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सीएचसी पर वकीलों का हंगामा
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सीएचसी पर वकीलों का हंगामा
मवाना। बार के बीमार चपरासी को बिना ठीक हुए सीएचसी से डिस्चार्ज करने तथा उसको अधिवक्ताओं द्वारा पुन: देर शाम भर्ती कराने पहुंचने पर वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक द्वारा अभद्रता करने पर अधिवक्ता भड़क गए और हंगामा किया। साथ ही उपजिलाधिकारी से शिकायत की। जिस पर तहसीलदार सीएचसी पहुंचे तथा चिकित्सक को आडे़ हाथ लिया। इसके बाद बीमार चपरासी को भर्ती किया गया। अधिवक्ताओं ने इस संबंध में सोमवार को बैठक आहूत करने की चेतावनी दी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता हेमंत कुमार गुप्ता ने बताया कि बार में महेंद्र पुत्र खचेडू चपरासी है। वह बार के कार्यालय पर ही रहता है। उसकी आज तबीयत खराब होने पर उसको कुछ अधिवक्ता साथियों ने सीएचसी में भर्ती करा दिया था। वह ठीक भी नहीं हुआ था कि उसको सीएचसी से रिलीव कर दिया गया।
देर शाम उनको महेंद्र के बीमार होने की जानकारी हुई तो वे उसको देखने के लिए सीएचसी पहुंचे तो पता चला कि उसको रिलीव कर दिया गया है। जिस पर वे उसको तलाशते हुए तहसील में पहुंचे तो उन्होंने पाया कि महेंद्र अर्धबेहोशी की स्थिति में वहां पड़ा था। जिस पर वे उसको पुन: लेकर सीएचसी में पहुंचे वहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक उसको देखकर भड़क गया तथा कहा कि किसी भी हालत में उसको भर्ती नहीं करेगा। आरोप है कि चिकित्सक ने अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया। जिस पर तुरंत ही फोन से एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव को जानकारी दी। उन्होंने तहसीलदार अशोक कुमार को भेजा। तहसीलदार ने चिकित्सक को उनके व्यवहार के लिए आडे़ हाथों लिया। उसके बाद महेंद्र को भरती कर उसका इलाज शुरू किया गया। वहीं इसकी जानकारी होने पर और अधिवक्ता वहां पहुंच गए तथा चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। जिनको तहसीलदार ने आश्वासन देकर शांत किया। अधिवक्ता हेमंत कुमार गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में सोमवार को बैठक आहूत की जाएगी। वहीं, सीएचसी प्रभारी सतीश भास्कर का कहना है कि चिकित्सक को इस प्रकार का व्यवहार शोभा नहीं देता है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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मवाना। बार के बीमार चपरासी को बिना ठीक हुए सीएचसी से डिस्चार्ज करने तथा उसको अधिवक्ताओं द्वारा पुन: देर शाम भर्ती कराने पहुंचने पर वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक द्वारा अभद्रता करने पर अधिवक्ता भड़क गए और हंगामा किया। साथ ही उपजिलाधिकारी से शिकायत की। जिस पर तहसीलदार सीएचसी पहुंचे तथा चिकित्सक को आडे़ हाथ लिया। इसके बाद बीमार चपरासी को भर्ती किया गया। अधिवक्ताओं ने इस संबंध में सोमवार को बैठक आहूत करने की चेतावनी दी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता हेमंत कुमार गुप्ता ने बताया कि बार में महेंद्र पुत्र खचेडू चपरासी है। वह बार के कार्यालय पर ही रहता है। उसकी आज तबीयत खराब होने पर उसको कुछ अधिवक्ता साथियों ने सीएचसी में भर्ती करा दिया था। वह ठीक भी नहीं हुआ था कि उसको सीएचसी से रिलीव कर दिया गया।
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देर शाम उनको महेंद्र के बीमार होने की जानकारी हुई तो वे उसको देखने के लिए सीएचसी पहुंचे तो पता चला कि उसको रिलीव कर दिया गया है। जिस पर वे उसको तलाशते हुए तहसील में पहुंचे तो उन्होंने पाया कि महेंद्र अर्धबेहोशी की स्थिति में वहां पड़ा था। जिस पर वे उसको पुन: लेकर सीएचसी में पहुंचे वहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक उसको देखकर भड़क गया तथा कहा कि किसी भी हालत में उसको भर्ती नहीं करेगा। आरोप है कि चिकित्सक ने अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया। जिस पर तुरंत ही फोन से एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव को जानकारी दी। उन्होंने तहसीलदार अशोक कुमार को भेजा। तहसीलदार ने चिकित्सक को उनके व्यवहार के लिए आडे़ हाथों लिया। उसके बाद महेंद्र को भरती कर उसका इलाज शुरू किया गया। वहीं इसकी जानकारी होने पर और अधिवक्ता वहां पहुंच गए तथा चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। जिनको तहसीलदार ने आश्वासन देकर शांत किया। अधिवक्ता हेमंत कुमार गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में सोमवार को बैठक आहूत की जाएगी। वहीं, सीएचसी प्रभारी सतीश भास्कर का कहना है कि चिकित्सक को इस प्रकार का व्यवहार शोभा नहीं देता है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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