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कक्केपुर के किसानों ने गोवंश पंचायत कार्यालय में बांधे
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कक्केपुर के किसानों ने गोवंश पंचायत कार्यालय में बांधे
सरूरपुर। खेतों में आवारा गोवंश फसलों को नष्ट कर रहे हैं। इसको लेकर किसान विरोध जताते हुए अधिकारियों से समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगा रहे हैं। हालांकि अधिकारी किसानों की समस्या पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में किसान परेशान होकर आवारा गोवंशों का घेराव कर सरकारी भवनों में बांध रहे हैं। जिसको लेकर सोमवार को भी ब्लॉक के कक्केपुर गांव में ग्रामीणों ने गोवंश पंचायत कार्यालय में बांध दिए।
कक्केपुर गांव में पहले से एक निजी गोशाला है। इसमें हजारों की तादाद में गोवंश मौजूद हैं, गोशाला संचालक दूध देने योग्य गोवंश को ही पनाह दे देता है जबकि दूध में देने में असमर्थ गोवंश को खुला छोड़ देता है। भूखे-प्यासे ये गोवंश खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिस कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, गोशाला संचालक शासन से लेकर दानवीरों तक से गोवंश की सेवा के नाम पर धन प्राप्त कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन से प्रत्येक गोवंश के खाने की व्यवस्था करने के लिए ग्राम प्रधान को 30 रुपये प्रति गोवंश शासन से प्राप्त हो रहा है, लेकिन ग्राम प्रधान भी गोवंशों के रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर रहा है। जिस कारण किसानों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। यदि यही हाल रहा तो किसान बर्बाद होकर सड़कों पर आ जाएंगे। कक्केपुर के किसानों ने भी आवारा और बेसहारा हो चुके गोवंशों को बंधक बनाकर पंचायत भवन में कैद कर गेट पर ताला जड़ दिया। जिसके बाद एसडीएम से लेकर बीडीओ तक को इस पूरे प्रकरण की सूचना दी गई। इसके बावजूद किसी भी अधिकारी ने गोवंश को गोशाला भिजवाने की जिम्मेदारी नहीं समझी। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में सख्त आदेश दिए हैं कि इन गोवंश को गोशालाओं में भिजवाने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। इस संबंध में किसानों की समस्या को देखते हुए आवारा गोवंशों को गोशाला में भेजा जा रहा है। एसडीएम सरधना अमित कुमार का कहना है कि आवारा गोवंश को गोशाला तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ग्राम सचिव की है। किसानों की समस्या के मद्देनजर कार्रवाई की जाएगी।
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सरूरपुर। खेतों में आवारा गोवंश फसलों को नष्ट कर रहे हैं। इसको लेकर किसान विरोध जताते हुए अधिकारियों से समस्या से निजात दिलाने की गुहार लगा रहे हैं। हालांकि अधिकारी किसानों की समस्या पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में किसान परेशान होकर आवारा गोवंशों का घेराव कर सरकारी भवनों में बांध रहे हैं। जिसको लेकर सोमवार को भी ब्लॉक के कक्केपुर गांव में ग्रामीणों ने गोवंश पंचायत कार्यालय में बांध दिए।
कक्केपुर गांव में पहले से एक निजी गोशाला है। इसमें हजारों की तादाद में गोवंश मौजूद हैं, गोशाला संचालक दूध देने योग्य गोवंश को ही पनाह दे देता है जबकि दूध में देने में असमर्थ गोवंश को खुला छोड़ देता है। भूखे-प्यासे ये गोवंश खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिस कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, गोशाला संचालक शासन से लेकर दानवीरों तक से गोवंश की सेवा के नाम पर धन प्राप्त कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन से प्रत्येक गोवंश के खाने की व्यवस्था करने के लिए ग्राम प्रधान को 30 रुपये प्रति गोवंश शासन से प्राप्त हो रहा है, लेकिन ग्राम प्रधान भी गोवंशों के रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर रहा है। जिस कारण किसानों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। यदि यही हाल रहा तो किसान बर्बाद होकर सड़कों पर आ जाएंगे। कक्केपुर के किसानों ने भी आवारा और बेसहारा हो चुके गोवंशों को बंधक बनाकर पंचायत भवन में कैद कर गेट पर ताला जड़ दिया। जिसके बाद एसडीएम से लेकर बीडीओ तक को इस पूरे प्रकरण की सूचना दी गई। इसके बावजूद किसी भी अधिकारी ने गोवंश को गोशाला भिजवाने की जिम्मेदारी नहीं समझी। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में सख्त आदेश दिए हैं कि इन गोवंश को गोशालाओं में भिजवाने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। इस संबंध में किसानों की समस्या को देखते हुए आवारा गोवंशों को गोशाला में भेजा जा रहा है। एसडीएम सरधना अमित कुमार का कहना है कि आवारा गोवंश को गोशाला तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ग्राम सचिव की है। किसानों की समस्या के मद्देनजर कार्रवाई की जाएगी।
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