फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   गड़बड़झालों में उलझी गंगापुल की मेरठ से कनेक्टिवटी

गड़बड़झालों में उलझी गंगापुल की मेरठ से कनेक्टिवटी

Sat, 01 Jun 2019 02:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jun 2019 02:24 AM IST
विज्ञापन
गड़बड़झालों में उलझी गंगापुल की मेरठ से कनेक्टिवटी
गड़बड़झालों में उलझी गंगापुल की मेरठ से कनेक्टिवटी
विज्ञापन

- ज्यादा रकम लेने के बावजूद भी पूरा नहीं हुआ काम
- घोटालों का आरोप, सीएम कार्यालय से आई जांच
- आयुक्त ने भी जांच कराने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
मेरठ और बिजनौर को जोड़ने के लिए भीकुंड चेतावाला में गंगा नदी पर बन रहे पुल की कनेक्टिवटी गड़बड़झालों में फंसकर रह गई है। आरोप है कि जो रकम सरकार ने मंजूर की, उससे ज्यादा ठेकेदार ने खर्च कर दी और काम अभी अधूरा है। एप्रोच रोड पर मिट्टी डालने में भी खेल की बात कही जा रही है। पूरे प्रकरण पर जहां सीएम स्तर से जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आयुक्त स्तर से भी विस्तृत जांच करने को कहा गया है।
चेतावाला घाट में बन रहे इस पुल के निर्माण का ठेका वर्मा कंस्ट्रक्शन को मिला था। शक्तिप्रकाश वर्मा द्वारा की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस निर्माण में गड़बड़झाला किया गया है। एप्रोच रोड बनाने का अनुबंध तीन करोड़ 36 लाख 580 रुपये का था, लेकिन अब तक भुगतान तीन करोड़ 51 लाख रुपये का किया जा चुका है। हैरत यह है कि अब भी यहां काम अधूरा पड़ा है। इतना ही नहीं, यहां काम में नुकसान और मिट्टी बह जाने का फर्जीवाड़ा कर ठेकेदार ने साठ लाख रुपये इंश्योरेंस के अलग से प्राप्त कर लिए हैं।
विज्ञापन

आरटीआई में खुल रहा खेल
सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में भी खेल पुष्ट होता नजर आ रहा है। ठेकेदार की ओर से दावा किया गया कि बाढ़ जैसी स्थिति होने के कारण एप्रोच रोड की मिट्टी बह गई, लेकिन प्रशासन ने इस अवधि में यह जवाब दिया कि बाढ़ जैसे हालात थे ही नहीं। ऐसे में मिट्टी बहने के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विभागों की मिलीभगत आ रही है सामने
इस पूरे मामले में विभागों की मिलीभगत सामने आ रही है। गंगा की दूसरी तरफ बिजनौर में जहां काम ठीक तरह से हो रहा है तो वहीं मेरठ में काम अधूरा पड़ा है। लोक निर्माण विभाग एप्रोच रोड पर मिट्टी डालने के लिए दस लाख रुपये से ज्यादा रॉयल्टी जमा करने की बात कह रहा है। इस खनन की अनुमति कहां से मिली, इसका कोई अता पता नहीं है।
अब जांच में खुलेंगे राज
शासन के आदेश पर इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू हो गई है। शासन के अलावा आयुक्त स्तर पर भी जांच कराई जा रही है। अहम बात यह है कि गड़बड़झालों ने यहां कनेक्टिवटी की राह कुंद कर दी है। पिछले मानसून में मिट्टी बह जाने की बात कही जा रही है। अब फिर से मानसून आने वाला है और काम अभी जस का तस ही है। उधर वर्मा कंस्ट्रक्शन के निदेशक ओमपाल वर्मा का कहना है कि कोई गड़बड़झाला नहीं हुआ है। जितना पैसा लिया गया है, उसका काम किया गया है। काम इसलिए रुका क्योंकि वन विभाग की लंबे समय बाद एनओसी मिली। इसके अलावा मिट्टी वास्तव में बह गई थी। इसका बाकायदा सर्वे भी हुआ था।

वर्जन
सभी प्रोजेक्टों पर समय से पूरा होना चाहिए। चेतावाला पुल का निर्माण पूरा न होने के क्या कारण है, क्या गड़बड़ी है, इसकी पूरी जांच कराई जाएगी। -अनीता सी मेश्राम, आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed