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रोडवेज वर्कशाप शिफ्ट करने में रोड़ा बनेंगे किसान
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रोडवेज वर्कशाप शिफ्ट करने में रोड़ा बनेंगे किसान
- किसानों का एलान बढ़ा मुआवजा नहीं मिला तो वर्कशाप का नहीं होने देंगे निर्माण
- रैपिड ट्रेेन के भैसाली स्टेशन के लिए शताब्दी नगर में वर्कशॉप शिफ्ट करने का है प्लान
मेरठ।
रैपिड रेल स्टेशन निर्माण के लिए रोडवेज वर्कशॉप को भैसाली बस अड्डे से शताब्दी नगर शिफ्ट करने का फैसला भले ही प्रशासन ने कर लिया हो, लेकिन इसमें बड़ी अड़चन किसान हैं। भाकियू के वरिष्ठ नेता विजयपाल घोपाल ने मुआवजे का समाधान हुए बगैर रोडवेज वर्कशाप नहीं बनने देने का एलान किया है। उनका कहना है कि जब तक किसानों को बढ़ा मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक किसान यहां कोई भी काम नहीं होने देंगे। एमडीए भी दी जाने वाली जमीन की कीमत रोडवेज से लेगा। जबकि रोडवेज जमीन निशुल्क चाहता है।
मेरठ से दिल्ली के बीच शुरू हुई महत्वाकांक्षी परियोजना रैपिड ट्रेेन के स्टेशनों की जमीन के लिए काम शुरू हो गया है। दिल्ली रोड स्थित भैसाली बस अड्डे पर रैपिड ट्रेन का स्टेशन प्रस्तावित है। इसके लिए लखनऊ से पहुंची रोडवेज टीम ने एनसीआरटीसी के साथ मिलकर सर्वे किया था। टीम ने रोडवेज बस अड्डे को यहीं रखते हुए वर्कशॉप को शताब्दीनगर में शिफ्ट करने का प्रस्ताव बनाया है।
इसका पता चलते ही पिछले पांच साल से शताब्दीनगर मुआवजे को लेकर धरना दे रहे किसानों ने आंखें तरेरनी शुरू कर दी हैं। भाकियू के वरिष्ठ नेता विजयपाल का कहना है कि उन्हें पता लगा है कि जिला प्रशासन रैपिड ट्रेन के स्टेशन के लिए रोडवेज वर्कशॉप को शताब्दी नगर में शिफ्ट कर रहा है। लेकिन पिछले पांच साल से जिला प्रशासन और एमडीए किसानों की समस्या का समाधान नहीं कर पाया है। जब तक किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा तब तक किसान रोडवेज वर्कशाप का निर्माण नहीं होने देंगे।
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जमीन के लिए पैसे को लेकर फंसेगा पेंच
एमडीए ने रोडवेज को शहर से बाहर बस अड्डे के लिए जमीन देने के लिए उसकी कीमत मांगी थी। जबकि रोडवेज निशुल्क जमीन की मांग करता रहा है। भैसाली बस अड्डे से लेकर रोडवेज वर्कशॉप और अधिकारी आवास की जमीन भले ही रोडवेज के कब्जे में हो, लेकिन इस जमीन का मालिकाना हक राजस्व विभाग के पास है। यहां से वर्कशॉप शिफ्ट करने की एवज में रोडवेज निशुल्क जमीन की मांग करेगा। ऐसे में एमडीए निशुल्क जमीन देगा या नहीं इस पर सभी की नजर लगी है।
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- किसानों का एलान बढ़ा मुआवजा नहीं मिला तो वर्कशाप का नहीं होने देंगे निर्माण
- रैपिड ट्रेेन के भैसाली स्टेशन के लिए शताब्दी नगर में वर्कशॉप शिफ्ट करने का है प्लान
मेरठ।
रैपिड रेल स्टेशन निर्माण के लिए रोडवेज वर्कशॉप को भैसाली बस अड्डे से शताब्दी नगर शिफ्ट करने का फैसला भले ही प्रशासन ने कर लिया हो, लेकिन इसमें बड़ी अड़चन किसान हैं। भाकियू के वरिष्ठ नेता विजयपाल घोपाल ने मुआवजे का समाधान हुए बगैर रोडवेज वर्कशाप नहीं बनने देने का एलान किया है। उनका कहना है कि जब तक किसानों को बढ़ा मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक किसान यहां कोई भी काम नहीं होने देंगे। एमडीए भी दी जाने वाली जमीन की कीमत रोडवेज से लेगा। जबकि रोडवेज जमीन निशुल्क चाहता है।
मेरठ से दिल्ली के बीच शुरू हुई महत्वाकांक्षी परियोजना रैपिड ट्रेेन के स्टेशनों की जमीन के लिए काम शुरू हो गया है। दिल्ली रोड स्थित भैसाली बस अड्डे पर रैपिड ट्रेन का स्टेशन प्रस्तावित है। इसके लिए लखनऊ से पहुंची रोडवेज टीम ने एनसीआरटीसी के साथ मिलकर सर्वे किया था। टीम ने रोडवेज बस अड्डे को यहीं रखते हुए वर्कशॉप को शताब्दीनगर में शिफ्ट करने का प्रस्ताव बनाया है।
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इसका पता चलते ही पिछले पांच साल से शताब्दीनगर मुआवजे को लेकर धरना दे रहे किसानों ने आंखें तरेरनी शुरू कर दी हैं। भाकियू के वरिष्ठ नेता विजयपाल का कहना है कि उन्हें पता लगा है कि जिला प्रशासन रैपिड ट्रेन के स्टेशन के लिए रोडवेज वर्कशॉप को शताब्दी नगर में शिफ्ट कर रहा है। लेकिन पिछले पांच साल से जिला प्रशासन और एमडीए किसानों की समस्या का समाधान नहीं कर पाया है। जब तक किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा तब तक किसान रोडवेज वर्कशाप का निर्माण नहीं होने देंगे।
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जमीन के लिए पैसे को लेकर फंसेगा पेंच
एमडीए ने रोडवेज को शहर से बाहर बस अड्डे के लिए जमीन देने के लिए उसकी कीमत मांगी थी। जबकि रोडवेज निशुल्क जमीन की मांग करता रहा है। भैसाली बस अड्डे से लेकर रोडवेज वर्कशॉप और अधिकारी आवास की जमीन भले ही रोडवेज के कब्जे में हो, लेकिन इस जमीन का मालिकाना हक राजस्व विभाग के पास है। यहां से वर्कशॉप शिफ्ट करने की एवज में रोडवेज निशुल्क जमीन की मांग करेगा। ऐसे में एमडीए निशुल्क जमीन देगा या नहीं इस पर सभी की नजर लगी है।