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यूपी: आतंकियों ने मेरठ में नईम और अबसार के जरिये खड़ा किया था नेटवर्क
Sat, 22 Jun 2019 02:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jun 2019 02:20 AM IST
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नईम का फाइल फोटो
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आतंकियों ने महानगर में नईम और अबसार के जरिये नेटवर्क खड़ा किया था। आतंकी संगठन ने हथियार सप्लायरों को मोहरा बनाकर लोगों को जोड़ने का काम शुरू किया था। जिसके चलते एनआईए और एटीएस ने मेरठ में लंबे समय डेरा भी डाला था। कई गोपनीय जानकारी जुटाकर आतंकियों का नेटवर्क तोड़ने के लिए कई लोगों से पूछताछ भी की।
किठौर थानाक्षेत्र का राधना गांव हथियारों बनाने के नाम से बदनाम है। आतंकी संगठन से जुड़े लोग अमरोहा निवासी सुहेल के जरिये राधना निवासी नईम से मिले। नईम और सुहेल आपस में रिश्तेदार बताए गए। नईम ने कई अवैध हथियार संदिग्ध लोगों को उपलब्ध कराए।
जिसके बाद आतंकी संगठन ने मेरठ में अपने पैर फैलाने शुरू किए थे। आरोपियों ने किठौर के एक बाग में ट्रेनिंग सेंटर चलाया। जहां पर युवाओं को जोड़ने का सिलसिला भी चला था। आतंकी किठौर में कई बार हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए आए थे।
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किठौर थानाक्षेत्र का राधना गांव हथियारों बनाने के नाम से बदनाम है। आतंकी संगठन से जुड़े लोग अमरोहा निवासी सुहेल के जरिये राधना निवासी नईम से मिले। नईम और सुहेल आपस में रिश्तेदार बताए गए। नईम ने कई अवैध हथियार संदिग्ध लोगों को उपलब्ध कराए।
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जिसके बाद आतंकी संगठन ने मेरठ में अपने पैर फैलाने शुरू किए थे। आरोपियों ने किठौर के एक बाग में ट्रेनिंग सेंटर चलाया। जहां पर युवाओं को जोड़ने का सिलसिला भी चला था। आतंकी किठौर में कई बार हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए आए थे।
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एनआईए और एटीएस ने सुहेल को गिरफ्तार किया। जिसकी निशानदेही पर नईम को पकड़ा गया। एनआईए ने नईम से पूछताछ कर कई गोपनीय जानकारी जुटाई। उसके बाद एनआईए ने मुंडाली क्षेत्र के जिसौरा गांव से अबसार को गिरफ्तार किया। अबसार अमरोहा की एक मस्जिद में मौलाना था। उसकी भूमिका संदिग्ध थी। एनआईए-एटीएस ने अबसार से भी काफी जानकारी जुटाई। इसके अलावा राधना और जिसौरा के कई लोगों से पूछताछ की।
लिसाड़ीगेट में खंगाला रिकार्ड
आतंकियों से जुड़े नईम और अबसार की गिरफ्तारी के बाद एनआईए व एटीएस ने करीब एक महीने तक मेरठ में डेरा डाला। लिसाड़ीगेट में कई लोगों से पूछताछ की। सुरक्षा एजेंसियों ने लोकल पुलिस से किनारा बनाए रखा। दबिश के दौरान ही उनको इस्तेमाल किया गया।
युवाओं को बनाया था निशाना
आतंकी अपने संगठन में जोड़ने के लिए युवाओं को अपना निशाना बना रहे थे। किठौर में नईम के जरिये ही कई बार मीटिंग भी हुई। लोगों को पैसा का लालच देकर गोपनीय जानकारी जुटाने की बात कही। हालांकि एनआईए और एटीएस ने इन दोनों लोगों के अलावा तीसरे युवक की भूमिका नहीं बताई। एनआईए व एटीएस की कार्रवाई से किठौर में कई संदिग्ध लोग घरों से चले गए थे।
लिसाड़ीगेट में खंगाला रिकार्ड
आतंकियों से जुड़े नईम और अबसार की गिरफ्तारी के बाद एनआईए व एटीएस ने करीब एक महीने तक मेरठ में डेरा डाला। लिसाड़ीगेट में कई लोगों से पूछताछ की। सुरक्षा एजेंसियों ने लोकल पुलिस से किनारा बनाए रखा। दबिश के दौरान ही उनको इस्तेमाल किया गया।
युवाओं को बनाया था निशाना
आतंकी अपने संगठन में जोड़ने के लिए युवाओं को अपना निशाना बना रहे थे। किठौर में नईम के जरिये ही कई बार मीटिंग भी हुई। लोगों को पैसा का लालच देकर गोपनीय जानकारी जुटाने की बात कही। हालांकि एनआईए और एटीएस ने इन दोनों लोगों के अलावा तीसरे युवक की भूमिका नहीं बताई। एनआईए व एटीएस की कार्रवाई से किठौर में कई संदिग्ध लोग घरों से चले गए थे।