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मेरठी लेखक ने ‘ज्योतिपुंज’ का किया अंग्रेजी अनुवाद
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मेरठी लेखक ने ‘ज्योतिपुंज’ का किया अंग्रेजी अनुवाद
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित है ज्योतिपुंज
- एयरफोर्स से रिटायर्ड हैं लेखक एके गांधी
मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित ‘ज्योतिपुंज’ किताब का अंग्रेजी अनुवाद क्रांतिधरा के लेखक एके गांधी ने किया है। हालांकि, इसका अनुवाद वर्ष 2015 में ही पूरा कर लिया गया था। लेकिन उनकी इच्छा थी कि जब नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे तब वह उन्हें इस किताब को सौंपेंगे। लेखक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर किताब की प्रति भेजने का निर्णय लिया है। इस किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महान व्यक्तित्व का विस्तार से वर्णन किया है। वहीं, उन्होंने अपनी कविताओें को भी इस किताब में स्थान दिया है।
साल 1995 से एयरफोर्स से रिटायर्ड एके गांधी ने वर्ष 1996 से किताब लिखनी शुरू कर दीं। उन्होंने अपनी पहली किताब ‘द आर्ट ऑफ एस्से राइटिंग’ लिखी थी। इसके बाद उन्होंने ‘प्रताप शिवाजी और छत्रपाल’, दामोदर विनायक, स्वप्नदृष्टा :डॉ. कलाम की जीवनगाथा, 1857:क्रांति एवं क्रांतिधरा, भारतीय थल सेना, वीर दामोदर आदि प्रमुख किताबें लिखीं। उनकी किताबों को नेशनल बुक ट्रस्ट, किताबघर, मध्य प्रदेश ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित की जा चुकी हैं।
261 पेजों की ‘ज्योतिपुंज’
प्रधानमंत्री मोदी की इस किताब में कुल 261 पेज हैं। इस किताब में स्वामी विवेकानंद, गुरु जी माधवराव गोलवलकर, पप्पा जी डॉ. प्राणलाल दोषी, युग ऋषि सप्तर्षि जी, लक्ष्मण राव इनामदार, मोहन भागवत, केशव राव देशमुख, वसंत राव आदि महान व्यक्तित्व को स्थान दिया गया है।
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित है ज्योतिपुंज
- एयरफोर्स से रिटायर्ड हैं लेखक एके गांधी
मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित ‘ज्योतिपुंज’ किताब का अंग्रेजी अनुवाद क्रांतिधरा के लेखक एके गांधी ने किया है। हालांकि, इसका अनुवाद वर्ष 2015 में ही पूरा कर लिया गया था। लेकिन उनकी इच्छा थी कि जब नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे तब वह उन्हें इस किताब को सौंपेंगे। लेखक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर किताब की प्रति भेजने का निर्णय लिया है। इस किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महान व्यक्तित्व का विस्तार से वर्णन किया है। वहीं, उन्होंने अपनी कविताओें को भी इस किताब में स्थान दिया है।
साल 1995 से एयरफोर्स से रिटायर्ड एके गांधी ने वर्ष 1996 से किताब लिखनी शुरू कर दीं। उन्होंने अपनी पहली किताब ‘द आर्ट ऑफ एस्से राइटिंग’ लिखी थी। इसके बाद उन्होंने ‘प्रताप शिवाजी और छत्रपाल’, दामोदर विनायक, स्वप्नदृष्टा :डॉ. कलाम की जीवनगाथा, 1857:क्रांति एवं क्रांतिधरा, भारतीय थल सेना, वीर दामोदर आदि प्रमुख किताबें लिखीं। उनकी किताबों को नेशनल बुक ट्रस्ट, किताबघर, मध्य प्रदेश ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित की जा चुकी हैं।
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261 पेजों की ‘ज्योतिपुंज’
प्रधानमंत्री मोदी की इस किताब में कुल 261 पेज हैं। इस किताब में स्वामी विवेकानंद, गुरु जी माधवराव गोलवलकर, पप्पा जी डॉ. प्राणलाल दोषी, युग ऋषि सप्तर्षि जी, लक्ष्मण राव इनामदार, मोहन भागवत, केशव राव देशमुख, वसंत राव आदि महान व्यक्तित्व को स्थान दिया गया है।
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