{"_id":"5ce9ac2ebdec22076e31b305","slug":"155881788710-meerut-news187","type":"story","status":"publish","title_hn":"सब मरीजों को भर्ती करो, किसी को न करें रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सब मरीजों को भर्ती करो, किसी को न करें रेफर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सब मरीजों को भर्ती करो, किसी को न करें रेफर
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों पर संकट गहराया हुआ है। यह संकट खत्म हो जाए, इसके लिए कवायद चल रही है। ज्यादा से ज्यादा मरीजों को भर्ती करने पर जोर है। शनिवार को प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमएस डॉ. धीरज राज, उप अधीक्षक डॉ. दिनेश राणा, चिकित्सक डॉ. लोकेश आदि ने मेडिकल का निरीक्षण किया। प्राचार्य ने हिदायत दी कि सिर्फ गंभीर मरीज को ही रेफर किया जाए, बाकी सबको अस्पताल में भर्ती किया जाए।
एमसीआई के मानकों पर खरे न उतरने के कारण मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 सीटों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वैसे तो कई वजह हैं, मगर मुख्य वजह मरीजों को अस्पताल में कम भर्ती करना माना गया है। बेड केहिसाब से मरीजों को करीब 70 प्रतिशत भर्ती करना था, मगर किया गया सिर्फ 60 प्रतिशत। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पहले 100 सीटें थीं। इन्हें बढ़ाकर साल 2013 में 150 कर दिया गया था। एमसीआई की टीमें तभी से मेडिकल कॉलेज को मानकों पर परख रही है, लेकिन हर बार बढ़ाई गई सीटों को लेकर खामियां रह जाती हैं। अब 50 सीटें घटाएं जाने का संकट गहरा रहा है। पिछले दिनों प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने इस संबंध में पांच विभागों के अध्यक्षों से जवाब तलब किया था। मेडिसिन सर्जरी, गायनिक बालरोग, गायनिक चर्मरोग, मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्षों से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था।
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों पर संकट गहराया हुआ है। यह संकट खत्म हो जाए, इसके लिए कवायद चल रही है। ज्यादा से ज्यादा मरीजों को भर्ती करने पर जोर है। शनिवार को प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमएस डॉ. धीरज राज, उप अधीक्षक डॉ. दिनेश राणा, चिकित्सक डॉ. लोकेश आदि ने मेडिकल का निरीक्षण किया। प्राचार्य ने हिदायत दी कि सिर्फ गंभीर मरीज को ही रेफर किया जाए, बाकी सबको अस्पताल में भर्ती किया जाए।
एमसीआई के मानकों पर खरे न उतरने के कारण मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 सीटों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वैसे तो कई वजह हैं, मगर मुख्य वजह मरीजों को अस्पताल में कम भर्ती करना माना गया है। बेड केहिसाब से मरीजों को करीब 70 प्रतिशत भर्ती करना था, मगर किया गया सिर्फ 60 प्रतिशत। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पहले 100 सीटें थीं। इन्हें बढ़ाकर साल 2013 में 150 कर दिया गया था। एमसीआई की टीमें तभी से मेडिकल कॉलेज को मानकों पर परख रही है, लेकिन हर बार बढ़ाई गई सीटों को लेकर खामियां रह जाती हैं। अब 50 सीटें घटाएं जाने का संकट गहरा रहा है। पिछले दिनों प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने इस संबंध में पांच विभागों के अध्यक्षों से जवाब तलब किया था। मेडिसिन सर्जरी, गायनिक बालरोग, गायनिक चर्मरोग, मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्षों से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था।
विज्ञापन