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नालों पर पक्के अवैध निर्माण देख भड़की महापौर
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नालों पर पक्के अवैध निर्माण देख भड़कीं महापौर
मेरठ। शहर के नालों की सफाई का जायजा लेने निकलीं महापौर ने नालों पर पक्के अवैध निर्माण देखे तो भड़क उठीं। निरीक्षण में जगह-जगह नालों की दीवारें टूटी मिलीं। ओडियन नाले पर मशीन तो चलती मिली, लेकिन पूरा नाला सिल्ट से भरा मिला। महापौर ने नालों के ऊपर से अवैध कब्जे हटाने, नालों की टूटी दीवारों को बनवाने और तली झाड़ सफाई कराने के लिए नगरायुक्त को पत्र लिखा है।
शहर के नालों की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। नगर निगम प्रशासन भले ही नालों की लगातार सफाई की बात कर रहा हो, लेकिन सच्चाई यह है कि नाले साफ ही नहीं हो रहे हैं। इसकी सच्चाई सोमवार को महापौर सुनीता वर्मा के सामने आ गई। उन्होंने घंटाघर कोटला नाले से निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान उनको कई जगह नालों पर अवैध कब्जे दिखाई दिए। यहां तक कि लोगों ने पक्के निर्माण कर दुकानें तक खोल रखी हैं। दुकानदारों ने जगह-जगह अतिक्रमण कर रखा है। नाले के ऊपर डेयरी भी संचालित मिली। आसपास के लोगों ने बोरों में भरकर नाले में कूड़ा डाला हुआ था। इसके कारण नाला सफाई के बाद भी वो चोक मिले। महापौर ने ओडियन नाले का निरीक्षण किया। वह भी सिल्ट से भरा मिला। कांच के पुल से पिलोखड़ी पुल तक नाले की दीवार टूटी मिली। इससे साफ है कि अगर बरसात से पहले नाले की दीवार नहीं बनवाई गई तो बारिश के पानी के साथ नाले की पटरी बह जाएगी।
महापौर सुनीता वर्मा का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण न तो शहर के नाले साफ हो रहे हैं और न ही निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। नालों पर पक्के अवैध निर्माण निगम अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहे हैं। इसके लिए जहां नगरायुक्त को पत्र लिखा जा रहा है, वहीं शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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मेरठ। शहर के नालों की सफाई का जायजा लेने निकलीं महापौर ने नालों पर पक्के अवैध निर्माण देखे तो भड़क उठीं। निरीक्षण में जगह-जगह नालों की दीवारें टूटी मिलीं। ओडियन नाले पर मशीन तो चलती मिली, लेकिन पूरा नाला सिल्ट से भरा मिला। महापौर ने नालों के ऊपर से अवैध कब्जे हटाने, नालों की टूटी दीवारों को बनवाने और तली झाड़ सफाई कराने के लिए नगरायुक्त को पत्र लिखा है।
शहर के नालों की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। नगर निगम प्रशासन भले ही नालों की लगातार सफाई की बात कर रहा हो, लेकिन सच्चाई यह है कि नाले साफ ही नहीं हो रहे हैं। इसकी सच्चाई सोमवार को महापौर सुनीता वर्मा के सामने आ गई। उन्होंने घंटाघर कोटला नाले से निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान उनको कई जगह नालों पर अवैध कब्जे दिखाई दिए। यहां तक कि लोगों ने पक्के निर्माण कर दुकानें तक खोल रखी हैं। दुकानदारों ने जगह-जगह अतिक्रमण कर रखा है। नाले के ऊपर डेयरी भी संचालित मिली। आसपास के लोगों ने बोरों में भरकर नाले में कूड़ा डाला हुआ था। इसके कारण नाला सफाई के बाद भी वो चोक मिले। महापौर ने ओडियन नाले का निरीक्षण किया। वह भी सिल्ट से भरा मिला। कांच के पुल से पिलोखड़ी पुल तक नाले की दीवार टूटी मिली। इससे साफ है कि अगर बरसात से पहले नाले की दीवार नहीं बनवाई गई तो बारिश के पानी के साथ नाले की पटरी बह जाएगी।
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महापौर सुनीता वर्मा का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण न तो शहर के नाले साफ हो रहे हैं और न ही निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। नालों पर पक्के अवैध निर्माण निगम अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहे हैं। इसके लिए जहां नगरायुक्त को पत्र लिखा जा रहा है, वहीं शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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