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रिहायशी इलाके में अवैध रूप से चल रही थी फैक्टरी
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- तंग गली में स्थित फैक्टरी और तपती धूप में आग बुझाने में हांफा सिस्टम
- 11 घंटे तक आग बुझाने में जुटी रही फायरब्रिगेड, दिनभर दहशत में रहे लोग
मेरठ।
स्पोर्ट्स फैक्ट्री रिहायशी इलाके में अवैध रूप से चल रही थी। आग लगने के बाद यह पोल खुली। तंग गली में बनी अवैध फैक्टरी में आग बुझाने में दमकल विभाग हांफ गया। करीब 11 घंटे तक फायरब्रिगेड आग बुझाने में लगी रही। वहीं फूलबाग कॉलोनी के लोग दिनभर दहशत में रहे। आग में कई धमाके भी हुए। इससे फैक्टरी व आसपास के तीन घरों में दरार तक आ गई। फैक्टरी रिहायशी इलाके में होने के चलते वहां भीड़ लगी रही। इससे फायर ब्रिगेड को काफी दिक्कत हुई। एसपी सिटी और एएसपी माइक लेकर लोगों ने अनुरोध करते रहे कि फैक्टरी से दूर रहे और फायरब्रिगेड को आग बुझाने दें।
फैक्टरी से सामान बाहर निकाला
आग की सूचना पर सिविल डिफेंस की टीम भी मौके पर पहुंची। उन्होंने फैक्टरी के आसपास के इलाके के घर से लोगों को निकाला। उन्हें आग से दूर रहने की हिदायत दी। वहीं बगल वाली फैक्टरी से भी स्पोर्ट्स का सामान निकलवाया। इस दौरान वहां पर अफरातफरी का माहौल रहा।
किसने दी फैक्टरी की परमीशन
फैक्टरी में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं मिले। यह मानकों के विपरीत चल रही थी। वहीं रिहायशी इलाके में फैक्टरी चलने की परमीशन किसने दी। एमडीए से भी कोई परमीशन नहीं होना बताया गया। मौके पर पहुंचे डीएम और एसएसपी ने इस फैक्टरी से जुड़ी सारी जानकारी मांगी है।
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बेचैन रहे लोग
फैक्टरी में धमाके होने पर आसपास के घरों में रहने वाले लोग दहशत में रहे। जबकि फायरब्रिगेड और पुलिस प्रशासन आग बुझाने में जुटा था। लगातार पानी की बौछार की जा रही थी। लेकिन आग कम होने का नाम नहीं ले रही थी। फायरब्रिगेड ने कई बार बिल्डिंग में घुसकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद फायरब्रिगेड कर्मियों ने पड़ोसी कैलाश चंद और सुरेंद्र अग्रवाल की छत पर चढ़कर आग को कवर करने का प्रयास किया। आग बुझाने के लिए उनके समबर्सिबल पंप भी चलवाए। गली तंग होने के कारण दमकल वाहन मुश्किल से अंदर आ पा रहे थे।
बेहोश हो गए चार लोग
आग की लपटों से चार लोग झुलस गए। पड़ोसी सुरेंद्र अग्रवाल का मकान आग की चपेट में आने से तप गया। मकान से महिलाओं को निकाला गया। सुरेंद्र का बेटा विकास भी आग को बुझाने में सिविल डिफेंस के साथ लगा रहा। लोगों ने पुलिस और प्रशासन के रेस्पांस पर नाराजगी जताई है। इसकी शिकायत अधिकारियों से भी की।
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- 11 घंटे तक आग बुझाने में जुटी रही फायरब्रिगेड, दिनभर दहशत में रहे लोग
मेरठ।
स्पोर्ट्स फैक्ट्री रिहायशी इलाके में अवैध रूप से चल रही थी। आग लगने के बाद यह पोल खुली। तंग गली में बनी अवैध फैक्टरी में आग बुझाने में दमकल विभाग हांफ गया। करीब 11 घंटे तक फायरब्रिगेड आग बुझाने में लगी रही। वहीं फूलबाग कॉलोनी के लोग दिनभर दहशत में रहे। आग में कई धमाके भी हुए। इससे फैक्टरी व आसपास के तीन घरों में दरार तक आ गई। फैक्टरी रिहायशी इलाके में होने के चलते वहां भीड़ लगी रही। इससे फायर ब्रिगेड को काफी दिक्कत हुई। एसपी सिटी और एएसपी माइक लेकर लोगों ने अनुरोध करते रहे कि फैक्टरी से दूर रहे और फायरब्रिगेड को आग बुझाने दें।
फैक्टरी से सामान बाहर निकाला
आग की सूचना पर सिविल डिफेंस की टीम भी मौके पर पहुंची। उन्होंने फैक्टरी के आसपास के इलाके के घर से लोगों को निकाला। उन्हें आग से दूर रहने की हिदायत दी। वहीं बगल वाली फैक्टरी से भी स्पोर्ट्स का सामान निकलवाया। इस दौरान वहां पर अफरातफरी का माहौल रहा।
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किसने दी फैक्टरी की परमीशन
फैक्टरी में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं मिले। यह मानकों के विपरीत चल रही थी। वहीं रिहायशी इलाके में फैक्टरी चलने की परमीशन किसने दी। एमडीए से भी कोई परमीशन नहीं होना बताया गया। मौके पर पहुंचे डीएम और एसएसपी ने इस फैक्टरी से जुड़ी सारी जानकारी मांगी है।
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बेचैन रहे लोग
फैक्टरी में धमाके होने पर आसपास के घरों में रहने वाले लोग दहशत में रहे। जबकि फायरब्रिगेड और पुलिस प्रशासन आग बुझाने में जुटा था। लगातार पानी की बौछार की जा रही थी। लेकिन आग कम होने का नाम नहीं ले रही थी। फायरब्रिगेड ने कई बार बिल्डिंग में घुसकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद फायरब्रिगेड कर्मियों ने पड़ोसी कैलाश चंद और सुरेंद्र अग्रवाल की छत पर चढ़कर आग को कवर करने का प्रयास किया। आग बुझाने के लिए उनके समबर्सिबल पंप भी चलवाए। गली तंग होने के कारण दमकल वाहन मुश्किल से अंदर आ पा रहे थे।
बेहोश हो गए चार लोग
आग की लपटों से चार लोग झुलस गए। पड़ोसी सुरेंद्र अग्रवाल का मकान आग की चपेट में आने से तप गया। मकान से महिलाओं को निकाला गया। सुरेंद्र का बेटा विकास भी आग को बुझाने में सिविल डिफेंस के साथ लगा रहा। लोगों ने पुलिस और प्रशासन के रेस्पांस पर नाराजगी जताई है। इसकी शिकायत अधिकारियों से भी की।