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आम की फसल को भारी नुकसान
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आम की फसल को भारी नुकसान
किठौर। आम बीमारी के प्रकोप और मौसम की मार के चलते आम आदमी की पहुंच से दूर रह सकता है। इसके चलते दशहरी और चौसा आम दूसरे वर्षों की तुलना में महंगा रह सकता है। पिछले दो सप्ताह में दो बार आई आंधी और ओलावृष्टि ने आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि इस बार अधिक बौर आया था। जिससे बेहतर पैदावार की उम्मीद थी। मौसम की बेरुखी और बीमारियों से आम की फसल को नुकसान पहुंचा है।
इनसे पहुंचा भारी नुकसान
बागवान सलीम खां ने बताया कि रैंगा, हॉपर, सूंडी आदि पेड़ पर लग जाती है। यह आम बनने से पहले ही उसे नष्ट कर देती है।
आठ से नौ रुपये किलो बिका कैरी आम
शाहजहांपुर मंडी के आढ़ती सचिन अग्रवाल, मनोज कंसल ने बताया कि हवा से गिरा आम कई दिनों से शाहजहांपुर मंडी पहुंच रहा है। यहां शुक्रवार को कैरी आम आठ से नौ रुपये किलो बिका।
इन दवा का किया इस्तेमाल
बागवान मसिउल्ला खां ने बताया कि फसल को बीमारी से बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव करने के बाद भी बीमारी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
फसल तैयार होते ही आई बीमारी
बागवान जमील शाह ने बताया कि आम की फसल तैयार होने में काफी लागत आती है। जिसमें जुताई, सिंचाई, धुलाई एवं देखभाल आदि पर खर्चा होता है। यदि आम सही दामों पर बिकता है तो भरपाई हो सकती है।
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नहीं मिलता मुआवजा
बाग मालिक इरफान का कहना है कि आम की फसल को नुकसान से बचाने के लिए सरकारी सहायता नहीं मिलती है। पिछले दो सप्ताह में दो बार आई आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को क्षति पहुंची है। प्राकृतिक प्रकोप से आम की फसल को हुए नुकसान का सरकार मुआवजा देती है। यदि भविष्य में यही हालात रहे तो आने वाले समय में बाग मालिक दूसरा काम करने को मजबूर होंगे।
आधी से ज्यादा फसल प्रभावित
बाग मालिकों का कहना है कि आम के बौर से पैदावार अच्छी होने के आसार लग रहे थे। बीमारियों और मौसम की बेरुखी ने आधी फसल चौपट कर दी है। ओलावृष्टि से भी फसल को नुकसान हुआ है।
लीची ने दी बाजार में दस्तक
शाहजहांपुर मंडी में लीची ने दस्तक दे दी है। इससे मंडी में रौनक बढ़ गई है। शाहजहांपुर मंडी में शुक्रवार को लीची 30 से 80 रुपये प्रतिकिलो बिकी।
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किठौर। आम बीमारी के प्रकोप और मौसम की मार के चलते आम आदमी की पहुंच से दूर रह सकता है। इसके चलते दशहरी और चौसा आम दूसरे वर्षों की तुलना में महंगा रह सकता है। पिछले दो सप्ताह में दो बार आई आंधी और ओलावृष्टि ने आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि इस बार अधिक बौर आया था। जिससे बेहतर पैदावार की उम्मीद थी। मौसम की बेरुखी और बीमारियों से आम की फसल को नुकसान पहुंचा है।
इनसे पहुंचा भारी नुकसान
बागवान सलीम खां ने बताया कि रैंगा, हॉपर, सूंडी आदि पेड़ पर लग जाती है। यह आम बनने से पहले ही उसे नष्ट कर देती है।
आठ से नौ रुपये किलो बिका कैरी आम
शाहजहांपुर मंडी के आढ़ती सचिन अग्रवाल, मनोज कंसल ने बताया कि हवा से गिरा आम कई दिनों से शाहजहांपुर मंडी पहुंच रहा है। यहां शुक्रवार को कैरी आम आठ से नौ रुपये किलो बिका।
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इन दवा का किया इस्तेमाल
बागवान मसिउल्ला खां ने बताया कि फसल को बीमारी से बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव करने के बाद भी बीमारी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
फसल तैयार होते ही आई बीमारी
बागवान जमील शाह ने बताया कि आम की फसल तैयार होने में काफी लागत आती है। जिसमें जुताई, सिंचाई, धुलाई एवं देखभाल आदि पर खर्चा होता है। यदि आम सही दामों पर बिकता है तो भरपाई हो सकती है।
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नहीं मिलता मुआवजा
बाग मालिक इरफान का कहना है कि आम की फसल को नुकसान से बचाने के लिए सरकारी सहायता नहीं मिलती है। पिछले दो सप्ताह में दो बार आई आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को क्षति पहुंची है। प्राकृतिक प्रकोप से आम की फसल को हुए नुकसान का सरकार मुआवजा देती है। यदि भविष्य में यही हालात रहे तो आने वाले समय में बाग मालिक दूसरा काम करने को मजबूर होंगे।
आधी से ज्यादा फसल प्रभावित
बाग मालिकों का कहना है कि आम के बौर से पैदावार अच्छी होने के आसार लग रहे थे। बीमारियों और मौसम की बेरुखी ने आधी फसल चौपट कर दी है। ओलावृष्टि से भी फसल को नुकसान हुआ है।
लीची ने दी बाजार में दस्तक
शाहजहांपुर मंडी में लीची ने दस्तक दे दी है। इससे मंडी में रौनक बढ़ गई है। शाहजहांपुर मंडी में शुक्रवार को लीची 30 से 80 रुपये प्रतिकिलो बिकी।