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आयुष चिकित्सालय का टूटने लगा है सपना
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आयुष चिकित्सालय का टूटने लगा है सपना
मवाना। हस्तिनापुर विकास खंड के गांव सदरपुर में प्रशासनिक अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते आयुष चिकित्सालय बनने का सपना टूटता जा रहा है। ग्राम समाज की जमीन पर चिकित्सालय बनाएं जाने को लेकर दस माह पहले प्रस्ताव पास कर दिए जाने के बावजूद भी आज तक अंतिम रिपोर्ट बनाकर शासन को नहीं भेजी गई है, वहीं प्रशासनिक अधिकारी हर बार जांच की बात कहकर मामला टाल देते है।
बनाए जाने थे 29 आयुष अस्पताल
मेरठ जनपद में ग्राम समाज की बंजर भूमि पर प्रस्ताव पास कर 29 आयुष अस्पताल बनाएं जाने थे, ताकि ग्रामीणों को गांव में ही आयुर्वेद से उपचार मिल सके। साथ ही अस्पताल न होने के कारण विभिन्न सरकारी अस्पतालों में बैठे आयुष चिकित्सक को भी यहां स्थानांतरण किया जा सके। इसके लिए गांवों का चयन भी किया गया था। इनमें से हस्तिनापुर ब्लाक के सदरपुर गांव में भी आयुष अस्पताल बनाने के लिए जमीन आवंटित कराने के निर्देश प्रशासन को दिए गए थे।
दस माह पहले किया था प्रस्ताव
आयुष अस्पताल बनाएं जाने को लेकर सदरपुर के प्रधान नेपाल सिंह ने ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ सचिव की उपस्थिति में हुई बैठक में आयुष चिकित्सालय के बारे में जानकारी दी गई। खसरा संख्या 31, 32 व 34 पर बंजर जमीन अस्पताल बनाने की सहमति जताई गई। प्रस्ताव के बाद लेखपाल ने प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन 10 माह बाद भी अंतिम रिपोर्ट नहीं लगाई।
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लेखपाल ग्रामीणों को डरा रहा
ग्राम पंचायत सदस्यों ने बैठक में जमीन पर आयुष अस्पताल बनाने के लिए प्रस्ताव पास किया था। यहां कुछ जमीन पर ग्रामीणों के देवता बने हुए है, लेकिन अस्पताल के निर्माण में कोई अड़चन नहीं आएगी। आरोप है कि अब लेखपाल जमीन पर देवता होने की बात से ग्रामीणों को डरा रहा है। - नेपाल सिंह, प्रधान गांव सदरपुर
प्रधान कराना चाहता है जमीन पर कब्जा
जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। रुपये का कोई मामला नहीं है। अस्पताल की आड़ में प्रधान अपने किसी व्यक्ति को जमीन पर कब्जा कराना चाहता है। जांच के बाद रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी।- अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना
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मवाना। हस्तिनापुर विकास खंड के गांव सदरपुर में प्रशासनिक अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते आयुष चिकित्सालय बनने का सपना टूटता जा रहा है। ग्राम समाज की जमीन पर चिकित्सालय बनाएं जाने को लेकर दस माह पहले प्रस्ताव पास कर दिए जाने के बावजूद भी आज तक अंतिम रिपोर्ट बनाकर शासन को नहीं भेजी गई है, वहीं प्रशासनिक अधिकारी हर बार जांच की बात कहकर मामला टाल देते है।
बनाए जाने थे 29 आयुष अस्पताल
मेरठ जनपद में ग्राम समाज की बंजर भूमि पर प्रस्ताव पास कर 29 आयुष अस्पताल बनाएं जाने थे, ताकि ग्रामीणों को गांव में ही आयुर्वेद से उपचार मिल सके। साथ ही अस्पताल न होने के कारण विभिन्न सरकारी अस्पतालों में बैठे आयुष चिकित्सक को भी यहां स्थानांतरण किया जा सके। इसके लिए गांवों का चयन भी किया गया था। इनमें से हस्तिनापुर ब्लाक के सदरपुर गांव में भी आयुष अस्पताल बनाने के लिए जमीन आवंटित कराने के निर्देश प्रशासन को दिए गए थे।
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दस माह पहले किया था प्रस्ताव
आयुष अस्पताल बनाएं जाने को लेकर सदरपुर के प्रधान नेपाल सिंह ने ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ सचिव की उपस्थिति में हुई बैठक में आयुष चिकित्सालय के बारे में जानकारी दी गई। खसरा संख्या 31, 32 व 34 पर बंजर जमीन अस्पताल बनाने की सहमति जताई गई। प्रस्ताव के बाद लेखपाल ने प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन 10 माह बाद भी अंतिम रिपोर्ट नहीं लगाई।
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लेखपाल ग्रामीणों को डरा रहा
ग्राम पंचायत सदस्यों ने बैठक में जमीन पर आयुष अस्पताल बनाने के लिए प्रस्ताव पास किया था। यहां कुछ जमीन पर ग्रामीणों के देवता बने हुए है, लेकिन अस्पताल के निर्माण में कोई अड़चन नहीं आएगी। आरोप है कि अब लेखपाल जमीन पर देवता होने की बात से ग्रामीणों को डरा रहा है। - नेपाल सिंह, प्रधान गांव सदरपुर
प्रधान कराना चाहता है जमीन पर कब्जा
जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। रुपये का कोई मामला नहीं है। अस्पताल की आड़ में प्रधान अपने किसी व्यक्ति को जमीन पर कब्जा कराना चाहता है। जांच के बाद रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी।- अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना