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नहीं मिलेगी कैटल कॉलोनी, संचालक खुद बाहर ले जाएंगे डेयरियां
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नहीं मिलेगी कैटल कॉलोनी, संचालक शहर से खुद बाहर ले जाएंगे डेयरियां
सभी केंद्र
04 घंटे तक नगर निगम में किया डेयरी संचालकों ने हंगामा, वार्ता पुलिस लाइन में हुई
- 250-300 डेयरी संचालक पहुंचे, मांगा दो-तीन माह का समय, निगम ने किया इंकार
- नगरायुक्त बोले, 30 जून से पहले सभी डेयरियां बाहर करो, नहीं तो होंगे पशु जब्त
- डेढ़ घंटे तक चली वार्ता, हाईकोर्ट के आदेश के आगे झुके डेयरी संचालक
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। शहर से डेयरियां बाहर करने का अभियान चलाने मंगलवार सुबह निकले नगर निगम के दस्ते का घंटाघर पर 250-300 डेयरी संचालकों से आमना-सामना हो गया। करीब चार घंटे तक नगर निगम में हंगामा हुआ तो उसके बाद पुलिस लाइन में निगम-पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों और डेयरी संचालकों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता हुई। डेयरी संचालकों ने दो-तीन माह का समय मांगा। लेकिन नगरायुक्त ने स्पष्ट कह दिया कि अब न तो कैटल कॉलोनी मिलेगी और न ही 30 जून के बाद का समय। डेयरियां बाहर नहीं कीं तो पशु जब्त होंगे और एफआईआर भी होगी। उसके बाद संचालकों ने खुद ही डेयरियां बाहर करने का निर्णय ले लिया।
शहर में करीब 2200 डेयरियां हैं। जहां से निकल रहे गोबर ने पूरा शहर सड़ा दिया है। सभी नाले चोक पड़े हैं। जिस पर हाईकोर्ट ने डीएम और नगरायुक्त को 30 जून तक हर हाल में शहर से डेयरियां बाहर कराने और एक जुलाई को इसकी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने के आदेश दिए थे। नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान के निर्देश पर मंगलवार को निगम का दस्ता फोर्स लेने एसपी सिटी कार्यालय पहुंचा तो यहां डेयरी संचालक भी जुलूस की शक्ल में पहुंच गए। हालांकि कोई टकराव नहीं हुआ। डेयरी संचालक नारेबाजी करते हुए निगम परिसर पहुंच गए। कुछ संचालक गाय लेकर भी पहुंचे। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला भी पुलिस और आरआरएफ लेकर पहुंच गए। सीओ के समझाने पर डेयरी संचालक एसोसिएशन का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता करने पुलिस लाइन पहुंचा।
डेयरियां बाहर करने पर बनी सहमति
एडीम सिटी महेश चंद शर्मा, एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह, नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, अपर नगरायुक्त अमित सिंह ने डेयरी संचालकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ पुलिस लाइन स्थित सभागार में वार्ता की। जिसमें डेयरी संचालकों ने न्यायालय के आदेश के अनुसार अपनी डेयरियों को स्वयं ही समय सीमा से पहले शहर से बाहर करने का आश्वासन दिया।
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बदर अली को दी चेतावनी
डेयरी संचालकों के प्रदर्शन के चलते मंगलवार को कोई अधिकारी निगम में नहीं बैठा। दिन भर अफरातफरी रही। नगरायुक्त कार्यालय पर कर्मचारियों ने ताला जड़ दिया। वहीं, निगम पहुंचे युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली ने सीओ दिनेश शुक्ला पर दबाव डाला कि उन्हें भी डेयरी संचालकों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया जाए। लेकिन सीओ ने बदर अली को आड़े हाथाें ले लिया। साथ ही चेतावनी दी कि वे इसमें राजनीति न करें।
हम न्यायालय का आदेश मानेंगे
माननीय न्यायालय के आदेश को हम मानने को तैयार हैं। हमने डेयरियों के लिए जगह के साथ दो-तीन माह का समय देने की मांग की थी। लेकिन अधिकारियों ने मना कर दिया। 30 जून से पहले हमें डेयरियों को शहर से बाहर करने का समय दिया है। हम तो बुधवार से ही अपनी डेयरियों को बाहर करने की व्यवस्था शुरू कर देंगे। अन्य सभी लोगों को भी समझाया जाएगा। - महेंद्र सिंह, अध्यक्ष डेयरी संचालक एसोसिएशन
...नहीं तो हम कर देंगे बाहर
नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान के अनुसार मंगलवार से निगम ने डेयरियों के खिलाफ अभियान की शुरूआत की थी। लेकिन कुछ डेयरी संचालकों ने विरोध में जुलूस और हंगामा करना शुरू कर दिया था। जिसके लिए हमने डेयरी संचालकों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल महेंद्र सिंह, राहुल जोशी, हाजी असलम, सुरेंद्र कुमार, अब्दुल वहीद के साथ पुलिस लाइन सभागार में वार्ता की। सभी डेयरी संचालकों ने 12 जून से पहले सभी डेयरियों को शहर से बाहर करने की तैयारी शुरू करने और न्यायालय द्वारा निश्चित समय सीमा 30 जून से पहले सभी डेयरियों को शहर से बाहर करने का आश्वासन दिया है। अगर समय रहते डेयरियों को शहर से बाहर नहीं किया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।
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04 घंटे तक नगर निगम में किया डेयरी संचालकों ने हंगामा, वार्ता पुलिस लाइन में हुई
- 250-300 डेयरी संचालक पहुंचे, मांगा दो-तीन माह का समय, निगम ने किया इंकार
- नगरायुक्त बोले, 30 जून से पहले सभी डेयरियां बाहर करो, नहीं तो होंगे पशु जब्त
- डेढ़ घंटे तक चली वार्ता, हाईकोर्ट के आदेश के आगे झुके डेयरी संचालक
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। शहर से डेयरियां बाहर करने का अभियान चलाने मंगलवार सुबह निकले नगर निगम के दस्ते का घंटाघर पर 250-300 डेयरी संचालकों से आमना-सामना हो गया। करीब चार घंटे तक नगर निगम में हंगामा हुआ तो उसके बाद पुलिस लाइन में निगम-पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों और डेयरी संचालकों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता हुई। डेयरी संचालकों ने दो-तीन माह का समय मांगा। लेकिन नगरायुक्त ने स्पष्ट कह दिया कि अब न तो कैटल कॉलोनी मिलेगी और न ही 30 जून के बाद का समय। डेयरियां बाहर नहीं कीं तो पशु जब्त होंगे और एफआईआर भी होगी। उसके बाद संचालकों ने खुद ही डेयरियां बाहर करने का निर्णय ले लिया।
शहर में करीब 2200 डेयरियां हैं। जहां से निकल रहे गोबर ने पूरा शहर सड़ा दिया है। सभी नाले चोक पड़े हैं। जिस पर हाईकोर्ट ने डीएम और नगरायुक्त को 30 जून तक हर हाल में शहर से डेयरियां बाहर कराने और एक जुलाई को इसकी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने के आदेश दिए थे। नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान के निर्देश पर मंगलवार को निगम का दस्ता फोर्स लेने एसपी सिटी कार्यालय पहुंचा तो यहां डेयरी संचालक भी जुलूस की शक्ल में पहुंच गए। हालांकि कोई टकराव नहीं हुआ। डेयरी संचालक नारेबाजी करते हुए निगम परिसर पहुंच गए। कुछ संचालक गाय लेकर भी पहुंचे। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला भी पुलिस और आरआरएफ लेकर पहुंच गए। सीओ के समझाने पर डेयरी संचालक एसोसिएशन का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता करने पुलिस लाइन पहुंचा।
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डेयरियां बाहर करने पर बनी सहमति
एडीम सिटी महेश चंद शर्मा, एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह, नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, अपर नगरायुक्त अमित सिंह ने डेयरी संचालकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ पुलिस लाइन स्थित सभागार में वार्ता की। जिसमें डेयरी संचालकों ने न्यायालय के आदेश के अनुसार अपनी डेयरियों को स्वयं ही समय सीमा से पहले शहर से बाहर करने का आश्वासन दिया।
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बदर अली को दी चेतावनी
डेयरी संचालकों के प्रदर्शन के चलते मंगलवार को कोई अधिकारी निगम में नहीं बैठा। दिन भर अफरातफरी रही। नगरायुक्त कार्यालय पर कर्मचारियों ने ताला जड़ दिया। वहीं, निगम पहुंचे युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली ने सीओ दिनेश शुक्ला पर दबाव डाला कि उन्हें भी डेयरी संचालकों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया जाए। लेकिन सीओ ने बदर अली को आड़े हाथाें ले लिया। साथ ही चेतावनी दी कि वे इसमें राजनीति न करें।
हम न्यायालय का आदेश मानेंगे
माननीय न्यायालय के आदेश को हम मानने को तैयार हैं। हमने डेयरियों के लिए जगह के साथ दो-तीन माह का समय देने की मांग की थी। लेकिन अधिकारियों ने मना कर दिया। 30 जून से पहले हमें डेयरियों को शहर से बाहर करने का समय दिया है। हम तो बुधवार से ही अपनी डेयरियों को बाहर करने की व्यवस्था शुरू कर देंगे। अन्य सभी लोगों को भी समझाया जाएगा। - महेंद्र सिंह, अध्यक्ष डेयरी संचालक एसोसिएशन
...नहीं तो हम कर देंगे बाहर
नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान के अनुसार मंगलवार से निगम ने डेयरियों के खिलाफ अभियान की शुरूआत की थी। लेकिन कुछ डेयरी संचालकों ने विरोध में जुलूस और हंगामा करना शुरू कर दिया था। जिसके लिए हमने डेयरी संचालकों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल महेंद्र सिंह, राहुल जोशी, हाजी असलम, सुरेंद्र कुमार, अब्दुल वहीद के साथ पुलिस लाइन सभागार में वार्ता की। सभी डेयरी संचालकों ने 12 जून से पहले सभी डेयरियों को शहर से बाहर करने की तैयारी शुरू करने और न्यायालय द्वारा निश्चित समय सीमा 30 जून से पहले सभी डेयरियों को शहर से बाहर करने का आश्वासन दिया है। अगर समय रहते डेयरियों को शहर से बाहर नहीं किया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।