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सरूरपुर ब्लॉक के ग्राम प्रधान नानू का पद एक बार फिर हुआ अमान्य
Updated Sat, 24 Nov 2018 02:31 AM IST
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सरधना। सरूरपुर ब्लॉक के नानू ग्राम प्रधान नाजिम को एक बार फिर से झटका लगा। एसडीएम मवाना ने कोर्ट के आदेश पर दोबारा से ग्राम प्रधान पद चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया है। नानू में जब ग्राम प्रधान पद अमान्य होता है तो प्रतिद्घंदी इरफान पक्ष खुशी मनाता है। ग्राम प्रधान का पद बहाल होता है तो नाजिम पक्ष खुशी मनाता हैं। ऐसा दो बार पहले भी हो चुका हैं।
19 नवंबर को एसडीएम मवाना ने दोबारा से मामले की सुनवाई के दौरान ग्राम प्रधान चुनाव को फिर से अमान्य घोषित कर दिया गया है। इरफान पक्ष ने फर्जी मतदान के बूते नाजिम पक्ष पर जीत का आरोप लगाया था। यहां तक कि मृतक और विदेश में रहने वाले लोगों की वोट डाली गई थी। उस शिकायत पर ही चुनाव अमान्य कर दिया। वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत पद पर चुनाव हुआ था। चुनाव में नाजिम को ग्राम प्रधान घोषित कर दिया गया और इरफान पुत्र शमशाद हार गया। जिसको लेकर इरफान कोर्ट पहुंचा और फर्जी मतदान के आधार पर नाजिम की जीत होना बताया। मामले की जांच एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव को सौपी गई। इस पर अंकुर श्रीवास्तव ने ग्राम प्रधान नानू के चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया। इसके बाद नाजिम ने एडीजे तृतीय के यहां अपील दायर की और केस की दोबारा से सुनवाई होने तक ग्राम प्रधान पद को मान्य घोषित कर दिया था। दोबारा से मामले की सुनवाई में भी अंकुर श्रीवास्तव ने अपने पुराने आदेश को बरकरार रखा और फिर से नानू ग्राम प्रधान चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया। वहीं, 19 नवंबर को एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव द्वारा सुनाये निर्णय पर ग्राम प्रधान नाजिम का कहना है कि कोर्ट से उनके पक्ष को भी सुनने को कहा गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक पक्षीय फैसला दिया गया हैं।
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19 नवंबर को एसडीएम मवाना ने दोबारा से मामले की सुनवाई के दौरान ग्राम प्रधान चुनाव को फिर से अमान्य घोषित कर दिया गया है। इरफान पक्ष ने फर्जी मतदान के बूते नाजिम पक्ष पर जीत का आरोप लगाया था। यहां तक कि मृतक और विदेश में रहने वाले लोगों की वोट डाली गई थी। उस शिकायत पर ही चुनाव अमान्य कर दिया। वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत पद पर चुनाव हुआ था। चुनाव में नाजिम को ग्राम प्रधान घोषित कर दिया गया और इरफान पुत्र शमशाद हार गया। जिसको लेकर इरफान कोर्ट पहुंचा और फर्जी मतदान के आधार पर नाजिम की जीत होना बताया। मामले की जांच एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव को सौपी गई। इस पर अंकुर श्रीवास्तव ने ग्राम प्रधान नानू के चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया। इसके बाद नाजिम ने एडीजे तृतीय के यहां अपील दायर की और केस की दोबारा से सुनवाई होने तक ग्राम प्रधान पद को मान्य घोषित कर दिया था। दोबारा से मामले की सुनवाई में भी अंकुर श्रीवास्तव ने अपने पुराने आदेश को बरकरार रखा और फिर से नानू ग्राम प्रधान चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया। वहीं, 19 नवंबर को एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव द्वारा सुनाये निर्णय पर ग्राम प्रधान नाजिम का कहना है कि कोर्ट से उनके पक्ष को भी सुनने को कहा गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक पक्षीय फैसला दिया गया हैं।
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