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42 दिन का इंतजार खत्म, आज फैसले का दिन
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42 दिन का इंतजार खत्म, आज फैसले का दिन
सुबह आठ बजे से शुरू होगी मतगणना, 532 कर्मचारी लगाए
बुधवार को एसडी सदर इंटर कॉलेज में दिया गया अंतिम प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। 11 अप्रैल को शहर की जनता ने अपना सांसद चुनने के लिए उत्साह के साथ लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व में भागीदारी की। अब फैसले की घड़ी आ गई है। 42 दिन बाद बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से परतापुर कताई मिल में मतगणना शुरू होगी। पिछले एक सप्ताह से पुलिस-प्रशासन की ओर से मतगणना की तैयारियां की जा रही थीं। मतगणना करने वाले कर्मचारियों को दो चरणों में प्रशिक्षण दिया गया। इस बार ईवीएम में वीवीपैट लगे होने से फाइनल रिजल्ट आने में थोड़ा ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है।
बुधवार को एसडी सदर इंटर कॉलेज में मतगणना कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। ऑब्जर्वर नरेंद्र कुमार गुप्ता ने प्रशिक्षण स्थल पर मुख्य विकास अधिकारी आर्यका अखौरी संग निरीक्षण किया। उन्होंने एसडी सदर के कमरा नंबर-35 में बैठकर प्रशिक्षण कार्यक्रम को देखा। दोपहर 2 बजे से शुरू हुआ प्रशिक्षण शाम पांच बजे तक चला। कर्मचारियों को प्रशिक्षण स्थल पर ही मतगणना स्थल की ड्यूटी का पत्र सौंपा गया। मतगणना कर्मचारियों को सुबह छह बजे पहुंचने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। मतगणना में 532 कर्मचारियों को लगाया गया है।
डाक मतपत्रों की सबसे पहले गिनती
सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती पांच टेबल पर की जाएगी। डाक मतपत्रों को 23 मई को ही ट्रेजरी से सुरक्षा बलों और पार्टी प्रतिनिधियों के साथ मतगणना स्थल तक ले जाया जाएगा।
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14 टेबल पर मतगणना, एक आरओ टेबल
मतगणना स्थल पर 14 टेबल पर मतगणना कराई जाएगी। एक टेबल आरओ की होगी। प्रत्येक टेबल पर हर राजनीतिक दल का एजेंट मौजूद होगा। इसके अलावा मतगणना स्थल के अंदर मोबाइल फोन और कैमरे पर प्रतिबंध रहेगा। मतगणना के लिए चार-चार की टीम बनाई गई है, जिसमें सुपरवाइजर, सहायक, ऑब्जर्वर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल रहेंगे।
वीवीपैट देगी रिजल्ट
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मचारियों और अधिकारियों को बताया गया कि अगर आपकी ईवीएम रिजल्ट नहीं दे रही है, तो इसकी सूचना आरओ को देनी होगी। इसके बाद ऐसी मशीनों को अलग रख दिया जाएगा। इसके बाद इस मशीन का रिजल्ट वीवीपैट से पर्चियों के साथ निकाला जाएगा। पहले ईवीएम खराब हो जाने के बाद मैकेनिक को बुलाना पड़ता था। लेकिन वीवीपैट होने से इस समस्या से छुटकारा मिलेगा। मतगणना के दौरान हर विधानसभा की पांच-पांच वीवीपैट का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाना है। ईवीएम मतगणना के समाप्त होने के बाद वीवीपैट पर्चियों का मिलान शुरू होगा।
मतगणना की होगी वीडियोग्राफी, मुफ्त में सीडी
हर बार की तरह इस बार भी मतगणना स्थल के बाहर और अंदर की वीडियोग्राफी आयोग की तरफ से कराने के निर्देश हैं। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी तय कर दी गई है। वहीं, अगर कोई प्रत्याशी मतगणना की वीडियोग्राफी को बाद में देखना चाहता है, तो इसके लिए सीडी तैयार की जाएगी। यह सीडी पार्टी प्रत्याशियों को मुफ्त में दी जाएगी।
मतगणना के राउंड
सिवालखास 26 राउंड
सरधना 26 राउंड
हस्तिनापुर 27 राउंड
किठौर 28 राउंड
मेरठ कैंट 31 राउंड
मेरठ शहर 24 राउंड
मेरठ दक्षिण 34 राउंड
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सुबह आठ बजे से शुरू होगी मतगणना, 532 कर्मचारी लगाए
बुधवार को एसडी सदर इंटर कॉलेज में दिया गया अंतिम प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। 11 अप्रैल को शहर की जनता ने अपना सांसद चुनने के लिए उत्साह के साथ लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व में भागीदारी की। अब फैसले की घड़ी आ गई है। 42 दिन बाद बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से परतापुर कताई मिल में मतगणना शुरू होगी। पिछले एक सप्ताह से पुलिस-प्रशासन की ओर से मतगणना की तैयारियां की जा रही थीं। मतगणना करने वाले कर्मचारियों को दो चरणों में प्रशिक्षण दिया गया। इस बार ईवीएम में वीवीपैट लगे होने से फाइनल रिजल्ट आने में थोड़ा ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है।
बुधवार को एसडी सदर इंटर कॉलेज में मतगणना कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। ऑब्जर्वर नरेंद्र कुमार गुप्ता ने प्रशिक्षण स्थल पर मुख्य विकास अधिकारी आर्यका अखौरी संग निरीक्षण किया। उन्होंने एसडी सदर के कमरा नंबर-35 में बैठकर प्रशिक्षण कार्यक्रम को देखा। दोपहर 2 बजे से शुरू हुआ प्रशिक्षण शाम पांच बजे तक चला। कर्मचारियों को प्रशिक्षण स्थल पर ही मतगणना स्थल की ड्यूटी का पत्र सौंपा गया। मतगणना कर्मचारियों को सुबह छह बजे पहुंचने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। मतगणना में 532 कर्मचारियों को लगाया गया है।
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डाक मतपत्रों की सबसे पहले गिनती
सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती पांच टेबल पर की जाएगी। डाक मतपत्रों को 23 मई को ही ट्रेजरी से सुरक्षा बलों और पार्टी प्रतिनिधियों के साथ मतगणना स्थल तक ले जाया जाएगा।
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14 टेबल पर मतगणना, एक आरओ टेबल
मतगणना स्थल पर 14 टेबल पर मतगणना कराई जाएगी। एक टेबल आरओ की होगी। प्रत्येक टेबल पर हर राजनीतिक दल का एजेंट मौजूद होगा। इसके अलावा मतगणना स्थल के अंदर मोबाइल फोन और कैमरे पर प्रतिबंध रहेगा। मतगणना के लिए चार-चार की टीम बनाई गई है, जिसमें सुपरवाइजर, सहायक, ऑब्जर्वर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल रहेंगे।
वीवीपैट देगी रिजल्ट
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मचारियों और अधिकारियों को बताया गया कि अगर आपकी ईवीएम रिजल्ट नहीं दे रही है, तो इसकी सूचना आरओ को देनी होगी। इसके बाद ऐसी मशीनों को अलग रख दिया जाएगा। इसके बाद इस मशीन का रिजल्ट वीवीपैट से पर्चियों के साथ निकाला जाएगा। पहले ईवीएम खराब हो जाने के बाद मैकेनिक को बुलाना पड़ता था। लेकिन वीवीपैट होने से इस समस्या से छुटकारा मिलेगा। मतगणना के दौरान हर विधानसभा की पांच-पांच वीवीपैट का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाना है। ईवीएम मतगणना के समाप्त होने के बाद वीवीपैट पर्चियों का मिलान शुरू होगा।
मतगणना की होगी वीडियोग्राफी, मुफ्त में सीडी
हर बार की तरह इस बार भी मतगणना स्थल के बाहर और अंदर की वीडियोग्राफी आयोग की तरफ से कराने के निर्देश हैं। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी तय कर दी गई है। वहीं, अगर कोई प्रत्याशी मतगणना की वीडियोग्राफी को बाद में देखना चाहता है, तो इसके लिए सीडी तैयार की जाएगी। यह सीडी पार्टी प्रत्याशियों को मुफ्त में दी जाएगी।
मतगणना के राउंड
सिवालखास 26 राउंड
सरधना 26 राउंड
हस्तिनापुर 27 राउंड
किठौर 28 राउंड
मेरठ कैंट 31 राउंड
मेरठ शहर 24 राउंड
मेरठ दक्षिण 34 राउंड