी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। मान्यवर मुख्यमंत्री के भी निर्देश हैं कि आपस में समझौता कराकर मामले को निपटाने का प्रयास करें। आपकी मनमानी कैसे चल सकती है। एसपी देहात बोले कि मैं सॉरी नहीं बोलूंगा। विधायक जी, आप मुझे हटवा दो। इसके बाद भी दोनों में करीब 12 मिनट तक बहस हुई। वहीं, इस संबंध में एसपी देहात से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
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कार्यशैली नहीं सुधर रही
जनप्रतिनिधियों के साथ पुलिस अधिकारियों की बदसलूकी बर्दाश्त नहीं होगी। देहात में लगातार अपराध बढ़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस कार्यशैली नहीं सुधर रही। -दिनेश खटीक, विधायक
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एसपी देहात-विधायक में बहस की ऑडियो
विधायक: हेलो... एसपी देहात साहब! आप बहुत बिजी हो। प्रधान को भेजा था, उनसे अभद्रता क्यों की?
एसपी देहात: विधायक जी! मैंने कोई अभद्रता नहीं की। मेरे पास शपथपत्र लाने का मतलब ही नहीं था। मैं दरोगा को धमका ही रहा था।
विधायक : एसपी देहात साहब! आपका और हमारा काम लोगों को संतुष्ट करने का है।
एसपी देहात: नहीं! मैंने कोई गलत बात नहीं की। अगर बुरा लगा हो तो सॉरी।
विधायक : आप तो भाई की तरह हो, सॉरी बोलने की जरूरत नहीं है।
एसपी देहात: मैं सॉरी क्यों बोलूं। पब्लिक की सुनने के लिए बैठा हूं। मैं कोई गलत काम नहीं करता। आप मुझ पर अनावश्यक दबाव न बनाएं। आपका प्रधान से इतना लगाव क्यों है?
विधायक : आप मुझसे ऐसे कैसे बात कर रहे हो। आपको प्रधान से ऐसे बात करने का अधिकार नहीं है।
एसपी देहात : मैं इसलिए नौकरी नहीं कर रहा हूं। मुझे यहां से हटवा दो। मैं कोई गलत काम नहीं करता हूं।
विधायक: आपने अपनी उत्तेजना खो दी। आपने ट्रांसफर की बात मुझसे ही की। आज की तारीख याद रखना। देहात में कितना ही बड़ा अपराध हो जाए, आपको कॉल नहीं करूंगा।